एमपी विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से, बजट से लेकर UCC तक कई बड़े फैसलों की तैयारी
Ramanand Tiwari | Jun 13, 2026, 22:18 IST
20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी मानसून सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू होने वाला यह पांच दिवसीय सत्र वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक बदलावों से जुड़े कई प्रस्तावों का मंच बनेगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार सिर्फ औपचारिक कार्यवाही तक सीमित नहीं रहने वाला है। 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले पांच दिवसीय सत्र में सरकार वित्तीय प्रबंधन से लेकर सामाजिक और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम प्रस्ताव सदन में ला सकती है। सबसे ज्यादा नजर पहले अनुपूरक बजट और संभावित यूसीसी विधेयक पर रहेगी।
सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इसमें विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए नए प्रावधान किए जाएंगे। इससे कई विकास परियोजनाओं को गति मिल सकती है।
मानसून सत्र में स्वामित्व योजना से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन भी प्रस्तावित हैं। सरकार का उद्देश्य लाखों पात्र परिवारों को आवासीय भूखंड और संपत्तियों के स्वामित्व संबंधी अधिकारों को कानूनी मजबूती देना है। इसके लिए निशुल्क रजिस्ट्री व्यवस्था को कानून का स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और नगरीय विकास विभाग से जुड़े संशोधन विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इनका सीधा असर ग्रामीण और शहरी प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर पड़ेगा।
इसके अलावा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मेला अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी आ सकता है। सरकार श्रम कानूनों को सरल बनाने के लिए एकीकृत श्रम कानून और निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए कोचिंग रेग्यूलेशन बिल भी पेश कर सकती है।
सबसे अधिक चर्चा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़े संभावित विधेयक को लेकर है। हालांकि, अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार विभिन्न वर्गों से सुझाव ले रही है और जनसुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
सुझावों के अध्ययन के बाद ही विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूसीसी जैसे व्यापक प्रभाव वाले विषय पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। सरकार चाहती है कि किसी भी निर्णय से पहले सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन हो।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मानसून सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष जहां महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपनी योजनाओं और विधायी एजेंडे के जरिए विकास का संदेश देने का प्रयास करेगी।
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पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी
मानसून सत्र में स्वामित्व योजना से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन भी प्रस्तावित हैं। सरकार का उद्देश्य लाखों पात्र परिवारों को आवासीय भूखंड और संपत्तियों के स्वामित्व संबंधी अधिकारों को कानूनी मजबूती देना है। इसके लिए निशुल्क रजिस्ट्री व्यवस्था को कानून का स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
संशोधन विधेयक भी सदन में
इसके अलावा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मेला अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी आ सकता है। सरकार श्रम कानूनों को सरल बनाने के लिए एकीकृत श्रम कानून और निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए कोचिंग रेग्यूलेशन बिल भी पेश कर सकती है।
समान नागरिक संहिता पर भी चर्चा
सुझावों के अध्ययन के बाद ही विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूसीसी जैसे व्यापक प्रभाव वाले विषय पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। सरकार चाहती है कि किसी भी निर्णय से पहले सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन हो।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मानसून सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष जहां महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपनी योजनाओं और विधायी एजेंडे के जरिए विकास का संदेश देने का प्रयास करेगी।
कितने दिन चलेगी विधानसभा
- मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई तक चलेगा।
- सरकार पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी।
- स्वामित्व योजना से जुड़े संशोधन विधेयक लाए जा सकते हैं।
- सिंहस्थ 2028 को लेकर मेला अधिनियम में बदलाव संभव।
- एकीकृत श्रम कानून और कोचिंग रेग्यूलेशन बिल पेश हो सकते हैं।
- यूसीसी विधेयक पर अंतिम फैसला तैयारियों के बाद होगा।
- विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस के आसार हैं।
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