महाकाल मंदिर में AI सिस्टम, अब ड्रोन और AI से होगा क्राउड मैनेजमेंट

Kaushiki | Jan 02, 2026, 14:13 IST
mahakal temple ujjain
उज्जैन महाकाल मंदिर में AI और ड्रोन से भीड़ पर नजर रखी जा रही है। यह हाईटेक सिस्टम सुरक्षा और हेड काउंटिंग सुनिश्चित कर भगदड़ की संभावना को खत्म करेगा।


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एआई और ड्रोन तकनीक: मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पांच शक्तिशाली ड्रोनों का उपयोग किया जा रहा है।

विस्तृत निगरानी क्षेत्र: ड्रोन के माध्यम से मंदिर परिसर और शहर के प्रवेश द्वारों सहित 20 किलोमीटर के दायरे में पैनी नजर रखी जा रही है।

लाइव फीड और डेटा: एआई सिस्टम से भक्तों की सटीक संख्या (हेड काउंटिंग) और लाइव जानकारी सीधे पुलिस अधिकारियों के मोबाइल पर मिल रही है।

ट्रैफिक और जाम प्रबंधन: एआई तकनीक वाहनों की आवाजाही को ट्रैक करती है, जिससे जाम की स्थिति में तुरंत रास्ते बदलना आसान हो गया है।

सिंहस्थ कुंभ की तैयारी: नए साल की सफलता के बाद इस आधुनिक सुरक्षा सिस्टम का उपयोग भविष्य के बड़े सिंहस्थ कुंभ मेले में किया जाएगा।

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में नए साल पर विजिटर्स की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अब मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपना रही है।



सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पहली बार एआई का उपयोग हुआ है। पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए पांच शक्तिशाली ड्रोन तैनात किए हैं। इन ड्रोनों की मदद से मंदिर के चारों ओर निगरानी रखी जा रही है।



एआई सिस्टम के माध्यम से भक्तों की संख्या की एक्यूरेट कैलकुलेशन हो रही है। इस टेक्नोलॉजी से पुलिस को भीड़ की स्थिति की लाइव जानकारी मिल रही है।



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ड्रोन से 20 किलोमीटर के दायरे में पैनी नजर

उज्जैन पुलिस ने मंदिर परिसर के साथ शहर के प्रवेश द्वारों को जोड़ा है। इंदौर और देवास रोड पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। हर एक ड्रोन लगभग चार किलोमीटर के बड़े दायरे को आसानी से कवर करता है। इन ड्रोनों से मिले हुए डेटा सीधे कंट्रोल रूम में भेजा जा रहा है।



एआई टेक्नोलॉजी की मदद से वाहनों की आवाजाही को भी ट्रैक किया है। उज्जैन एसपी अपने मोबाइल फोन पर पूरी भीड़ का लाइव फीड देख रहे हैं। इससे कहीं भी भीड़ बढ़ने पर तुरंत पुलिस बल भेजा जा सकता है।



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सिंहस्थ कुंभ में होगा इसका उपयोग

नए साल के अवसर पर करीब 85 हजार भक्तों ने दर्शन किए हैं। इतनी बड़ी संख्या को संभालने के लिए भोपाल की एआई टीमें एक्टिव हैं। यदि ये सिस्टम सफल रहा तो उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में इसका उपयोग होगा।



एआई तकनीक पैनिक बटन और सिंगल प्वाइंट जैसी स्थितियों को पहचान लेती है। ये सिस्टम फ्यूचर में बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए मील का पत्थर बनेगी।



टेक्नोलॉजी के कारण अब लंबी कतारों को ऑर्गनइज करना बहुत आसान हो गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुलभ दर्शन कराना ही है।



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फैसिलिटीज और सिक्योरिटी का ध्यान

मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के साथ भक्तों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा है। ड्रोन के जरिए जाम की स्थिति का पता लगाकर रास्ते बदले जाते हैं।



एआई सिस्टम हेड काउंटिंग करके पुलिस को सटीक आंकड़े उपलब्ध करा रहा है। इससे किसी भी अप्रिय घटना या भगदड़ की संभावना पूरी तरह खत्म होगी। विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम ने भी इस सुरक्षित व्यवस्था की सराहना की है।



तो उज्जैन महाकाल मंदिर में AI और ड्रोन से भीड़ पर नजर रखी जा रही है। यह हाईटेक सिस्टम सुरक्षा और हेड काउंटिंग सुनिश्चित कर भगदड़ की संभावना को खत्म करेगा।



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