हर जिले में बनेगा स्टेडियम, खुलेंगी नई IIT, मोहन यादव ने किया नई योजनाओं का ऐलान
मध्यप्रदेश में नागरिकों के विकास और सुविधाओं को नई ऊंचाई देने के लिए मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, प्रदेश में इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति लागू करने की योजना बनाई गई है। इस नीति के तहत निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य के संभागीय मुख्यालयों को क्षेत्रीय आर्थिक विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। सरकारी बिल्डिंगों में सोलर रूफटॉप बनाने की योजना भी मिशन मोड में लागू की जाएगी।
हर जिले में खेल और तकनीकी शिक्षा का विकास
किसानों के लिए सौर ऊर्जा पंप और आधुनिक तकनीक
सरकार ने अगले चार सालों में सभी किसानों को सोलर पावर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इससे किसानों को बिजली आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, 1.25 लाख किसानों को अस्थायी बिजली कनेक्शन की जगह सोलर पावर पंप दिए जाएंगे।
प्रदेश में गौशालाओं और डेयरी उद्योग का विकास
प्रदेश के प्रमुख नगरों में आधुनिक गौशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी। इसके अलावा, 1447 करोड़ रुपये के निवेश से अगले पांच सालों में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना है। यह कदम मध्य प्रदेश को देश की डेयरी कैपिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
उद्यानिकी विकास के लिए इजराइल का सहयोग
उद्यानिकी विकास (horticulture development) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में इजराइल के सहयोग से तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इससे कृषि और बागवानी में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा।
परिवहन और शहरी विकास के लिए नई योजनाएं
प्रदेश में सड़कों और परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए नई लोक परिवहन कंपनी शुरू की जाएगी। इंदौर, उज्जैन और रीवा में नए आईटी पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ब्यावरा जैसे क्षेत्रों को मिलाकर महानगरीय क्षेत्र बनाए जाएंगे।
डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम
मोहन सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का ऐलान किया है। सभी सरकारी और ऑटोनोमस महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की जाएगी।
सरकार की उपलब्धियां
सरकार ने छह महीनों में 3.5 लाख समन ऑनलाइन माध्यम से तामील किए हैं। वॉट्सऐप और ई-रक्षक एप का इस्तेमाल इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किया गया। इसके अलावा, होमगार्ड के 4 हजार 657 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
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