देश के आधे हिस्से पर घने बादलों का घेरा, सैटेलाइट में दिखा मानसून का रौद्र रूप
Aman Vaishnav | Aug 25, 2026, 13:45 IST
मौसम अपडेट
INSAT-3DS सैटेलाइट की नई थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीर में भारत के बड़े हिस्से पर घने मानसूनी बादल दिख रहे हैं। मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर बादलों की एक मोटी चादर छाई हुई है, जिससे तेज बारिश की संभावना है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और इसरो ने मिलकर मानसून की नई तस्वीर ली है।
- इसरो के INSAT-3डीएस सैटेलाइट ने यह थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीर खींची है।
- तस्वीर में मध्य भारत, गंगा के मैदान और पूर्वी राज्यों पर घने बादल दिखते हैं।
- मध्य प्रदेश सहित कई इलाकों में बादली गतिविधि साफ नजर आ रही है।
- सितंबर के पहले दो हफ्तों में पूर्वी भारत में भारी बारिश की आशंका है।
सैटेलाइट तस्वीर में क्या दिखा
ये बादल गहरी संवहन प्रक्रिया से जुड़े हैं। इसका मतलब है कि हवा तेजी से ऊपर उठती है। इससे भारी बारिश और गरज-चमक वाले तूफान बन सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह संकेत है कि मानसून अभी सक्रिय है। हालांकि इसकी तीव्रता और फैलाव अब पहले जैसा एक समान नहीं रहा।
c98018ba-e9b
बादलों की पट्टी कहां तक फैली
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह पैटर्न निम्न दबाव के क्षेत्रों और मॉनसून धाराओं के आपसी मेल से बनता है।
सितंबर के पहले दो हफ्तों में पूर्वी भारत में मध्यम से भारी बारिश के कई दौर आ सकते हैं। जिन जिलों में मिट्टी पहले से गीली है, वहां बाढ़ या जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
मध्य प्रदेश पर क्या असर होगा
इससे प्रदेश के कुछ जिलों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
देश में असमान मानसून का पैटर्न
यह असमानता जलवायु परिवर्तन और मौसमी हवाओं की दिशा बदलने का नतीजा हो सकती है।
जहां पूर्वी भारत में नदियों का जल स्तर बढ़ सकता है, वहीं पश्चिम और दक्षिण के किसान सूखे की चिंता से जूझ सकते हैं। मौसम मॉडल बताते हैं कि यह प्रवृत्ति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। इसका असर कृषि, जल प्रबंधन और शहरी जीवन पर अलग-अलग पड़ेगा।
आगे क्या तैयारी जरूरी है
बाकी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है। किसानों, शहरवासियों और आपदा प्रबंधन टीमों को क्षेत्रीय पूर्वानुमानों पर खास ध्यान देना चाहिए।
मानसून की यह असमानता एक जरूरी संकेत है। यह हमें याद दिलाती है कि जलवायु अब पहले से ज्यादा अनिश्चित हो गई है। ऐसे में समय रहते तैयारी करना बेहद जरूरी हो गया है।
बारिश के दौरान बरतें सावधानी
निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को स्थानीय प्रशासन के अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए। किसानों को सलाह है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर ही खेतों में काम की योजना बनाएं।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, CG और राजस्थान में भी मंडराए बादल
2027 तक महंगी होंगी खाने-पीने की चीजें, सुपर अल नीनो की दोहरी मार बनेगी वजह
MP से लेकर राजस्थान तक बदला मौसम का मिजाज, CG के 4 जिलों में रेड अलर्ट जारी
राजस्थान कांग्रेस की निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग की जांच, 346 पार्षद और 32 विधायक शामिल
By Jyoti Mahender Bhardwaj
हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत, कुचेरा एफआईआर पर लगी अंतरिम रोक
By Jageshwar prasad
छत्तीसगढ़ में नदी प्रदूषण के 30 हजार से ज्यादा मामले, रायपुर सबसे आगे, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
By Harrison Masih
राजस्थान में MBBS की 61% सीटें खाली, NEET UG काउंसलिंग के राउंड-3 में निजी कॉलेजों की स्थिति ने चौंकाया
By Jyoti Mahender Bhardwaj
कर्मचारियों-पेंशनर्स के कैशलेस इलाज में नया पेंच! नॉन-इंपैनल्ड अस्पतालों की लिमिट 4 लाख से घटाकर 1.50 लाख करने का प्रस्ताव
By Amresh Kushwaha
पंचायत चुनाव: 2.27 लाख कर्मचारियों की लगेगी चुनाव ड्यूटी, उपसरपंच चुनाव के बाद ही लौट सकेंगे कर्मचारी
By Jageshwar prasad
एमपी में सरकारी नौकरी: एक लाख पदों पर होगी सीधी भर्ती, सीएम मोहन यादव ने किया एलान, इन पदों पर मिलेगी नौकरी
By Kaushiki