जबलपुर से 4 घंटे में पहुंचेंगे रायपुर: सिंहस्थ से पहले बनेगा 6 लेन एक्सप्रेसवे

Jitendra Shrivastava | Sept 25, 2026, 20:25 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. जबलपुर से रायपुर के बीच 6 लेन एक्सप्रेसवे बनेगा। इससे 350 किमी का सफर 7 घंटे से घटकर 4 घंटे का रह जाएगा। MP और CG दोनों को फायदा होगा।

जबलपुर और रायपुर के बीच 6 लेन एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। यह भारत माला प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इससे 350 किलोमीटर का सफर सिर्फ 4 घंटे में पूरा होगा। अभी इस रूट पर 6 से 7 घंटे लगते हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।



जबलपुर और रायपुर के बीच अब सफर पहले से कहीं आसान होने वाला है। यहां जल्द ही एक नया 6 लेन एक्सप्रेसवे ( Expressway) बनेगा। इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी समय के लिहाज से काफी कम हो जाएगी।



यह एक्सप्रेस वे भारत माला परियोजना का हिस्सा है। साथ ही यह रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से भी जुड़ा हुआ है। इससे यह इलाका आर्थिक रूप से भी मजबूत होगा।



अभी कितना समय लगता है

जबलपुर से रायपुर के बीच दूरी करीब 350 किलोमीटर है। अभी इस सफर में 6 से 7 घंटे लगते हैं। नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने के बाद यह समय घटकर 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा। इससे लोगों का समय भी बचेगा और ईंधन भी कम खर्च होगा।



किन जिलों को होगा फायदा

मध्य प्रदेश के जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला और डिंडौरी जिलों को इस प्रोजेक्ट से सीधा फायदा होगा। यहां जमीन अधिग्रहण के साथ ही व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार के नए मौके भी मिल सकते हैं।



क्या है पूरा रूट

यह कॉरिडोर जबलपुर से शुरू होकर मंडला और डिंडौरी से होते हुए चिल्फीघाटी तक जाएगा। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करेगा। वहां से यह कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा से गुजरते हुए रायपुर तक पहुंचेगा।



रास्ते में चिल्फीघाटी जैसा पहाड़ी और तीखे मोड़ों वाला इलाका भी आता है। बताया जा रहा है कि इसे आधुनिक तकनीक की मदद से सुगम बनाया जाएगा। इसके अलावा रास्ते में एनिमल अंडरपास और वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग भी बनाए जाएंगे। इससे जंगली जानवरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।



jabalpur raipur expressway route


DPR और जमीन अधिग्रहण

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य मिलकर इस प्रोजेक्ट की संयुक्त डीपीआर (DPR – Detailed Project Report) तैयार करेंगे। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। यह काम दोनों राज्यों के समन्वय से हो रहा है।



सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होने की उम्मीद

इस बात की संभावना जताई जा रही है कि यह एक्सप्रेसवे उज्जैन सिंहस्थ 2028 से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सीधा फायदा मिलेगा। यह कॉरिडोर भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। इससे भोपाल तक की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।



आंध्र प्रदेश तक भी मिलेगी कनेक्टिविटी

यह एक्सप्रेसवे रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर का भी हिस्सा है। ऐसे में जबलपुर के लोग नए रूट से आंध्र प्रदेश तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे।



भोपाल से जुड़ने के बाद इसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बड़ी आर्थिक लाइफलाइन माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट दोनों राज्यों के व्यापार और पर्यटन, दोनों को बढ़ावा देगा।



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