फॉरेस्ट क्लर्क के घर EOW का छापा, 50 लाख की दुकान, 4Kg चांदी, 200Gm सोना मिला

Pawan Modiya | Aug 12, 2026, 16:19 IST
ईओडब्ल्यू छापा
मंडला में जबलपुर EOW ने वन विभाग के लिपिक श्वेतांक चौरसिया के घर छापा मारा। जांच में 290 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति, 4 किलो चांदी, 200 ग्राम सोना और नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जबलपुर EOW की टीम ने मंडला में वन विभाग के लिपिक श्वेतांक चौरसिया के घर छापा मारा।
  • टीम को शिकायत मिली थी कि उनकी संपत्ति आय से कहीं ज्यादा है।
  • छापे में करीब 4 किलो चांदी और 200 ग्राम सोना मिला।
  • घर से करीब 5 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए।
  • प्रारंभिक जांच में लिपिक के पास 290 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति पाई गई।

मंडला में EOW की बड़ी कार्रवाई हुई है। वन विभाग के लिपिक श्वेतांक चौरसिया के घर छापा पड़ा। जबलपुर EOW की टीम ने बुधवार सुबह दबिश दी। घर से सोना, चांदी और नकदी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में 290 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति मिलने का दावा किया गया है।



अलसुबह राज राजेश्वरी वार्ड में छापा

जबलपुर EOW (Economic Offences Wing) की टीम बुधवार सुबह मंडला पहुंची। टीम ने राज राजेश्वरी वार्ड स्थित एक घर पर छापा मारा। यह घर पश्चिम सामान्य वन मंडल मंडला में पदस्थ लिपिक श्वेतांक चौरसिया का है। EOW को शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया कि संपत्ति आय से कहीं ज्यादा है। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने सुबह घर पर दबिश दी। छापे के दौरान टीम ने पूरे घर की तलाशी ली। अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज खंगाले। बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय कागजात भी जांच के दायरे में लिए गए। टीम लिपिक की घोषित आय और उनकी असली संपत्ति का मिलान कर रही है। प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है।



290 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति

रिपोर्ट्स के मुताबिक लिपिक के पास 290 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति मिली है। यह आंकड़ा आय के मुकाबले तय हुआ है। हालांकि यह आंकड़ा अभी शुरुआती जांच पर आधारित है। संपत्ति और आय का सही हिसाब जांच पूरी होने पर ही साफ होगा। अभी दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल जारी है।



4 किलो चांदी, 200 ग्राम सोना मिला

छापे के दौरान EOW टीम को घर से भारी मात्रा में कीमती सामान मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 4 किलो चांदी बरामद हुई है। इसके साथ ही करीब 200 ग्राम सोना भी मिला है। घर से लगभग 5 लाख रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं। टीम अब इन सभी की खरीद के स्रोत की जांच कर रही है।



50 लाख की दुकान, 3 गाड़ियां भी

सोने-चांदी के अलावा जांच में और भी संपत्ति सामने आई है। अधिकारियों को करीब 50 लाख रुपए कीमत की एक दुकान का पता चला है। इसके साथ ही तीन फोर-व्हीलर वाहनों की जानकारी भी मिली है। EOW टीम अब इन संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल रही है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि इन्हें किस स्रोत से खरीदा गया। टीम का फोकस लिपिक की कुल आय और अर्जित संपत्ति के अंतर पर है। अगर अंतर बड़ा साबित होता है तो आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल जांच अपने शुरुआती चरण में है।



अनुकंपा नियुक्ति से मिली थी नौकरी

जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है। बताया जा रहा है कि श्वेतांक चौरसिया को नौकरी अनुकंपा नियुक्ति से मिली थी। उनके पिता की जगह उन्हें वन विभाग में नौकरी दी गई थी। अब EOW उनकी नौकरी के दौरान की पूरी आय खंगाल रही है। बैंक खातों और निवेश की भी बारीकी से जांच हो रही है। दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



कानून क्या कहता है

आय से अधिक संपत्ति का मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आता है। इसे अंग्रेजी में Prevention of Corruption Act कहा जाता है। इस कानून में सरकारी कर्मचारी की संपत्ति जांची जाती है। संपत्ति का मिलान उसकी आय से किया जाता है। अगर संपत्ति आय से काफी ज्यादा निकलती है तो केस दर्ज होता है। इसके बाद संबंधित कर्मचारी से जवाब मांगा जाता है। सबूत सही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। कई मामलों में कोर्ट में केस भी चलता है।



कैसे होती है जांच

EOW आमतौर पर ऐसे मामलों में कई चरणों में जांच करती है। पहले शिकायत की प्रारंभिक पड़ताल की जाती है। इसके बाद संपत्ति और आय के दस्तावेज जुटाए जाते हैं। सर्विस रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट की भी जांच होती है। अंत में पूरा आंकड़ा तैयार कर आगे की कार्रवाई तय होती है। मंडला के इस मामले में भी टीम इसी प्रक्रिया से आगे बढ़ रही है।



डीएसपी बोले- दस्तावेजों की पड़ताल जारी है

इस पूरी कार्रवाई की जानकारी मौके पर मौजूद अधिकारी ने दी। EOW डीएसपी मंजीत सिंह चावला ने जांच की प्रगति साझा की। उनके मुताबिक टीम दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी।



इस छापे के बाद मंडला के वन विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग के कई कर्मचारी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोग इसे विभाग में जांच का बड़ा संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।



आगे क्या होगा

EOW की यह कार्रवाई अभी जारी है। टीम दस्तावेजों और संपत्तियों की पूरी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सही स्थिति सामने आएगी। तब आय से अधिक संपत्ति का असली आंकड़ा पता चलेगा। यह मामला अभी जांच के दायरे में है। नियम के अनुसार दोष सिद्ध होना अभी बाकी है।



जरूरी FAQ

मंडला में EOW ने किसके घर छापा मारा?


जबलपुर EOW की टीम ने मंडला में पश्चिम सामान्य वन मंडल के लिपिक श्वेतांक चौरसिया के घर छापा मारा। यह घर राज राजेश्वरी वार्ड में स्थित है। EOW को शिकायत मिली थी कि उनकी संपत्ति आय से ज्यादा है।



छापे में क्या-क्या बरामद हुआ?


छापे में करीब 4 किलो चांदी, 200 ग्राम सोना और लगभग 5 लाख रुपए नकद बरामद हुए। इसके अलावा करीब 50 लाख रुपए कीमत की एक दुकान और तीन फोर-व्हीलर वाहनों की जानकारी भी मिली है। जांच अभी जारी है।



लिपिक की कितनी अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई है?


प्रारंभिक जांच में करीब 290 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। हालांकि यह आंकड़ा शुरुआती है और जांच पूरी होने के बाद ही सही स्थिति साफ होगी।



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