गांधीसागर फेस्टिवल में सीएम की सुरक्षा चूक मामले में बड़ा खुलासा, ब्लैकलिस्टेड कंपनी को मिला ठेका
कमलेश सारड़ा@मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा में गंभीर चूक सामने आई है। शनिवार (13 सितंबर) सुबह फेस्टिवल के उद्घाटन अवसर पर सीएम हॉट एयर बैलून में बैठे। उड़ान भरने से पहले ही तेज हवाओं के कारण बैलून खतरनाक ढंग से झूलने लगा। बर्नर की लपटें बैलून के कपड़े तक पहुंच गईं। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति संभालते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को नीचे उतारा और बड़ा हादसा टल गया।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को मिला आयोजन
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बैलून पायलट के पास नहीं था लाइसेंस
भारत में हॉट एयर बैलून उड़ाने के लिए डीजीसीए से लाइसेंस लेना जरूरी है। बैलून की गुणवत्ता, बर्नर और गैस सिलेंडर सहित तमाम सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही यह अनुमति मिलती है। लेकिन आयोजन में बैलून उड़ाने वाले पायलट इरफान ने दावा किया कि लाइसेंस की जरूरत नहीं है, मेरे पास अनुभव है। कंपनी के मैनेजर सौरभ गुप्ता ने भी कहा कि 80 फीट ऊंचाई तक रस्सी से बंधा बैलून उड़ाना सुरक्षित है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तर्क गलत है और बिना लाइसेंस यह उड़ान पूरी तरह अवैध है।
विधायकों की नाराजगी
कार्यक्रम में सुरक्षा चूक के साथ-साथ प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन हुआ। कई विधायकों को ठहरने की समुचित सुविधा नहीं दी गई। उन्हें कहा गया कि टेंट में रुक जाइए। इस पर नाराज विधायकों ने साफ कहा कि वे अपनी जान जोखिम में नहीं डाल सकते और रात को वापस लौट गए। इससे जनप्रतिनिधियों में नाराजगी स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
सवालों के घेरे में आयोजन
गांधीसागर जैसे ईको सेंसेटिव क्षेत्र में ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका दिए जाने से लेकर मुख्यमंत्री और विधायकों की सुरक्षा व सुविधा की अनदेखी तक पूरा मामला अब सवालों के घेरे में है। क्या नियमों और प्रोटोकॉल को दरकिनार कर कंपनी को बचाने की कोशिश की गई? और क्या प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पालन सही तरीके से किया गया? यह बड़े सवाल अब सरकार और आयोजन समिति दोनों के सामने खड़े हैं।