MP में टाइगर सबसे ज्यादा, लेकिन मौत में भी अव्वल, क्या कहते हैं आंकड़े
मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का खिताब तो मिला है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाघों की सबसे ज्यादा आबादी वाले इस राज्य में सबसे अधिक बाघों की मौत हुई है। पिछले 12 सालों में सबसे ज्यादा बाघों की मौत मध्य प्रदेश में हुई है। दरअसल, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी एनटीसीए की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
NTCA की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल प्रदेश में सबसे अधिक 38 बाघ मध्य प्रदेश की धरती पर दम तोड़ चुके हैं। जबकि इस मामले में महाराष्ट्र दूसरे और कर्नाटक तीसरे नंबर पर है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
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एमपी में कितने बाघ?
बता दें, साल 2023 में जारी बाघ गणना रिपोर्ट में मध्य प्रदेश ने टाइगर स्टेट का दर्जा बरकरार रखा है। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में 785, कर्नाटक में 653, उत्तराखंड में 560 जबकि महाराष्ट्र में 444 बाघ थे।
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बाघों की मौत पर राजनीति
मध्य प्रदेश में बाघों की मौत पर हमेशा से ही राजनीति होती रही है। टाइगर स्टेट में बाघों की मौत बेहद चिंता का विषय है। शिकार, दुर्घटना या आपस में लड़ाई की वजह से बाघों की मौत होती रही है लेकिन फिर भी इस पर काबू नहीं पाया जा सका है। इसी बीच राज्य में 11 हाथियों की भी मौत हो गई, जिस पर खूब राजनीति देखने को मिली।
FAQ
- मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का आंकड़ा क्या है?
मध्य प्रदेश में 2012 से 2024 तक 355 बाघों की मौत हो चुकी है, जो किसी भी राज्य से सबसे अधिक है। इस साल 2024 में अब तक 38 बाघों की मौत हो चुकी है। - अन्य राज्यों में कितने बाघों की मौत हुई है?
महाराष्ट्र में 261 बाघों की मौत, कर्नाटक में 179 और उत्तराखंड में 132 बाघों की मौत हो चुकी है। - मध्य प्रदेश में बाघों की कुल संख्या कितनी है?
2023 की बाघ गणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं, जो इसे "टाइगर स्टेट" का दर्जा बनाए रखने में मदद करता है। - बाघों की मौत के कारण क्या हैं?
बाघों की मौत शिकार, दुर्घटनाओं और आपसी संघर्ष के कारण होती रही है।
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