जबलपुर क्रूज हादसा: द सूत्र की खबर पर लगी मुहर, गोपनीय पत्र बना जांच का अहम सबूत
ऐसे समझें पूरा मामला...
- द सूत्र ने पहले ही EXCLUSIVE खबर में गोपनीय पत्र का खुलासा किया था।
- पत्र में क्रूज के दोनों इंजनों में गंभीर खराबी की जानकारी दी गई थी।
- जांच आयोग तक पहुंचा दस्तावेज अब जांच का मुख्य आधार बना।
- रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी ने माना कि एक्शन क्यों नही हुआ, यह जांच का विषय।
- MPT के तीन अधिकारियों को बयान के लिए तलब किया गया।
बरगी क्रूज हादसे में वह गोपनीय पत्र, जिसे सूत्र ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पहले ही उजागर किया था, अब न्यायिक जांच का सबसे अहम आधार बन गया है।
पत्र में साफ चेतावनी दी गई थी कि क्रूज का एक इंजन खराब है और दूसरा भी ठीक से स्टार्ट नहीं हो रहा। अब यही दस्तावेज जांच आयोग तक पहुंच चुका है और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
द सूत्र की खबर में दिखाया गया पत्र
जबलपुर क्रूज हादसा जांच में अब वह गोपनीय पत्र सबसे अहम कड़ी बन चुका है, जिसे द सूत्र ने अपनी एक्सक्लूसिव खबर में पहले ही उजागर कर दिया था। उस समय यह दावा किया गया था कि हादसे वाली क्रूज की तकनीकी स्थिति बेहद खराब थी और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले से दी जा चुकी थी।
अब वही पत्र न्यायिक जांच आयोग तक पहुंच गया है और पूरे मामले की जांच का मुख्य आधार बनता दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह गोपनीय पत्र अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन आयोग के संज्ञान में पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।
एक इंजन खराब, दूसरे में भी दिक्कत
सूत्र द्वारा पहले उजागर किए गए इस पत्र में साफ उल्लेख किया गया था कि क्रूज का एक इंजन पूरी तरह खराब हो चुका था, जबकि दूसरा इंजन भी स्टार्ट होने में लगातार परेशानी पैदा कर रहा था।
यह जानकारी मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग के रीजनल स्तर तक पहुंचाई गई थी। इसके बावजूद क्रूज का संचालन नहीं रोका गया और उसे लगातार पर्यटकों के साथ पानी में उतारा जाता रहा।
अब जांच आयोग इसी बिंदु पर यह समझने की कोशिश कर रहा है कि जब तकनीकी खराबी की जानकारी पहले से मौजूद थी, तब सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
जांच आयोग ने तलब किए अधिकारी
बरगी हादसे की जांच कर रहे रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी ने बताया कि यह पत्र उनके संज्ञान में आ चुका है और अब यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह जांच का प्रमुख विषय रहेगा।
आयोग ने बयान दर्ज करने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा, मैकल वोट क्लब के मैनेजर और एमपी टूरिज्म के टेक्निकल एक्सपर्ट को तलब किया है।
बुधवार दोपहर टेक्निकल एक्सपर्ट ने आयोग के सामने अपने बयान दर्ज कराए, जबकि अन्य अधिकारियों से भी जवाब मांगे गए हैं। आयोग अब तकनीकी रिपोर्ट, पत्राचार और संचालन संबंधी रिकॉर्ड के आधार पर यह तय करेगा कि आखिर इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
नियमों में सुधार पर होगा फोकस
जांच आयोग केवल दोषियों की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता। रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी ने संकेत दिए हैं कि आयोग यह भी देख रहा है कि मौजूदा नियमों और निगरानी व्यवस्था में ऐसी कौन-सी कमियां थीं, जिनकी वजह से खतरे की चेतावनियों के बावजूद क्रूज का संचालन जारी रहा।
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