मुरैना मनरेगा घोटाला : कागजों पर खोद डाले 29 लाख के दो तालाब, मौके पर मिला जुता हुआ खेत

Anjali Dwivedi | Jun 01, 2026, 17:58 IST
morena mgnrega fake pond scam
मुरैना की डोडरी पंचायत में मनरेगा योजना के तहत 29 लाख के दो तालाब कागजों पर बना दिए गए। फर्जी मस्टर रोल से 14 लाख रुपए निकाल भी लिए गए। जब अधिकारियों ने जांच की तो वहां सिर्फ जुता हुआ खेत मिला।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मुरैना जिले की डोडरी ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।
  • यहां करीब 29 लाख रुपए की लागत से कागजों पर दो नए तालाब बना दिए गए।
  • मस्टर रोल में 180 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर लाखों का भुगतान निकाल लिया गया।
  • शिकायत पर जब जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो तालाब की जगह जुता हुआ खेत मिला।
  • सरपंच और सचिव ने जांच को झूठा बताते हुए कहा कि तालाब वहीं पर मौजूद हैं।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से भ्रष्टाचार का एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है। यहां के पोरसा जनपद की डोडरी ग्राम पंचायत में सरकारी पैसों की खुली लूट हुई है। अधिकारियों ने कागजों पर ही दो बड़े तालाब खोदकर तैयार कर दिए।



इस पूरे काम के लिए बकायदा बजट भी पास कराया गया था। दोनों तालाबों को बनाने की कुल लागत करीब 29 लाख रुपए तय की गई थी। इस योजना में ग्रामीणों को रोजगार देने का नाटक भी रचा गया।



फाइलों में मजदूर और जमीन पर खाली खेत

सरकारी फाइलों में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक, यहां 30 और 31 मई को मजदूरों से काम कराया गया था। इसके लिए 180 मजदूरों के नाम पर फर्जी मस्टर रोल भी तैयार किए गए थे।



कागजों के इस खेल के जरिए अब तक 14 लाख 10 हजार रुपए की रकम निकाली जा चुकी थी। जब असलियत सामने आई, तो हर कोई हैरान रह गया। जमीन पर तालाब का कोई नामोनिशान नहीं था।



जांच करने पहुंचीं सीईओ तो खुली पोल

मजदूरों और ग्रामीणों ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत बड़े अधिकारियों से कर दी। शिकायत मिलते ही जनपद पंचायत की सीईओ सुनीता शर्मा खुद जांच करने गांव पहुंचीं।



जब वे तय लोकेशन पर पहुंचीं, तो वहां कोई तालाब नहीं मिला। फाइलों में जिस जगह पानी से भरा तालाब होना चाहिए था, वहां केवल एक जुता हुआ खेत नजर आया। मौके पर एक भी मजदूर काम करता हुआ नहीं मिला।



इन दो प्रोजेक्ट में हुआ सबसे बड़ा खेल

पंचायत ने पहला फर्जीवाड़ा खसरा नंबर 709 की जमीन पर किया। यहां मुकुट सिंह के खेत के पास 14 लाख 88 हजार रुपए का तालाब मंजूर हुआ था। कागजों में 24 मई से खुदाई का काम भी शुरू दिखा दिया गया।



दूसरा घोटाला खसरा नंबर 567 पर मस्जिद के पास हुआ। यहां भी करीब 14 लाख 88 हजार रुपए की लागत से दूसरा तालाब बनना तय हुआ था। दोनों ही जगह पर बिना काम किए सरकारी बजट ठिकाने लगा दिया गया।



muraina scam list

सरपंच और सचिव ने क्या तर्क दिए

इसकी पोलपट्टी के खुलने के बाद भी पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं। पंचायत सचिव श्याम सुंदर शर्मा ने तो जनपद सीईओ की जांच को ही झूठा करार दे दिया।



सचिव ने कहा कि मैडम को कुछ पता नहीं है, तालाब वहीं बने हैं। वहीं डोडरी के सरपंच सुरेश सिंह तोमर ने और भी मजेदार तर्क दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उस जगह पर खेती कर लेते हैं, इसलिए वह खेत जैसा दिख रहा है।



पूर्व अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप

गांव के शिकायतकर्ता गौरव तोमर ने इस मामले में कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि इस पंचायत में बहुत लंबे समय से मनरेगा का घोटाला चल रहा है।



उन्होंने पहले के अधिकारियों से भी कई बार इसकी लिखित शिकायत की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पोरसा के पूर्व सीईओ देवेंद्र जैन का सरपंच और सचिव को खुला संरक्षण मिला हुआ था। इसी वजह से यह धांधली लगातार चलती रही।



ये खबरें भी पढ़ें...



करोड़ों के निर्माण मे बड़ा खेल, मनरेगा से डेढ़ गुना अधिक लागत में आरईएस बना रहा डेम, गड़बड़ी छिपाने की कोशिश शुरु



विधानसभा में मंत्री का खुलासा-केंद्रीय अंशदान नहीं मिलने से मनरेगा में मजदूरी भुगतान में देरी



MP में पीएम आवास और सड़क का पैसा खत्म : केंद्र पर मनरेगा योजना का 704 करोड़ बकाया



एमपी में आदिवासी योजनाओं में गड़बड़ी, छात्रों की शिक्षा और गरीबों के हक से खिलवाड़





Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • भ्रष्टाचार
  • मुरैना
  • मनरेगा
  • फर्जीवाड़ा
  • मनरेगा में गड़बड़ी