विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बना एमपी का सावरवानी गांव, देसी अंदाज के दीवाने हुए लोग
Best Rural Tourism MP: मध्यप्रदेश का छिंदवाड़ा जिला इन दिनों एक खास वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हो रहा है। यहां का छोटा सा गांव सावरवानी रूरल टूरिज्म का चमकता सितारा बन चुका है। अगर आप शहर की भागदौड़ और प्रदूषण से थक चुके हैं, तो ये जगह आपके लिए जन्नत से कम नहीं है।
सावरवानी की सबसे बड़ी खूबी यहां का सिंपल लाइफ और प्योर एनवायरनमेंट है। यहां सुबह अलार्म से नहीं बल्कि मुर्गे की आवाज (कुकड़ू-कूं) से होती है। इस गांव ने अपनी संस्कृति को इतने सुंदर ढंग से संजोया है कि अब सात समंदर पार से विदेशी मेहमान भी यहां खिंचे चले आते हैं। पिछले कुछ सालों में इस गांव ने पर्यटन के क्षेत्र में बड़े-बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है।
विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद
सावरवानी गांव का जादू अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा है। पिछले तीन सालों में यहां 12 अलग-अलग देशों के पर्यटक आ चुके हैं। अंग्रेज और अन्य फॉरेन टूरिस्ट्स यहां के कच्चे रास्तों पर घूमना पसंद करते हैं। उन्हें यहां की बैलगाड़ी की सवारी में बहुत आनंद आता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अबतक 10 हजार से ज्यादा लोग यहां के होम स्टे का एक्सपीरियंस ले चुके हैं। टूरिस्ट्स को यहां की गलियों में मिलने वाली शांति बहुत सुकून देती है। यहां की मानसिक शांति उन्हें बार-बार यहां आने पर मजबूर करती है।
चूल्हे की रोटी और देसी स्वाद का जादू
एमपी के सावरवानी आने वाले सैलानी यहां के शुद्ध देसी भोजन के दीवाने हैं। चूल्हे पर बनी ज्वार और मक्के की रोटी का स्वाद लाजवाब होता है। घर के बगीचे की ताजी सब्जियां और शुद्ध घी सबको पसंद आता है। यहां का भोजन पूरी तरह ऑर्गेनिक और केमिकल फ्री होता है।
सैलानी खेतों की हरियाली के बीच बैठकर भोजन का आनंद लेते हैं। यह शुद्धता शहर के महंगे होटलों में भी देखने को नहीं मिलती। लोकल कल्चर और एडवेंचर उनके इस एक्सपीरियंस को और भी यादगार बना देते हैं।
होम स्टे बुकिंग में एमपी का नंबर वन गांव
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (mp tourism home stay) की मदद से सावरवानी एक सफल मॉडल बना है। यहां मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा होम स्टे बुकिंग मिल रही है। दिसंबर और जनवरी के महीने में यहां के सभी घर बुक रहते हैं। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को पर्यटकों के स्वागत के लिए ट्रेंड किया है।
ग्रामीण पर्यटन ने यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति बदल दी है। स्थानीय महिलाओं ने हाथ से बने उत्पाद बेचकर लाखों की कमाई की है। अब तक करीब 11 लाख रुपए से ज्यादा के प्रोडक्ट बेचे जा चुके हैं। खेतों में उगे अनाज और दालों की डिमांड भी बहुत बढ़ गई है।
मिले हैं कई बड़े सम्मान
सावरवानी गांव को अपनी संस्कृति के लिए कई बड़े सम्मान मिले हैं। इसे फाइव ग्रीन लीफ रेटिंग और गोल्डन कैटेगरी अवार्ड मिला है। देश के अन्य राज्यों से लोग यहां इस मॉडल को सीखने आते हैं। यहां के ग्रामीणों का भोलापन और मेहमान नवाजी दिल जीत लेती है। सावरवानी गांव आज पूरे भारत के लिए सोर्स ऑफ इंस्पिरेशन बन गया है।
FAQ
- सावरवानी गांव किस जिले में है और वहां कैसे पहुंच सकते हैं?
सावरवानी गांव मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित है। यहां पहुंचने के लिए छिंदवाड़ा शहर से सड़क मार्ग का उपयोग किया जा सकता है। ये गांव पेंच नेशनल पार्क के भी काफी करीब पड़ता है। - सावरवानी गांव के होम स्टे में क्या सुविधाएं मिलती हैं?
यहां के होम स्टे में आपको ट्रेडिशनल रूरल हाउस में रहने का मौका मिलता है। कमरों में स्वच्छता और बेसिक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाता है। आपको ताजा देसी खाना और बैलगाड़ी की सवारी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। - क्या सावरवानी गांव में रुकना सुरक्षित है?
हां, सावरवानी गांव पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड यहां की व्यवस्थाओं की निगरानी करता है। स्थानीय ग्रामीण बहुत ही मिलनसार हैं और मेहमानों का बहुत सम्मान करते हैं।
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