मुरैना ग्लास फैक्ट्री में 1500 करोड़ का निवेश, 2000 युवाओं को मिल सकती है नौकरी, सीएम मोहन यादव ने की समीक्षा
समझें क्या है पूरा मामला
- मुरैना की ग्लास फैक्ट्री से करीब दो हजार लोगों को रोजगार की उम्मीद है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के दौरे में विकास कार्यों की समीक्षा की।
- आयुर्वेदिक कॉलेज, आर्थिक कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल पार्क जैसी परियोजनाओं पर जोर दिया गया।
- सरकार चाहती है कि स्थानीय युवाओं को अपने इलाके में ही काम मिले।
- उद्योगों की जरूरत के हिसाब से स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर है।
मुरैना ग्लास फैक्ट्री से कितना रोजगार?
मुरैना ग्लास फैक्ट्री में करीब 1500 करोड़ रुपए के निवेश की बात कही गई है। यानी हर एक नौकरी पर करीब 75 लाख रुपए का निवेश होगा।
अगर इस फैक्ट्री से दो हजार लोगों को काम मिलता है, तो मुरैना के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में क्या बदलाव आएगा? फिलहाल, फैक्ट्री से रोजगार मिलने की यह उम्मीद अभी संभावना ही है।
अब बात करते हैं जमीनी हकीकत की। उद्यमियों के साथ हुई बैठक में निवेश बढ़ाने और जिले में उद्योगों के विस्तार पर चर्चा हुई। जिले में इंडस्ट्रियल इकाइयों के लिए जमीन भी आवंटित की गई है। इनमें से कुछ उद्योग तय समय पर निर्माण पूरा कर उत्पादन भी शुरू कर चुके हैं।
युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा?
सरकार चाहती है कि उद्योग लगने के साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिले। इसके लिए उद्योगपतियों और अधिकारियों को पहले से आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें यह पता लगाना होगा कि आने वाले समय में कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी और उनके पास किस तरह का कौशल होना चाहिए।
इस आकलन के बाद युवाओं को नौकरी की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसका मकसद है कि लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिले और वे अपनी योग्यता के दम पर आगे बढ़ने के मौके भी हासिल कर सकें।
इंडस्ट्रियल पार्क से बनेगा रास्ता
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार चाहती है कि उद्योगों को बढ़ावा मिले और युवाओं को अपने ही इलाके में रोजगार के मौके मिलें।
चंबल एक्सप्रेसवे आर्थिक कॉरिडोर क्या है?
Chambal Expressway के पास आर्थिक कॉरिडोर बनाने की पहल की गई है। आसान भाषा में कहें तो यहां उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने की योजना है। इसका मकसद ग्वालियर समेत आसपास के इलाकों में निवेश के नए मौके तैयार करना है।
आयुर्वेदिक कॉलेज मुरैना की तैयारी
मुरैना में स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित दो प्रमुख परियोजनाएं सामने आई हैं। पहली परियोजना मुरैना में 75 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला आयुर्वेदिक कॉलेज है। दूसरी परियोजना निजी क्षेत्र में बने नए मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण (औपचारिक उद्घाटन) है।
फूड पार्क और दुग्ध उत्पादन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की जरूरत बताई। मकसद खाद्य प्रसंस्करण (उपज से पैक्ड उत्पाद बनाना) उद्योगों को प्रोत्साहन देना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार दुग्ध उत्पादन को रफ्तार देने के प्रयास जारी हैं। इसमें एनडीडीबी (NDDB – National Dairy Development Board) की मदद ली जा रही है।
खेल प्रतिभाओं के लिए इनाम की घोषणा
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए पुरस्कार राशि की घोषणा हुई। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 2-2 लाख रुपए मिलेंगे। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए 1-1 लाख रुपए की राशि घोषित हुई। राज्य स्तर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
हेल्पलाइन शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश
इस दौरान सीएम (Chief Minister) हेल्पलाइन की शिकायतों की भी समीक्षा हुई। जहां जरूरी लगा, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों से विधानसभा क्षेत्रों के कामों की समीक्षा करने को कहा गया।
पर्यटन से रोजगार की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने जिले में पर्यटन की संभावनाओं का भी जिक्र किया। घड़ियाल अभयारण्य का जिक्र करते हुए उन्होंने नई संभावनाओं पर बात की। मेडिकल टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और धार्मिक पर्यटन में संभावनाएं तलाशने की बात हुई। इनसे मुरैना में रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा
FAQ
- मुरैना की ग्लास फैक्ट्री से कितने लोगों को रोजगार मिल सकता है?
मुरैना की ग्लास फैक्ट्री से करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। - ग्लास फैक्ट्री में निवेश की राशि क्या है?
मुरैना की ग्लास फैक्ट्री में करीब 1500 करोड़ रुपए (15 अरब रुपए) का निवेश होने की बात कही गई है। - स्थानीय युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा?
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए उद्योगपतियों और अधिकारियों को पहले से यह आकलन करना होगा कि कितने कर्मचारियों की आवश्यकता होगी और उनके पास किस प्रकार का कौशल होना चाहिए।