महाकाल गर्भगृह में डिजिटल क्रिएटर की एंट्री, सांसद बोले- VIP कल्चर बर्दाश्त नहीं
समझें क्या है पूरा मामला...
- महाकाल गर्भगृह में VIP एंट्री, आम भक्त बाहर!
- तीन साल से बंद गर्भगृह, VIP को खुला दरवाजा।
- डिजिटल क्रिएटर की फोटो ने खोली मंदिर की पोल।
- सांसद बोले, VIP कल्चर बंद करो, सबको मिले दर्शन।
- सोमवती अमावस्या पर VIP दर्शन, भक्तों में गुस्सा।
उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में एक डिजिटल क्रिएटर की दर्शन करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। यह तस्वीरें 15 जून को सोमवती अमावस्या के दिन की बताई जा रही हैं।
मंदिर प्रशासन ने कहा कि ये लोग हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ आए थे, इसलिए उन्हें प्रवेश दिया गया। गर्भगृह 4 जुलाई 2023 से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है। उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने VIP कल्चर का विरोध करते हुए प्रतिदिन कम से कम दो घंटे गर्भगृह खोलने की मांग की है।
महाकाल में VIP दर्शन का विवाद
उज्जैन के महाकाल मंदिर में एक बार फिर गर्भगृह को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली निवासी डिजिटल क्रिएटर अक्षय आनंद ने 15 जून को अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं।
इन तस्वीरों में वह अपनी पत्नी और मित्रों के साथ महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करते नजर आ रहे हैं। अक्षय धोती-सोला पहनकर गर्भगृह में गए थे और वहां फोटो भी खिंचवाई। जबकि मंदिर परिसर में फोटोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित है।
यह दिन सोमवती अमावस्या का था। उस दिन मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। भारी भीड़ के बीच इन तस्वीरों ने लोगों का गुस्सा भड़का दिया।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह तीन साल से बंद है, तो कुछ लोगों को वहां प्रवेश कैसे मिल गया।
लोगों ने इसे VIP कल्चर और दोहरी व्यवस्था बताया। जो श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर दूर से आते हैं, वे गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन करके लौट जाते हैं।
मंदिर प्रशासक ने सफाई दी कि अक्षय आनंद और उनके साथी हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ आए थे। इसी कारण उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
सांसद फिरोजिया का कड़ा विरोध
उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर में VIP कल्चर हावी हो गया है और वे इसके घोर विरोधी हैं।
सांसद का अपना उदाहरण
फिरोजिया ने कहा कि वे खुद भी आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। उनकी माताजी भी पिछले 60 साल से महाकाल दर्शन के लिए सामान्य श्रद्धालुओं की कतार में खड़ी होती हैं।
सांसद ने कहा कि भगवान के लिए कोई बड़ा या छोटा नहीं होता। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि किए गए कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है और अंत में सबको महाकाल की शरण में ही जाना है।
गर्भगृह खोलने की मांग
सांसद फिरोजिया ने मांग की कि प्रतिदिन कम से कम दो घंटे गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए। इससे भक्त भगवान महाकाल का जलाभिषेक और पूजन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी अनुरोध कर चुके हैं। जिस दिन गर्भगृह आम भक्तों के लिए खुलेगा, वे भी साधारण श्रद्धालु की तरह लाइन में लगकर जलाभिषेक करेंगे।
गर्भगृह प्रवेश का कानूनी पहलू
महाकाल मंदिर के गर्भगृह प्रवेश को लेकर पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया था।
बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां भी यही व्यवस्था बरकरार रखी गई। यानी कलेक्टर तय करते हैं कि किन्हें गर्भगृह में प्रवेश मिल सकता है।
तीन साल से बंद है गर्भगृह
महाकाल मंदिर का गर्भगृह 4 जुलाई 2023 को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया था। श्रावण मास में बढ़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया था।
उस समय मंदिर समिति ने कहा था कि श्रावण खत्म होने के बाद गर्भगृह फिर से खुलेगा। लेकिन करीब तीन साल बाद भी आम भक्तों के लिए यह दरवाजा नहीं खुला है।
श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल
अक्टूबर 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई। पहले रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते थे।
अब यह संख्या डेढ़ से दो लाख तक पहुंच चुकी है। फिलहाल श्रद्धालुओं को गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम और नंदी हॉल से दर्शन कराए जाते हैं। गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
पहले 1500 रुपए में मिलता था प्रवेश
4 जुलाई 2023 से पहले श्रद्धालु 1500 रुपए की रसीद कटवाकर गर्भगृह में जा सकते थे। वहां जलाभिषेक और पूजन करने का अवसर मिलता था। अब यह सुविधा बंद है। वायरल तस्वीरों ने इस पूरे मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
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