श्रीकृष्ण मुस्लिम थे बयान पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मौलाना को दे दी चेतावनी
समझें क्या है पूरा मामला
- यूपी के मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित बयान दिया है।
- मौलाना ने दावा किया कि श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और नमाज पढ़ते थे।
- इस बयान पर संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी आपत्ति जताई है।
- शास्त्री ने हैदराबाद की हनुमत कथा में मौलाना को घर वापसी की सलाह दी।
- शास्त्री ने कहा कि दोबारा ऐसा बयान आया तो उनके दरवाजे पर गीता पाठ होगा।
मौलाना का विवादित बयान
यूपी के इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी का एक बयान चर्चा में है। मौलाना ने दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे। उन्होंने यह भी कहा था कि श्रीकृष्ण दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे। अपने दावे के समर्थन में मौलाना ने भागवत गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक का हवाला दिया।
मौलाना ने श्लोक की अपने तरीके से व्याख्या करते हुए कहा कि पूजा में पूरे शरीर का योग जरूरी बताया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का धर्म नहीं है। मौलाना के मुताबिक यही दीन राम और कृष्ण ने भी पेश किया था। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
धीरेंद्र शास्त्री का जवाब
मौलाना के इस बयान पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेलंगाना के शमशाबाद में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमत कथा चल रही है। यह कथा 17 जुलाई से शुरू हुई है। कथा के दौरान ही शास्त्री ने मौलाना के बयान का जिक्र किया।
शास्त्री ने कहा कि इस बयान से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भारत में जन्मे सभी लोगों की सांस्कृतिक जड़ें एक हैं। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने पुरानी फिल्म अमर अकबर एंथनी का उदाहरण दिया। शास्त्री का कहना था कि अलग आस्था होने के बावजूद सांस्कृतिक विरासत साझा है।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा विवाद मौलाना के एक बयान से शुरू हुआ था। धार्मिक मान्यताओं को लेकर दिए गए बयान ने जल्द ही तूल पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थकों में तीखी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने मौलाना के बयान की आलोचना की।
वहीं कुछ लोगों ने : बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री न्यूज) के जवाब का समर्थन किया। धार्मिक भावनाओं से जुड़े ऐसे बयान अक्सर विवाद का कारण बनते हैं। इस मामले में भी वैसा ही हुआ। दोनों पक्षों के बयान अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गए हैं।
फिलहाल इस मामले में किसी तरह की कानूनी शिकायत सामने नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर बहस लगातार जारी है। धार्मिक संगठनों की तरफ से भी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।
FAQ
- सवाल: मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण पर क्या बयान दिया था?
जवाब: मौलाना जर्जिस अंसारी ने दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और नमाज पढ़ते थे। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में भागवत गीता के एक श्लोक का हवाला दिया। इस बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। - सवाल: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जर्जिस अंसारी के बयान पर क्या कहा?
जवाब: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हैदराबाद की हनुमत कथा में इस बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने मौलाना को घर वापसी की सलाह दी। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा ऐसा बयान आया तो गीता पाठ किया जाएगा।
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