70-80-90% सैलरी विवाद पर एमपी सरकार की चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस; 16 नवंबर को अगली सुनवाई
जस्टिस एमएम सुंदरेष और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की डिविजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।
अब सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका को 100% वेतन से जुड़े मुख्य मामले के साथ टैग कर दिया है। यानी अब सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। इसके बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
हाई कोर्ट और जजों को भी बनाया गया प्रतिवादी
एमपी सरकार की याचिका में कई पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इनमें वसीम अकरम, अमनदीप सिंह बग्गा और शैफाली गोम शामिल हैं। प्रियंका श्रीवास्तव और असद सिद्दीकी भी प्रतिवादी हैं। याचिका में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को भी पक्ष बनाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को भी प्रतिवादी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब इन सभी पक्षों का जवाब सामने आएगा।
हाई कोर्ट के आदेश पर अब सबकी नजर
70, 80 और 90% सैलरी व्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट में कर्मचारियों को राहत मिली थी। हाई कोर्ट ने पहले तीन साल तक कम वेतन की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसके बाद कर्मचारियों को 100% वेतन और बकाया भुगतान का रास्ता खुला था। सरकार ने इसी व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब सुप्रीम कोर्ट में मुख्य मामले के साथ इसकी सुनवाई होगी।
अंडरटेकिंग वाले आदेश का क्या होगा
जबलपुर हाई कोर्ट ने 25 सितंबर को कर्मचारियों को राहत दी थी। जस्टिस विशाल धगत ने सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद भुगतान का रास्ता साफ किया था। कोर्ट ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से कोई रोक नहीं है। इसलिए कर्मचारियों को पिछले आदेश के अनुसार लाभ दिया जाए। हालांकि भुगतान से पहले अंडरटेकिंग लेने का निर्देश दिया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार की चुनौती पर आगे की सुनवाई होगी।
16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने के बाद अगली सुनवाई 16 नवंबर तय की है। इस सुनवाई में संबंधित पक्षों का रुख सामने आ सकता है। फिलहाल याचिका को 100% वेतन के मुख्य मामले से जोड़ दिया गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के हजारों कर्मचारियों की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी।
- 100% सैलरी विवाद किससे जुड़ा है?
यह मामला मध्य प्रदेश में 70, 80 और 90% वेतन व्यवस्था से जुड़ा है। कर्मचारियों को पूरा वेतन और बकाया भुगतान देने के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। - मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्यों लगाई है?
सरकार ने हाई कोर्ट के 100% वेतन से जुड़े आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। - सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला लिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका को 100% वेतन से जुड़े मुख्य मामले के साथ जोड़ दिया है और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। - अब इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। - हाई कोर्ट के आदेश का कर्मचारियों पर क्या असर पड़ा था?
हाई कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों को 100% वेतन और बकाया भुगतान मिलने का रास्ता खुला था। सरकार ने इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।