मुरैना में किसान सड़कों पर उतरे, अटल प्रगति पथ और जमीन आवंटन के खिलाफ जताया विरोध

Ratan Kumar Mishra | Aug 10, 2026, 22:21 IST
किसानों ने जेल भरो आंदोलन में दीं गिरफ्तारी
मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया। किसानों ने अटल प्रगति पथ और चंबल की जमीन आवंटन का विरोध जताया। बड़ी संख्या में किसानों ने गिरफ्तारी दी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मुरैना में किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया।
  • कैलारस और सबलगढ़ में भी प्रदर्शन हुआ।
  • मजदूर संगठनों ने किसानों का समर्थन किया।
  • अटल प्रगति पथ और जमीन आवंटन मुद्दा उठाया।
  • गिरफ्तारी देने पहुंचे लोगों को बाद में छोड़ा गया।

मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में सोमवार को किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलन में मजदूर और खेत मजदूर संगठन भी शामिल रहे। किसानों ने अटल प्रगति पथ और चंबल की जमीन आवंटन का मुद्दा उठाया। कैलारस शक्कर कारखाना फिर शुरू करने की मांग भी उठी। सैकड़ों लोग गिरफ्तारी देने पहुंचे, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।



मुरैना जिले में सोमवार को किसान आंदोलन का बड़ा असर देखने को मिला। तीनों जगहों पर जेल भरो आंदोलन हुआ। बड़ी संख्या में किसान और मजदूर इसमें शामिल हुए। आयोजकों ने इसे देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बताया।



morena-kisan-jail-bharo-andolan


कैलारस और सबलगढ़ में उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़

आयोजकों के अनुसार तीनों जगहों पर एक हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। सबलगढ़ में 500 से ज्यादा लोग जुटे। कैलारस में करीब 300 लोगों ने गिरफ्तारी दी। मुरैना में भी करीब 500 लोग गिरफ्तारी देने पहुंचे।



गिरफ्तारी देने पहुंचे लोगों को बाद में छोड़ा गया

आंदोलनकारियों ने खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश किया। प्रशासन ने सभी को गिरफ्तार नहीं किया। पहले लोगों के नामों की सूची बनाई गई। इसके बाद उन्हें छोड़ने की घोषणा हुई।



कुछ कार्यकर्ताओं ने मुचलका भरने से इनकार किया। उन्होंने प्रशासन से सीधे जेल भेजने की मांग रखी। आखिरकार बिना मुचलके की कार्रवाई के लोगों को छोड़ दिया गया।



morena-kisan-jail-bharo-andolan


आंदोलन तेज करने की अपील

सभा में किसान नेता बादल सरोज ने अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार की किसान और मजदूर नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आंदोलन को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने अटल प्रगति पथ और चंबल बीहड़ की जमीन का मुद्दा भी उठाया। जमीन उद्योग विभाग को देने का उन्होंने विरोध किया। साथ ही उन्होंने कैलारस शक्कर कारखाना फिर शुरू करने की मांग उठाई।



सितंबर में जिला मुख्यालय पर आंदोलन की तैयारी

मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी भी सभा में पहुंचे। उन्होंने सितंबर में जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह की बात कही। उन्होंने किसानों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। सभा में आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई। किसानों ने हाथ उठाकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।



चंबल की जमीन और अटल प्रगति पथ बड़ा मुद्दा

आंदोलन में चंबल की जमीन का मुद्दा प्रमुख रहा। किसानों ने जमीन आवंटन की प्रक्रिया रोकने की मांग की। आंदोलनकारियों ने अटल प्रगति पथ का भी विरोध किया। हालांकि सरकार इस परियोजना को चंबल के विकास से जोड़ती रही है।



पुराने सरकारी रिकॉर्ड में इसकी लंबाई 404 किलोमीटर बताई गई थी। यह परियोजना मुरैना, भिंड और श्योपुर से गुजरने की बात थी। सरकार ने इससे रोजगार बढ़ने की उम्मीद जताई थी।



शक्कर कारखाना भी बना आंदोलन का हिस्सा

कैलारस शक्कर कारखाना लंबे समय से स्थानीय मुद्दा रहा है। किसान संगठन इसे फिर शुरू करने की मांग कर रहे हैं। पहले भी इस मुद्दे पर किसान आंदोलन कर चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा।



किसान नेताओं ने रखीं अपनी मांगें

सभा में कई किसान नेताओं ने अपनी बात रखी। इनमें गयाराम सिंह धाकड़, मुरारी लाल धाकड़, ओम प्रकाश श्रीवास और राजेश गुप्ता शामिल रहे। नरेश गोस्वामी, राकेश शुक्ला और राजवीर सिंह धाकड़ ने भी किसानों से एकजुट रहने को कहा। इब्राहिम शाह, श्रीकृष्ण यादव, अशोक कुमार और नरोत्तम नागर ने आंदोलन का समर्थन किया। रूवी कुशवाह और योगेश धाकड़ भी सभा में मौजूद रहे।



नारेबाजी के साथ हुआ आंदोलन का समापन

तीनों जगहों पर किसानों ने जोरदार नारे लगाए। उन्होंने सितंबर में आंदोलन जारी रखने की बात कही। चंबल की जमीन का मुद्दा फिर उठाने का संकल्प लिया गया। इसके बाद कार्यक्रम समाप्त करने की घोषणा हुई। आंदोलन को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल भी बढ़ी है।



अटल प्रगति पथ का विवाद क्या है?

अटल प्रगति पथ चंबल क्षेत्र की बड़ी सड़क परियोजना है। सरकारी जानकारी में इसकी लंबाई 404 किलोमीटर बताई गई थी। इसका उद्देश्य कई राज्यों को बेहतर सड़क संपर्क देना है। मुरैना और आसपास का क्षेत्र इससे जुड़ा है।



सरकार इसे विकास और रोजगार से जोड़ती है। लेकिन किसानों का एक वर्ग जमीन को लेकर सवाल उठा रहा है। इसी वजह से यह मुद्दा आंदोलन का हिस्सा बना।



FAQ

  1. किसानों ने जेल भरो आंदोलन क्यों किया गया?
    किसानों ने अटल प्रगति पथ परियोजना और चंबल बीहड़ की जमीन आवंटन के विरोध में यह आंदोलन किया। उन्होंने कैलारस शक्कर कारखाना फिर शुरू करने की मांग भी रखी।
  2. आंदोलन में कितने लोगों ने गिरफ्तारी दी?
    आयोजकों के अनुसार तीनों जगहों पर मिलाकर एक हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। सबलगढ़ में 500 से ज्यादा, कैलारस में करीब 300 और मुरैना में करीब 500 लोगों ने गिरफ्तारी दी।

ये भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP बोर्ड ने बदला परीक्षा पैटर्न



रक्षाबंधन पर तुम मेरी बहन बन जाओ..साइबर ठग ने इंदौर की युवती से ठगे 1.47 लाख



मौत के 37 दिन बाद आया मैसेज, आप स्वस्थ हैं, आयुष्मान योजना पर उठे सवाल



मौसम लाइव अपडेट: एमपी में बारिश से बिगड़े हालात, CM ने बुलाई आपात बैठक



Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • किसान आंदोलन
  • किसान
  • मुरैना
  • अटल प्रगति पथ