महाकाल मंदिर जाने वाले 12 मार्गों पर वाहनों की नो-एंट्री, 27 फरवरी तक रहेगा प्रभाव
Kaushiki | Feb 18, 2025, 18:16 IST
MAHAKAAL DARSHAN
महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उज्जैन में 25 फरवरी से 27 फरवरी तक यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा, भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
UJJAIN: महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी को बाबा महाकाल के दरबार में पूरे भव्यता के साथ मनाया जाएगा। 9 दिवसीय महाशिवरात्रि उत्सव की शुरुआत सोमवार को बाबा महाकाल के दूल्हा बनने के साथ हो चुकी है। इस बार लाखों श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जिसके चलते यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया गया है।
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12 मार्गों पर वाहनों की नो-एंट्री
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भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन
महाशिवरात्रि के दौरान भारी वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर भीड़भाड़ से बचा जा सके।
- इंदौर से नागदा, आगर, मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहन
तपोभूमि से देवास बायपास होकर मारूति शोरूम, सैफी पेट्रोल पंप से होते हुए सिंथेटेक्सि मार्ग से नागदा, आगर और मक्सी की ओर भेजे जाएंगे। - मक्सी से देवास और इंदौर की ओर जाने वाले वाहन
सिंथेटेक्सि से सैफी, मारूति शोरूम, देवास रोड एवं नरवर बाईपास से तपोभूमि होकर इंदौर की ओर भेजे जाएंगे। - बड़नगर, नागदा और आगर से आने वाले वाहन
मोहनपुरा ब्रिज, माता साडू की बावड़ी, चौपाल सागर से होते हुए देवास रोड और इंदौर रोड की ओर भेजे जाएंगे।
इस दौरान छोटे वाहनों और श्रद्धालुओं के पैदल मार्ग के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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दर्शन के लिए जरूरी निर्देश
- महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से तय रूट पर ही यात्रा करनी होगी।
- वाहन पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थानों को चिह्नित किया गया है।
- महाकाल मंदिर परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहेगा।
- मंदिर के आसपास अस्थायी मार्ग परिवर्तन किया जाएगा, जिससे यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।
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FAQ
- महाशिवरात्रि 2025 पर उज्जैन में किस दिन से यातायात प्रतिबंध लागू होगा?
25 फरवरी की शाम 4 बजे से 27 फरवरी तक यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा। - किन मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है?
महाकाल मंदिर की ओर जाने वाले 12 प्रमुख मार्गों पर नो-एंट्री लागू की गई है। - इंदौर से नागदा और आगर जाने वाले भारी वाहनों का नया रूट क्या होगा?
ये वाहन तपोभूमि से देवास बायपास होते हुए सिंथेटेक्सि मार्ग से अपने गंतव्य की ओर भेजे जाएंगे। - श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की क्या व्यवस्था होगी?
श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। - क्या मंदिर दर्शन के लिए किसी विशेष रूट का पालन करना होगा?
हां, श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करना होगा।
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