कैलारस शक्कर मिल के लिए EOI जारी, 30 साल की लीज पर मिलेगी, मांगे रुचि पत्र
समझें क्या है पूरा मामला...
- कैलारस शक्कर मिल आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा कदम।
- विधायक के अनशन को जीतू पटवारी का मिला समर्थन।
- राहुल गांधी ने कैलारस आने पर जताई सहमति।
- सरकार ने मिल के लिए मांगे रुचि पत्र।
- मुरैना बंद का कार्यक्रम अचानक हुआ निरस्त।
कैलारस शक्कर मिल को लेकर आंदोलन बड़ा हो गया है। विधायक पंकज उपाध्याय 15 अगस्त से आमरण अनशन पर हैं। इसी बीच सरकार ने मिल के लिए नया नोटिस जारी किया है। नोटिस में मिल को 30 साल की लीज पर देने की बात कही गई है।
वहीं, अनशन के दौरान राहुल गांधी ने फोन पर विधायक पंकज उपाध्याय से बात की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
मुरैना जिले के कैलारस में शक्कर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसी बीच राज्य सरकार ने मिल को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने 21 अगस्त को मिल के लिए EOI यानी रुचि पत्र, Expression of Interest जारी किया है। इसमें मिल को इच्छुक कंपनियों को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस नोटिस ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है।
पटवारी ने अनशन स्थल पहुंचकर दिया समर्थन
शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कैलारस पहुंचे। उन्होंने विधायक पंकज उपाध्याय से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। पटवारी ने किसानों और मजदूरों को भी संबोधित किया। उन्होंने मिल को हजारों परिवारों की आजीविका से जोड़ा।
उन्होंने सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की। पटवारी ने कहा कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो एक लाख किसानों के साथ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसी मुलाकात के दौरान उन्होंने राहुल गांधी से फोन पर विधायक की बात भी कराई।
राहुल गांधी ने कैलारस आने पर जताई सहमति
पटवारी ने राहुल गांधी को कैलारस आने का न्योता दिया। राहुल गांधी ने इस पर सहमति जताई है। इससे आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर बड़ी ताकत मिली है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
आंदोलन के बीच 21 अगस्त को जारी हुआ नोटिस
सरकार के नोटिस में कैलारस शक्कर मिल को गैर चालू बताया गया है। यह मिल नेशनल हाईवे 552 के पास स्थित है। नोटिस के अनुसार मिल की क्षमता 1250 टीसीडी है। यानी यहां रोज 1250 टन गन्ना पेरा जा सकता है।
मिल परिसर में भवन, मशीन और गोदाम शामिल हैं। इसके साथ करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन भी इसमें आती है। सरकार अब इस पूरे ढांचे को लीज पर देने की तैयारी में है।
30 साल की लीज पर मिलेगी मिल
नोटिस में लीज की अवधि 30 साल तय की गई है। जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इच्छुक और योग्य कंपनियां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। कंपनी को मिल मौजूदा हालत में ही लेनी होगी।
मतलब कंपनी को उपलब्ध संसाधनों के साथ ही काम शुरू करना होगा। मिल की जांच के लिए साइट विजिट की व्यवस्था भी रखी गई है।
मिल देखने के लिए तय हुए दो दिन
इच्छुक कंपनियां 31 अगस्त को मिल का निरीक्षण कर सकेंगी। साइट विजिट सुबह 11 बजे से शुरू होगी। एक सितंबर को भी साइट विजिट रखी गई है। इसके लिए पहले लिखित सूचना देना जरूरी होगा।
साइट विजिट के लिए संपर्क अधिकारी भी तय किए गए हैं। मिल के महाप्रबंधक भास्कर शर्मा और लिक्विडेटर लोकेश शर्मा से संपर्क किया जा सकता है।
आवेदन की आखिरी तारीख 15 सितंबर
सरकार ने पूरी प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय कर दी है। लिखित सवाल सात सितंबर तक भेजे जा सकेंगे। आठ सितंबर को इनके जवाब दिए जाएंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर शाम पांच बजे तक है। आवेदन 16 सितंबर शाम चार बजे खोले जाएंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से होगी।
क्या EOI जारी होना आंदोलन की जीत है
EOI जारी होना आंदोलन के लिहाज से बड़ा घटनाक्रम जरूर है। लेकिन इसे सीधे अनशन का नतीजा मानना जल्दबाजी होगी। सरकार ने नोटिस में एक साल पुराना कैबिनेट फैसला भी बताया है। यह फैसला 19 अगस्त 2025 को लिया गया था।
उस फैसले में मिल की जमीन एमएसएमई विभाग, MSME – Micro Small and Medium Enterprises को दी गई थी। सरकार ने उस समय रोजगार बढ़ाने की बात कही थी। अब उसी प्रक्रिया के तहत मिल चलाने के लिए नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
संघर्ष समिति ने बताई बड़ी संख्या में मौजूदगी
कैलारस में आंदोलन का असर लगातार बढ़ रहा है। संघर्ष समिति के आह्वान पर बड़ी सभा भी हुई। समिति ने करीब 15 हजार लोगों की मौजूदगी का दावा किया है। सभा स्थल के आसपास वाहनों की करीब दस किलोमीटर लंबी कतार देखी गई।
समिति प्रमुख अशोक तिवारी ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने किसानों की लड़ाई में साथ रहने की बात कही। समिति ने कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन होने का भी दावा किया है।
मुरैना बंद का कार्यक्रम हुआ निरस्त
पहले संघर्ष समिति ने 22 अगस्त को जिले भर में बंद का आह्वान किया था। इसमें करीब 775 गांवों में बंद रखने की अपील की गई थी। लेकिन अब मुरैना बंद का यह कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है।
इसकी जगह अगले दिन सुबह 11 बजे आमरण अनशन स्थल पर सभी लोग एकत्रित होंगे। वहीं आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
अब आगे क्या होगा
अब सबसे बड़ा सवाल मिल के दोबारा चलने को लेकर है। सरकार ने इसके लिए कंपनियों से रुचि पत्र मांगे हैं। आगे आने वाले प्रस्तावों से तस्वीर और साफ होगी। किसान चाहते हैं कि मिल जल्द से जल्द फिर शुरू हो।
विधायक पंकज उपाध्याय का अनशन अब भी जारी है। जीतू पटवारी के समर्थन से आंदोलन को राजनीतिक मजबूती मिली है। अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और अनशन स्थल पर होने वाली बैठक पर टिकी है।
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