एमपी हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट मिलेंगे ऑनलाइन, 80 लाख दस्तावेज डिजी लॉकर पर होंगे अपलोड

Amresh Kushwaha | Aug 04, 2025, 17:53 IST
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मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर पर 80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज अपलोड किए हैं। जानिए कैसे यह डिजिटल पहल आम लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड (MP Housing Board) ने अब अपनी 80 लाख प्रॉपर्टी से जुड़े सभी दस्तावेज डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवा दिए हैं। इसके साथ ही राज्य के नागरिकों के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। इससे उनकी प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज अब सुरक्षित, सुविधाजनक और हमेशा उपलब्ध रहेंगे। वहीं आग लगने, चोरी होने या किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण दस्तावेज खोने की चिंता समाप्त हो जाएगी।



डिजी लॉकर में दस्तावेज होने के क्या है लाभ?

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80 लाख प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स को डिजिटल रूप में लाना

अब तक 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज डिजी लॉकर पर अपलोड किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 8 महीने की कड़ी मेहनत के बाद हाउसिंग बोर्ड ने सभी दस्तावेजों को स्कैन करके डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया है। अब यह सुविधा पूरे मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी, जो प्रॉपर्टी खरीदने के बाद अपने दस्तावेज ऑनलाइन देख सकेंगे।



डिजी लॉकर पर उपलब्ध दस्तावेजों की संख्या

मध्यप्रदेश सरकार के 101 प्रकार के दस्तावेज अब डिजी लॉकर पर उपलब्ध हैं। इस पहल के तहत हाउसिंग बोर्ड ने भी अपनी प्रॉपर्टी दस्तावेजों को डिजी लॉकर में जोड़ा है। अब आवंटी बिना किसी परेशानी के अपने पुराने दस्तावेज ऑनलाइन देख सकते हैं।



डिजी लॉकर से जुड़े फायदे



  1. दस्तावेज की सुरक्षा: चोरी होने, आग लगने या प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज़ों के गायब होने की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
  2. सुविधा: अब किसी भी दस्तावेज़ की जानकारी के लिए आवंटी को बोर्ड के ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा।
  3. कानूनी विवाद: किसी भी कानूनी विवाद में आवंटी के पास उसके सभी पेपर मोबाइल में मौजूद रहेंगे।
  4. नामांतरण और हस्तांतरण: अब पुराने दस्तावेज़ खोजने में कोई समस्या नहीं होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
  5. आसान प्रक्रिया: आरटीआई के तहत जो जानकारी पहले मुश्किल से मिलती थी, वह अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
  6. ऑनलाइन पेमेंट और अपडेट्स: सभी पेमेंट की जानकारी ऑनलाइन अपडेट होगी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना मिलेगी।

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30-40 साल पुराने दस्तावेजों का डिजीकरण

हाउसिंग बोर्ड ने अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30-40 साल पुराने दस्तावेज भी डिजी लॉकर पर अपलोड करने का काम शुरू कर दिया है। इससे आवंटी को किसी भी पुराने दस्तावेज को खोजना आसान हो जाएगा।



15 प्रमुख सेवाओं का डिजिटलीकरण

हाउसिंग बोर्ड ने अपनी सभी प्रमुख 15 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। इनमें संपत्ति का नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी, भुगतान की रसीद, पेमेंट और लेजर खाता जैसी सेवाएं शामिल हैं। अब इन सेवाओं के लिए आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।



आवंटियों को फायदा

हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि डिजिटल युग में हाउसिंग बोर्ड के जरिए किए गए इस कदम से आवंटियों को बहुत फायदा होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दस्तावेजों का सुरक्षित रहना सुनिश्चित होगा। उनके अनुसार, आवंटी घर बैठे अपने दस्तावेज तक पहुंच सकेंगे और इन दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है।



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