अब छोटे शहरों से भी भरेंगे उड़ान, मध्य प्रदेश में बनेंगे 5 नए एयरपोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश में 10 प्रस्तावित एयरस्ट्रिप्स में से 5 को एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी है।
- पहला नया एयरपोर्ट सिंगरौली में बनेगा, जो भोपाल से सबसे दूर बसा शहर है।
- रविवार को मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और सीएम मोहन यादव की बैठक हुई।
- उज्जैन और शिवपुरी में पहले से एयरपोर्ट निर्माण चल रहा है, उज्जैन को 10 अक्टूबर तक पर्यावरणीय मंजूरी मिलेगी।
- पिछले 6 महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया और 170 से ज्यादा मरीजों को एयर एम्बुलेंस से मदद मिली।
मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। केंद्र सरकार ने राज्य में 10 एयरस्ट्रिप्स प्रस्तावित की थीं। इनमें से पहले चरण में 5 को एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी मिल गई है।
भोपाल से सबसे दूर बसे शहर सिंगरौली को पहली प्राथमिकता मिली है। यह जानकारी रविवार को हुई एक अहम बैठक में सामने आई। केंद्रीय विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन पहुंचे। यहां विमानन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसी बैठक में एयरपोर्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया।
पहले चरण में 5 एयरपोर्ट
केंद्रीय मंत्री नायडू ने बैठक में साफ कहा कि केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 10 प्रस्तावित एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदला जाएगा। इनमें से पहले चरण में पांच पर काम शुरू होगा।
सबसे पहला एयरपोर्ट सिंगरौली (सिंगरौली एयरपोर्ट) में बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में प्रदेश की मौजूदा स्थिति भी बताई। उनके मुताबिक मध्यप्रदेश में अभी आठ एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश की 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स एयरपोर्ट बन जाएं। इसके लिए सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला को शामिल किया गया है। साथ ही खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल भी सूची में हैं। इन सभी जगहों के लिए प्रस्ताव पहले ही तैयार किया जा चुका है। अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद काम आगे बढ़ेगा। जानकारों का मानना है कि इससे इन शहरों में रोजगार भी बढ़ेगा।
उड़ान योजना 2036 तक
केंद्रीय मंत्री ने बैठक में उड़ान योजना को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना को अब 2036 तक बढ़ा दिया गया है। इसके तहत देश में अगले 10 साल में एक लक्ष्य तय हुआ है। यह लक्ष्य 100 नए एयरपोर्ट बनाने का है। मध्यप्रदेश के सभी प्रस्तावित एयरपोर्ट इसी योजना के तहत बनेंगे। नायडू ने दोहराया कि पहले चरण में पांच एयरपोर्ट बनेंगे। इसकी शुरुआत सिंगरौली से ही होगी। उन्होंने कहा कि बाकी शहरों पर काम बाद में शुरू होगा।
उज्जैन-शिवपुरी का हाल
बैठक में उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट की प्रगति पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। यह निर्देश एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Airport Authority of India) को मिले हैं। उन्होंने दोनों परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा। उज्जैन एयरपोर्ट के लिए पर्यावरणीय मंजूरी जरूरी है। यह मंजूरी 10 अक्टूबर 2026 तक लेने का लक्ष्य रखा गया है। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए यह एयरपोर्ट बेहद जरूरी माना जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को हवाई सुविधा मिलेगी। शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द पूरी करने को कहा गया है। यह एयरपोर्ट भी राज्य के हवाई नक्शे को मजबूत करेगा।
बढ़ी हवाई यात्रियों की संख्या
विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इस दौरान 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया। उनके मुताबिक यह आंकड़ा यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। प्रदेश में हवाई सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
मध्यप्रदेश में इस समय पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा चल रही है। इसके साथ ही पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा भी संचालित हो रही है। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा भी प्रदेश में जारी है। पिछले महीने इंदौर से अबुधाबी के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू हुई। 10 अगस्त से चार नई सीधी हवाई सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं। इससे प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। यात्रियों को अब कई शहरों के लिए सीधी उड़ान मिलेगी।
एयर एम्बुलेंस से राहत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (मोहन यादव सरकार) ने एयर एम्बुलेंस सेवा को लेकर बड़ी जानकारी दी। उनके मुताबिक अब तक 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को मदद मिली है। यह मदद पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा (PM Shree Air Ambulance Service) से मिली है। सरकार के अनुसार इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों की जान बच पाई। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा बिल्कुल मुफ्त दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री नायडू ने इस सेवा की खुले दिल से तारीफ की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने देश के सामने एक मिसाल पेश की है। उनके मुताबिक बाकी राज्यों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
बैठक में कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल शामिल थे। केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा भी बैठक में थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य (प्लानिंग) अनिल कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एच. पुल्ला भी बैठक में थे। आयुक्त विमानन चंद्रमौली शुक्ला भी वहां मौजूद रहे।
इस बैठक से साफ है कि हवाई सेवाओं का विस्तार अब तेज होगा। आने वाले महीनों में सिंगरौली को एयरपोर्ट की सौगात मिल सकती है। इससे प्रदेश के दूर-दराज इलाके भी हवाई नक्शे पर आ जाएंगे। स्थानीय लोगों को इससे रोजगार और व्यापार दोनों में फायदा होगा।
FAQ
- सवाल 1: मध्यप्रदेश में सबसे पहले कौन सा नया एयरपोर्ट बनेगा?
जवाब: मध्यप्रदेश में पहले चरण में सबसे पहला नया एयरपोर्ट सिंगरौली में बनेगा। यह भोपाल से सबसे दूर बसा नगर निगम शहर है। केंद्र सरकार ने इसे प्राथमिकता के तौर पर चुना है। - सवाल 2: मध्यप्रदेश में कुल कितने नए एयरपोर्ट प्रस्तावित हैं?
जवाब: मध्यप्रदेश में कुल 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं। पहले चरण में इनमें से 5 पर काम होगा। - सवाल 3: उज्जैन एयरपोर्ट कब तक बनकर तैयार होगा?
जवाब: उज्जैन एयरपोर्ट के लिए पर्यावरणीय मंजूरी 10 अक्टूबर 2026 तक ली जाएगी। उज्जैन सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर इसे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह एयरपोर्ट श्रद्धालुओं के लिए बेहद अहम होगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
अबूधाबी-इंदौर फ्लाइट में गोल्ड स्मगलिंग, एयरपोर्ट पर पकड़ाया दो करोड़ का सोना
रनवे पर पसरा सन्नाटा, फिर भी देश का नंबर-1 एयरपोर्ट बना खजुराहो, भोपाल नंबर 3 पर
MP School Holiday: तेज बारिश के चलते एमपी के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
एयरपोर्ट अथॉरिटी में बंपर भर्ती: 389 पदों के लिए नया नोटिफिकेशन जारी