महर्षि विवि का नया कारनामा: यूजीसी को भी गलत जानकारी देकर किया गुमराह

Ravi Awasthi | Nov 13, 2025, 09:34 IST
Maharishi Mahesh Yogi Vedic Vishwavidyalaya Misleads UGC with False Information
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की एक और करतूत सामने आई है। इस बार विश्वविद्यालय ने यूजीसी को गलत जानकारी भेजकर खुद को डिफॉल्टर की सूची से बाहर करने की कोशिश की है।

भोपाल. महर्षि महेश योगी वैदिक यूनिवर्सिटी अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की आंखों में भी धूल झोंकने का काम कर रही है। विश्वविद्यालय ने खुद को डिफॉल्टर की लिस्ट से बाहर करवाने के लिए आयोग को झूठी जानकारी भेज दी।



डॉ. गिरीश वर्मा को बताया कुलाधिपति

सूत्रों के अनुसार, University Grants Commission, UGC को जो जानकारी भेजी गई है, उसमें विवि का कुलाधिपति डॉ. गिरीश चंद वर्मा बताया गया है। बता दें कि राज्य शासन की ओर से वर्मा की इस पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव को पहले ही खारिज किया जा चुका है।



जो एमपी में, वही छत्तीसगढ़ में भी कुलाधिपति-कुलगुरु

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में महर्षि नाम से दो अलग-अलग विश्वविद्यालय चल रहे हैं। एक है महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय और दूसरा महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी।



इन दोनों ही विश्वविद्यालयों में डॉ. गिरीश वर्मा को कुलाधिपति और डॉ. प्रमोद वर्मा को कुलगुरु बताया गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक, एक आदमी दो अलग-अलग संस्थानों में एक साथ पद नहीं संभाल सकता।



33f9419a-16c


b4706119-83b


कुल सचिव पद भी सवालों के दायरे में

महर्षि महेश योगी वैदिक विवि में कुल सचिव यानी रजिस्ट्रार का पद भी सवालों के घेरे में है। विवि ने जो जानकारी आयोग को भेजी, वो रजिस्ट्रार संदीप शर्मा के हस्ताक्षर से भेजी गई है।



वहीं, मप्र विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में विवि ने कहा था कि संदीप शर्मा प्रभारी कुल सचिव हैं। और तो और, विवि ने उन्हें 15 मई 2007 से प्रभारी रजिस्ट्रार भी बताया था।



eb571991-2c6


पीठम गठन का दिया हवाला

विवि ने आयोग को जो जानकारी भेजी, उसमें अपनी शिक्षण संस्था का नाम महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम बताया है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस “पीठम” का गठन अब तक पूर्ण नहीं माना गया है।



महर्षि विवि से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...

महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय की मनमानी के आगे सरकारी पत्र भी बेमानी



शिकायतों की लंबी फेहरिस्त, इससे भी इनकार

आयोग को भेजी गई जानकारी में विवि ने अपने खिलाफ लंबित शिकायतों का इनकार किया है। वहीं यूजीसी को भेजी गई एक शिकायत में सागर के सुधाकर सिंह राजपूत ने लंबित शिकायतों की पूरी लिस्ट दी है।



de001681-667


ee81e0fb-195


13ac7bae-e55


385c9fca-c27


0f013b7e-6bf


वेबसाइट पर भी गलत जानकारी की भरमार

राजपूत खुद को विवि का निदेशक बताते हैं। द सूत्र से बातचीत में राजपूत ने बताया कि विवि ने न सिर्फ आयोग से कई बातें छिपाई हैं, बल्कि उसकी वेबसाइट भी ऐसी जानकारी से भरी पड़ी है जो भ्रमित करती है। यूजीसी ने इस मामले में पूरी पारदर्शिता रखने की सख्त हिदायत दी है ताकि छात्रों को कोई गड़बड़ी न हो।



नियुक्तियों व अंकसूचियों को लेकर भी भ्रम

राजपूत ने अपनी शिकायत में कहा कि विवि में ज्यादातर नियुक्तियां शक के घेरे में हैं। यहां तक कि प्रभारी रजिस्ट्रार की पहली नियुक्ति और उसकी योग्यता पर भी जांच उच्च शिक्षा विभाग में पेंडिंग है।



इसके अलावा, विवि द्वारा जारी कई अंकसूचियों में भी परीक्षा केंद्र और प्रवेशित संस्था का नाम नहीं दिया गया है।



खबर ये भी...



स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के 6 हजार से अधिक केस पेंडिंग, अब लगेंगे शिविर



विवि कुलगुरु ने साधी चुप्पी

इन सभी मुद्दों पर शिक्षण संस्थान का पक्ष जानने के लिए द सूत्रने विवि के कुलगुरु डॉ. प्रमोद वर्मा से कई बार संपर्क किया गया। यहां तक कि व्हाट्सएप पर दो बार मेसेज भी भेजे गए, लेकिन कुलगुरु इन सब मामलों में चुप्पी साध गए।



aa66007a-33c




c9b01e14-a6d






Tags:
  • मप्र विधानसभा
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • UGC
  • university grants commission
  • मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग
  • महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय