इंदौर में 23-24 अक्टूबर को सेमीकंडक्टर समिट, 50 से ज्यादा जुटेंगी कंपनियां, 6200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर होगा फोकस
Amresh Kushwaha | Oct 19, 2026, 22:30 IST
इंदौर में दो दिन सेमीकंडक्टर पर महामंथन।
INDORE.मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए इंदौर में 23 और 24 अक्टूबर को मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का आयोजन होगा। यह कार्यक्रम ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसमें देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि और निवेशक शामिल हो सकते हैं। समिट में 50 से ज्यादा कंपनियां अपनी नई तकनीक दिखाएंगी।
वहीं, 6200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव पर भी फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले दिन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
दो दिन की इस समिट में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें देश-विदेश की कंपनियों, निवेशकों, विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्टार्टअप से जुड़े लोगों के आने की उम्मीद है।
समिट में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर चर्चा होगी। इसके अलावा उद्योग में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
समिट में 50 से ज्यादा कंपनियां अपनी तकनीक और उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगी। इनमें चिप डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियां शामिल होंगी।
आयोजन के दौरान 8 पैनल चर्चाएं और 5 राउंडटेबल बैठकें होंगी। इसके अलावा विशेषज्ञों के 2 मुख्य व्याख्यान भी रखे गए हैं।
पहले दिन मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग का बड़ा केंद्र बनाने पर चर्चा होगी। बिना खुद चिप बनाए उसका डिजाइन तैयार करने वाली कंपनियों के विकास पर भी बात होगी।
इसके अलावा चिप निर्माण, उपकरणों की सप्लाई और AI Infrastructure पर चर्चा होगी। तकनीकी खोजों के अधिकार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।
समिट के दूसरे दिन चिप टेक्नोलॉजी और AI पर खास फोकस रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने और डिजाइन से जुड़ी सेवाओं पर चर्चा होगी।
इसके अलावा रिसर्च, नई तकनीकों के विकास और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने पर बात होगी।
फोटोनिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे विषय भी शामिल रहेंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों यानी MSME के लिए भी बैठकें आयोजित की जाएंगी।
समिट में मध्यप्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता भी होगी। अंतिम चरण में चुने गए विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसका मकसद नई तकनीक पर काम कर रहे स्टार्टअप को आगे बढ़ाना है।
मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर एक बड़ा निवेश प्रस्ताव भी सामने आया है।
पारस सेमीकंडक्टर्स ने प्रदेश में 6200 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश से नई सुविधा स्थापित करने के लिए समझौता किया है।
यह परियोजना OSAT यानी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग से जुड़ी होगी। इसमें चिप की असेंबली और उसकी जांच का काम किया जाएगा।
कंपनी ने इसके लिए समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना के आगे बढ़ने से प्रदेश में सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावना है।
प्रदेश सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश बढ़ाने के लिए नई नीति बनाई है। सरकार ने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 को मंजूरी दी है।
इस नीति के तहत पात्र निवेशकों के लिए 25 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान है। साथ ही 10 साल तक 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी रखी गई है।
सरकार का मकसद कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करना है।
समिट में निवेश के साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर रहेगा। सरकार सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए जरूरी तकनीकी सुविधाएं विकसित करना चाहती है।
इसके लिए उद्योगों, कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना है।
सरकार चाहती है कि प्रदेश में नई तकनीकों पर रिसर्च हो। साथ ही युवाओं को इस उद्योग में काम करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण मिले।
समिट के जरिए निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
इस आयोजन के जरिए सरकार मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए बेहतर विकल्प के तौर पर पेश करेगी।
समिट में कंपनियों को निवेश के अवसर बताए जाएंगे। नई तकनीक, रिसर्च और उद्योगों के विकास पर भी चर्चा होगी।
अब देखना होगा कि इस आयोजन के बाद प्रदेश में कितनी कंपनियां निवेश के लिए आगे आती हैं और प्रस्तावित परियोजनाएं कब जमीन पर उतरती हैं।
समिट में क्या होगा खास?
समिट में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर चर्चा होगी। इसके अलावा उद्योग में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
50 से ज्यादा कंपनियां दिखाएंगी तकनीक
आयोजन के दौरान 8 पैनल चर्चाएं और 5 राउंडटेबल बैठकें होंगी। इसके अलावा विशेषज्ञों के 2 मुख्य व्याख्यान भी रखे गए हैं।
पहले दिन मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग का बड़ा केंद्र बनाने पर चर्चा होगी। बिना खुद चिप बनाए उसका डिजाइन तैयार करने वाली कंपनियों के विकास पर भी बात होगी।
इसके अलावा चिप निर्माण, उपकरणों की सप्लाई और AI Infrastructure पर चर्चा होगी। तकनीकी खोजों के अधिकार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।
दूसरे दिन नई तकनीकों पर चर्चा
इसके अलावा रिसर्च, नई तकनीकों के विकास और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने पर बात होगी।
फोटोनिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे विषय भी शामिल रहेंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों यानी MSME के लिए भी बैठकें आयोजित की जाएंगी।
समिट में मध्यप्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता भी होगी। अंतिम चरण में चुने गए विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसका मकसद नई तकनीक पर काम कर रहे स्टार्टअप को आगे बढ़ाना है।
6200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
पारस सेमीकंडक्टर्स ने प्रदेश में 6200 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश से नई सुविधा स्थापित करने के लिए समझौता किया है।
यह परियोजना OSAT यानी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग से जुड़ी होगी। इसमें चिप की असेंबली और उसकी जांच का काम किया जाएगा।
कंपनी ने इसके लिए समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना के आगे बढ़ने से प्रदेश में सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावना है।
कंपनियों को मिलेगी 25 फीसदी सब्सिडी
इस नीति के तहत पात्र निवेशकों के लिए 25 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान है। साथ ही 10 साल तक 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी रखी गई है।
सरकार का मकसद कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करना है।
युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में तैयार करने पर जोर
इसके लिए उद्योगों, कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना है।
सरकार चाहती है कि प्रदेश में नई तकनीकों पर रिसर्च हो। साथ ही युवाओं को इस उद्योग में काम करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण मिले।
समिट के जरिए निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
समिट की प्रमुख बातें
- कब: 23 और 24 अक्टूबर 2026
- कहां: ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर
- प्रदर्शनी: 50 से ज्यादा कंपनियां शामिल होंगी
- कार्यक्रम: 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल बैठकें और 2 मुख्य व्याख्यान
- निवेश प्रस्ताव: पारस सेमीकंडक्टर्स की 6200 करोड़ रुपए की परियोजना
- सरकारी प्रोत्साहन: 25 फीसदी सब्सिडी और 10 साल तक 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली का प्रावधान
मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने की कोशिश
समिट में कंपनियों को निवेश के अवसर बताए जाएंगे। नई तकनीक, रिसर्च और उद्योगों के विकास पर भी चर्चा होगी।
अब देखना होगा कि इस आयोजन के बाद प्रदेश में कितनी कंपनियां निवेश के लिए आगे आती हैं और प्रस्तावित परियोजनाएं कब जमीन पर उतरती हैं।
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