मध्य प्रदेश के दो आईपीएस ए. शियास और ए. जयदेवन केंद्र में बनेंगे आईजी
समझें क्या है पूरा मामला...
- केंद्र सरकार ने एमपी कैडर के चार सीनियर आईपीएस अधिकारियों पर विचार किया है।
- इनमें से दो अधिकारियों ए. शियास और ए. जयदेवन को आईजी पद के लिए चुना गया है।
- कुमार सौरभ और ललित शाक्यवार इस बार इस सूची में जगह नहीं बना पाए।
- देशभर से कुल 68 आईपीएस अधिकारियों को आईजी या समकक्ष पद के लिए इम्पैनल किया गया है।
- 19 साल की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारी इस पद के लिए पात्र होते हैं।
मप्र के दो IPS को मिला केंद्रीय पद
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के दो IPS को आईजी पद पर किया इम्पैनल
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश कैडर के सीनियर आईपीएस (Indian Police Service) अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर अहम फैसला किया है। अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट द्वारा जारी सूची में मप्र कैडर के ए. शियास और ए. जयदेवन का चयन आईजी (Inspector General) स्तर के पदों के लिए किया गया है। यह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर मिलने वाला अहम पद है।
वहीं इसी प्रक्रिया में कुमार सौरभ और ललित शाक्यवार इस बार सूची से बाहर हो गए। इसका मतलब यह नहीं कि उनका करियर रुक गया, लेकिन इस दौर में उन्हें यह मौका नहीं मिला।
68 IPS चुने, 55 बाहर
इस पूरी प्रक्रिया में केंद्र सरकार ने देशभर के आईपीएस अधिकारियों की समीक्षा की। कुल 68 अधिकारियों को विभिन्न श्रेणियों में आईजी या समकक्ष पदों के लिए इम्पैनल किया गया है।
दूसरी तरफ 55 अधिकारियों के नामों को इस बार मंजूरी नहीं दी गई है। यानी प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रही और हर अधिकारी को यह मौका नहीं मिला है।
कौन होता है पात्र
जानकारों के अनुसार जो आईपीएस अधिकारी 19 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके होते हैं, वे इस पद के लिए पात्र माने जाते हैं। इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया में सेवा रिकॉर्ड, वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट और केंद्र सरकार के मानदंडों को आधार बनाया जाता है। यह पद राज्य कैडर से केंद्र में जाने का एक अहम पड़ाव होता है।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी कैडर के दो रिटायर्ड अफसरों ने जातीय राजनीति पर उठाए सवाल
एमपी कैडर की IAS अनुग्रह पी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में CVO बनीं
एमपी कैडर के आईपीएस मनमीत बने आईबी के स्पेशल डायरेक्टर, IAS नीरज सिंह केंद्र के लिए रिलीव
केंद्र सरकार का बड़ा फेरबदल: एमपी कैडर के नरहरि सहित 48 IAS-IPS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी