31 दिसंबर के बाद नए जिलों और तहसील की सीमाओं में बदलाव पर लगेगा रोक, जनगणना 2027 की तैयारियां जोरों पर
जनगणना 2027 के काम की शुरुआत मध्य प्रदेश में जल्द ही होने वाली है। इसमें यह तय किया गया है कि 3
होंगे। इस समिति का उद्देश्य जनगणना कार्य में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
समिति के सदस्य और कार्य
समिति में गृह विभाग, विज्ञान प्रौद्योगिकी, नगरीय विकास और आवास, सामान्य प्रशासन विभाग, योजना और आर्थिक सांख्यिकी, वित्त, पंचायत ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, राजस्व, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क विभाग, और एनआईसी (NIC) जैसे प्रमुख विभागों को सदस्य बनाया गया है। इन कामजनगणना कार्य निदेशालय और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाना है।
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जनगणना 2027 के नियमों के बारे में एक नजर
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जनगणना कार्य के दो चरण
जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा।
पहला चरण - मकान सूचीकरण और मकानों की संख्या
पहला चरण अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की संख्या का कार्य किया जाएगा। राज्य सरकार को यह कार्य 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।
दूसरा चरण - जनसंख्या की गणना
दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा।
उच्च स्तरीय समिति करेगी मदद
जनगणना के लिए संदर्भ की तिथि 1 मार्च 2027 मध्य रात्रि निर्धारित की गई है। राज्य सरकार की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति यह सुनिश्चित करेगी कि जनगणना के दोनों चरणों में शासन के मध्य अपेक्षित सहयोग और समन्वय स्थापित हो। बता दें कि, जनगणना निदेशालय 2027 में जनगणना कराने के लिए तैयारी तेज कर दी है।
इस समिति की 31 दिसंबर 2025 को होने वाली बैठक में कर्मचारियों की उपलब्धता, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, और फील्ड स्टाफ के प्रशिक्षण के मुद्दे पर चर्चा होगी।