जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में हंगामा: वोटिंग बीच में रोकी, मुख्य चुनाव अधिकारी ने दिया इस्तीफा
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- जबलपुर अधिवक्ता संघ चुनाव में विवाद के बाद मतदान रद्द हुआ।
- मतपत्र लीक और अव्यवस्था के आरोपों से हंगामा बढ़ा।
- मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने इस्तीफा दिया।
- प्रत्याशियों ने निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई।
- नई मतदान तारीख घोषित होने का इंतजार जारी है।
जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ के सत्र 2026-28 के लिए सोमवार को आयोजित वार्षिक चुनाव भारी हंगामे और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ मतदान कुछ ही घंटों में विवादों में घिर गया और पूरी मतदान प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी।
मतपत्र लीक होने, मतपत्रों की कमी, मतदान में अत्यधिक देरी और अव्यवस्थित प्रबंधन को लेकर अधिवक्ताओं ने तीखा विरोध किया। बढ़ते विवाद के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने चुनाव प्रक्रिया से स्वयं को अलग करते हुए इस्तीफा दे दिया। इसके बाद चुनाव स्थल पर सैकड़ों अधिवक्ताओं और प्रत्याशियों ने प्रदर्शन कर चुनाव समिति के खिलाफ नारेबाजी की।
मतपत्र लीक और अव्यवस्था के आरोपों से बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मतदान शुरू होने के बाद ही कई अधिवक्ताओं ने मतपत्रों के लीक होने और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। मतपत्रों की कमी और मतदान की धीमी रफ्तार से लंबी कतारें लग गईं।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नाराज अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और विवाद के दौरान कुछ मतपत्र फाड़े जाने की भी जानकारी सामने आई। पहले निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से चलने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही समय बाद हालात पूरी तरह बदल गए और मतदान रोकने की नौबत आ गई।
प्रदर्शन के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी का इस्तीफा
मतदान निरस्त किए जाने के निर्णय के बाद चुनाव स्थल पर तनाव और बढ़ गया। विभिन्न पदों के प्रत्याशी और अधिवक्ता चुनाव अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की पर्याप्त तैयारी नहीं की गई, जिसके कारण पूरे चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।
बढ़ते दबाव और अव्यवस्था के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लिखित रूप से बताया कि उत्पन्न परिस्थितियों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराना संभव नहीं रह गया था, इसलिए मतदान प्रक्रिया निरस्त की गई है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी राज्य अधिवक्ता परिषद को भेजी जा रही है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए उठाई आवाज
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अधिवक्ता मनीष मिश्रा ने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान निर्धारित था, लेकिन शुरुआत से ही ऐसी अव्यवस्थाएं सामने आने लगीं जिनसे निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं लग रहा था।
अधिवक्ता मिश्रा ने कहा कि प्रत्याशियों ने निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई, जिसके बाद अपील समिति ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए मतदान प्रक्रिया निरस्त कर दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही नई मतदान तिथि घोषित की जाएगी और नई चुनाव समिति के गठन की प्रक्रिया भी अपील समिति तय करेगी।
किसी को व्यक्तिगत दोष देना उचित नहीं
मनीष मिश्रा ने कहा कि प्रत्याशियों का चुनाव अधिकारी पर पूरा विश्वास था, लेकिन चुनाव में अपेक्षा से अधिक मतदान और व्यवस्थाओं का सही आकलन नहीं हो सका।
यदि समय रहते सुझावों पर ध्यान दिया जाता तो शायद मतदान रद्द करने जैसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि यह अधिवक्ताओं का पारिवारिक चुनाव है और चुनाव कराने वाले भी अधिवक्ता ही हैं, इसलिए किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार विवाद बढ़ने के बाद अपील समिति ने हस्तक्षेप कर अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए मतदान निरस्त करने का निर्णय लिया।
प्रत्याशियों की मेहनत पर फिरा पानी, नई तारीख का इंतजार
चुनाव रद्द होने से महीनों से प्रचार-प्रसार और चुनावी तैयारियों में जुटे सभी प्रत्याशियों को बड़ा झटका लगा है। उम्मीदवारों का कहना है कि समय, मेहनत और संसाधनों पर पानी फिर गया।
अब जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर नई तारीख घोषित होने का इंतजार है। न्यायालय परिसर में चर्चा है कि नई चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में कुछ समय लग सकता है, हालांकि अंतिम निर्णय अपील समिति और संबंधित चुनाव प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा।
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