मोहन कैबिनेट से 41 हजार करोड़ का प्रस्ताव मंजूर, डेयरी, शिक्षा से सड़क निर्माण तक को मिले करोड़ों रुपए
Mohan Cabinet: मध्यप्रदेश में हर मंगलवार की तरह 1 सितंबर को भी कैबिनेट बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। बैठक के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
जी राम जी योजना को मंजूरी
प्रदेश के विकास के लिए मोहन कैबिनेट में 41 हजार करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। यह राशि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दी गई है। इसमें विकसित भारत जी राम जी योजना (Vikasit Bharat G Ram G Yojana) के लिए 29 हजार 619 करोड़ रुपए शामिल हैं। यह योजना ग्रामीण रोजगार से जुड़ी हुई है। इसके जरिए गांवों में मजदूरों को काम मिलेगा।
डेयरी विकास पर बड़ा फैसला
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए भी बड़ा फैसला हुआ है। इसमें कुल 2973 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 1547 करोड़ रुपए सिर्फ प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने पर खर्च होंगे। अगले 5 सालों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार होगा। अभी यह समितियां 7331 गांवों में हैं।
इन्हें बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक ले जाया जाएगा। रोजाना दूध संकलन भी 12 लाख किलो से बढ़कर 52 लाख किलो होगा। प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख लीटर से बढ़कर 63.3 लाख लीटर होगी। दुग्ध पैकेट बिक्री भी सात लाख लीटर से बढ़कर 35 लाख लीटर प्रतिदिन होगी।
जन विश्वास अभियान अपडेट
बैठक में जन विश्वास अभियान पर भी चर्चा हुई। यह अभियान अभी तक चार सप्ताह पूरा कर चुका है। मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा, बड़वानी, टीकमगढ़ और बालाघाट में कार्यक्रम किए। बालाघाट के नक्सल प्रभावित इलाके कोरका बोंदरी में भी वे गए। वहां उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत की।
बैगा समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी फैसला हुआ। करीब 100 गांवों के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। यह अभियान हर शुक्रवार को होता है। अगला शुक्रवार जन्माष्टमी का दिन है। इसलिए अब यह अभियान सीधे 11 सितंबर को होगा।
सड़कों पर अहम फैसले
सड़कों को लेकर भी दो अहम फैसले लिए गए। पश्चिमी भोपाल बाईपास फोरलेन की लागत बढ़ गई है। मुआवजे का गुणांक दो से बढ़कर चार हो गया है। रातापानी टाइगर रिजर्व के कारण अंडरपास भी ज्यादा बनेंगे। इस वजह से लागत 2981 करोड़ से बढ़कर 3225 करोड़ हो गई है।
हालांकि सड़क की लंबाई 40 किमी से घटकर 35.61 किमी हो गई है। इससे जबलपुर और इंदौर के बीच सफर 21 किमी कम होगा। महलवा-बीना-खिमलासा-मालथोन मार्ग को भी फोरलेन बनाया जाएगा। यहां ट्रैफिक तय सीमा से ज्यादा हो गया है। इस पर करीब 776 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं को भी मंजूरी मिली। विभागीय संपत्तियों के रखरखाव के लिए 915.77 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। मशीन और उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं।
देश की जीडीपी 7.8% बढ़ी
बैठक में देश की अर्थव्यवस्था पर भी बात हुई। अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही। पिछले साल इसी अवधि में यह दर 6.9% थी। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि बताया गया। भारत अब दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। विजन 2047 के तहत डबल डिजिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा गया है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को लेकर भी फैसला हुआ। केंद्र और राज्य के बीच फंड का अनुपात तय किया गया है। इसमें राज्य का हिस्सा करीब 10,574 करोड़ रुपए होगा। हर जिले में शिकायत निवारण के लिए लोकपाल भी नियुक्त होगा।
नए जिलों में नई नियुक्ति
नए जिलों में भी कई नई नियुक्तियां होंगी। मध्यप्रदेश आयुष विभाग में नए जिलों के लिए पद मंजूर हुए हैं। इनमें निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर शामिल हैं। हर जिले में करीब 20 पद बनेंगे। सामाजिक न्याय विभाग में भी मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा के दफ्तर अब शुरू होंगे। इन तीन जिलों में कुल 15 पद मंजूर किए गए हैं।
RGPV से बनेंगी 3 यूनिवर्सिटी
आरजीपीवी (Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya) को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। इसमें अभी 13 कोर्स, 585 संस्थान और 3.83 लाख छात्र हैं। अब इसकी जगह तीन नई तकनीकी यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी। पहली यूनिवर्सिटी भोपाल में होगी, जिसमें भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग आएंगे।
दूसरी यूनिवर्सिटी उज्जैन में बनेगी, जिसमें उज्जैन और इंदौर संभाग शामिल होंगे। तीसरी यूनिवर्सिटी जबलपुर में होगी, जिसमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग आएंगे। अब तकनीक के साथ कौशल भी सिखाया जाएगा। वहीं, भोपाल स्थित विवि के नाम से राजीव गांधी का नाम हट जाएगा।
मूंग खरीद का दायरा बढ़ा
किसान कल्याण विभाग में मूंग की खरीद को लेकर भी फैसला हुआ। पहले 25% मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। इससे किसानों को फायदा होगा।
प्रशासनिक और अनुशासन एक्शन
कुछ प्रशासनिक और अनुशासनात्मक फैसले भी लिए गए। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में विधि सलाहकार का पद खाली था। अब इस पद पर देव नारायण शुक्ल की नियुक्ति हुई है। वे रिटायर्ड जिला और सत्र न्यायाधीश हैं। इंदौर के एक बाल गृह के अधीक्षक राजीव द्विवेदी पर भी कार्रवाई हुई है।
उनकी संस्था से बच्चों के भागने का मामला सामने आया था। जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं। उनकी एक साल की पेंशन का 5% हिस्सा वापस लिया जाएगा। रतलाम में तैनात रहे वन अधिकारी अब्दुल तनवीर खान की पेंशन भी रोकी जाएगी। उन्हें 2021 में रिश्वत लेते पकड़ा गया था और सजा भी मिली थी।
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