जबलपुर जिला बार में वोटिंग 28 जुलाई को, बवाल के बाद रद्द हुआ था मतदान
समझें क्या है पूरा मामला
- 20 जुलाई का मतदान हंगामे के बाद बीच में ही रद्द हो गया था।
- मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदान निरस्त कर इस्तीफा दे दिया था।
- राज्य अधिवक्ता परिषद ने नई एडहॉक समिति बनाई थी।
- नए मुख्य चुनाव अधिकारी दिनेश उपाध्याय की नियुक्ति हुई।
- अब 28 जुलाई को दोबारा मतदान और 29 जुलाई को मतगणना होगी।
नई तारीख पर जबलपुर जिला बार चुनाव की तैयारी
जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ चुनाव फिर पटरी पर लौट आया है। विवाद के कारण रुका चुनाव अब नई तारीख पर होगा। मुख्य चुनाव अधिकारी दिनेश उपाध्याय ने नया चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार 28 जुलाई 2026 को मतदान होगा। अगले दिन 29 जुलाई को मतगणना होगी। इसके साथ ही नई कार्यकारिणी का रास्ता भी साफ हो गया है।
20 जुलाई का मतदान क्यों हुआ था रद्द
20 जुलाई को जिला बार का मतदान शुरू हुआ था। कुछ ही देर में चुनाव विवादों में घिर गया। मतपत्रों को लेकर सवाल उठे। अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आईं। चुनाव स्थल पर हंगामा बढ़ गया। इसके बाद मतदान रद्द कर दिया गया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने पूरे चुनाव को रोक दिया था।
राज्य अधिवक्ता परिषद ने बदली पूरी व्यवस्था
विवाद के बाद मामला मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद पहुंचा। परिषद ने नई एडहॉक समिति बनाई। नए मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की गई। परिषद ने बची हुई चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने पर जोर दिया गया।
28 जुलाई को सुबह से शाम तक होगा मतदान
नई अधिसूचना के अनुसार मतदान 28 जुलाई को होगा। मतदान सुबह 10:30 बजे शुरू होगा। शाम 5 बजे तक अधिवक्ता अपने मत डाल सकेंगे। चुनाव में जिला अधिवक्ता संघ की नई कार्यकारिणी चुनी जाएगी। कोर्ट परिसर में चुनाव को लेकर फिर से हलचल बढ़ गई है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए बनाई गई व्यवस्था
इस बार चुनाव में अतिरिक्त सावधानी रखी गई है। जिला न्यायाधीश द्वारा नामित छह न्यायिक अधिकारी निगरानी करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता रवि रंजन श्रीवास्तव और गिरीश श्रीवास्तव को पर्यवेक्षक बनाया गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी की मदद के लिए 12 चुनाव अधिकारियों की टीम भी तैनात रहेगी। पूरी व्यवस्था का मकसद पारदर्शी मतदान कराना है।
29 जुलाई को आएंगे चुनाव परिणाम
मतदान के अगले दिन मतगणना शुरू होगी। सबसे पहले अध्यक्ष पद की मतगणना होगी। इसके बाद सचिव, महिला उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सह सचिव और पुस्तकालय सचिव के मत गिने जाएंगे। अंत में कार्यकारिणी सदस्यों की मतगणना होगी। सभी पदों की गिनती पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।
अधिवक्ताओं की नजर अब मतदान के दिन पर
पिछली बार की घटनाओं ने चुनाव पर सवाल खड़े किए थे। इस बार नई व्यवस्था से भरोसा लौटाने की कोशिश है। अधिवक्ताओं को उम्मीद है कि मतदान शांतिपूर्ण रहेगा। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार हुआ तो 29 जुलाई को जिला बार को नई कार्यकारिणी मिल जाएगी।
ये भी पढ़ें...
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और सीएम मोहन यादव की 15 मिनट मुलाकात, बोले तुलसी का टिकट कटेगा
क्लर्क ने गरीब बनकर सरकारी पैसों से कराया इलाज, लगाया लाखों का चूना
तानसेन की नगरी बनेगी दुनिया का नया संगीत पर्यटन केंद्र उधार लेकर कर्ज चुका रही एमपी सरकार, CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा