महू के जानापाव में बनेगा दुनिया का पहला परशुराम और कृष्ण लोक
News in Short
- महू के जानापाव कुटी में 'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' का निर्माण होगा।
- इस केंद्र में भगवान परशुराम और श्री कृष्ण के जीवन की घटनाएं प्रदर्शित होंगी।
- 30 फीट ऊंचा भव्य द्वार और शस्त्र-आस्त्र संग्रहालय प्रमुख आकर्षण होंगे।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्षय तृतिया पर पूजन किया।
- यह लोक आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।
News in Detail
मध्यप्रदेश के महू में स्थित जानापाव कुटी एक आध्यात्मिक केंद्र बनेगा। यहां भगवान श्री परशुराम और श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी घटनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। 'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 17.50 करोड़ रुपये है।
इस लोक में कई प्रमुख आकर्षण होंगे...
30 फीट ऊंचा भव्य द्वार: यह द्वार भगवान परशुराम और भगवान कृष्ण के शौर्य और महिमा को दर्शाता होगा।
अस्त्र-शस्त्र संग्रहालय: यहां शस्त्र और अस्त्रों का संग्रह होगा, जो भगवान परशुराम के शौर्य को उजागर करेगा।
विशाल कांस्य मूर्तियां: भगवान परशुराम और भगवान श्री कृष्ण की कांस्य मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
पांच विशेष दीर्घाएं: इन दीर्घाओं में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और भगवान परशुराम के जीवन की घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने किया पूजन
अक्षय तृतीया के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानापाव कुटी पहुंचकर इस भव्य आध्यात्मिक केंद्र का पूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' को भव्य और दिव्य बनाया जाएगा। यह तीर्थ स्थल पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा।
श्री परशुराम लोक
सीएम डॉ. मोहन यादव ने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला, जो हर युग में जनकल्याण के लिए उठ खड़े हुए थे। उन्होंने शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान प्राप्त किया था और हर समय अधर्म और अन्याय के खिलाफ शस्त्र उठाए। भगवान परशुराम का जीवन संजीवनी है, जिन्होंने महर्षि सांदीपनि के पुत्र को बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था।
भगवान श्री कृष्ण और भगवान परशुराम के संबंध
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण और भगवान परशुराम के संबंधों को बताया। भगवान श्री कृष्ण ने भगवान परशुराम का आशीर्वाद लिया था। सुदर्शन चक्र का उपयोग कर वे बड़े योद्धाओं से लड़ने में सफल हुए। यह संबंध 'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' में दिखाया जाएगा।
'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' का महत्व
यह लोक केवल आध्यात्मिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि आदिवासी संस्कृति, धार्मिक प्रतीकों और सनातन संस्कृति को भी दर्शाएगा। इसके माध्यम से लोग भगवान श्री कृष्ण और भगवान परशुराम के जीवन को समझ पाएंगे। यह स्थल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा और पर्यटन तथा शिक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम साबित होगा।
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