एमपी कैबिनेट: कर्मचारियों के लिए DA में 3% बढ़ोतरी, ओबीसी युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना को मंजूरी
News In Short
- ओबीसी युवाओं के लिए शौर्य संकल्प योजना।
- कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता।
- शौर्य संकल्प योजना में 4000 युवाओं को प्रशिक्षण।
- महंगाई राहत से कर्मचारियों को 58% डीए।
- सरकारी योजनाओं को चालू रखने की स्वीकृति।
News In Detail
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने ओबीसी युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 4000 युवाओं को सैन्य बल, पुलिस, और सुरक्षा एजेंसियों में नियुक्ति दिलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 3% महंगाई भत्ते की स्वीकृति भी दी गई है। इस फैसले से प्रदेश में एक नई ऊर्जा आएगी।
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना का उद्देश्य
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में ओबीसी (ओपन बैकवर्ड क्लास) युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना को मंजूरी दी है। यह योजना खासतौर पर उन युवाओं को सैन्य बल, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती करने के लिए तैयार की गई है।
इस योजना के तहत चार हजार युवाओं को सालाना प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो एक साल में पूरी होगी। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ओबीसी युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है ताकि वे सुरक्षा क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा सकें।
योजना के तहत मिलने वाले लाभ
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के तहत युवाओं को एक वर्ष की अवधि में सैन्य और सुरक्षा बलों में सेवा देने के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण मिलेगा। इस प्रशिक्षण के दौरान, प्रशिक्षुओं को शिष्यवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। युवकों को 1000 रुपए और युवतियों को 1200 रुपए की शिष्यवृत्ति मिलेगी। इसके अलावा, योजना में चार महीने तक आवासीय प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रशिक्षु अपनी पूरी ऊर्जा और ध्यान से प्रशिक्षण ले सकेंगे।
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता
एमपी कैबिनेट में सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीएडीआर अब 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा।
इस बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को एक बड़ा लाभ होगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों को महंगाई से निपटने में मदद करेगा। इसके चलते सरकार पर 2450 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट की बैठक में कुल 20 एजेंडों पर चर्चा की गई। इनमें से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें से एक था प्रदेश में संचालित मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत अति कम वजन वाले बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता की राशि आवंटित करना। इसके अलावा जल प्रदूषण के मुद्दे पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद न्यायिक जांच आयोग गठित करने का फैसला लिया गया।
सरकारी परियोजनाओं की स्वीकृति
कैबिनेट ने राज्य में चल रही विभिन्न परियोजनाओं को चालू रखने के लिए 6940 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन योजनाओं में जल संसाधन विभाग की महाना सिंचाई परियोजना और लोक निर्माण विभाग द्वारा कई योजनाओं की स्वीकृति शामिल है। ये परियोजनाएं राज्य में बुनियादी ढांचे को सुधारने और विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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