MP में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बिना CPCT मिल सकेगा प्रमोशन, जानें कौन होगा पात्र
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एमपी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर प्रमोशन दिया जाता है। इसके लिए निर्धारित पढ़ाई के साथ कंप्यूटर की योग्यता भी जरूरी है। कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड और मान्यता प्राप्त कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट देना होता है। इन शर्तों के कारण कुछ कर्मचारियों के प्रमोशन में परेशानी आ रही थी।
इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने पुराने निर्देशों में बदलाव कर स्थिति स्पष्ट की है। अब पात्र कर्मचारियों को प्रमोशन के बाद कंप्यूटर की जरूरी योग्यता पूरी करने का समय मिल सकेगा। वहीं उम्र की निर्धारित शर्त पूरी करने वाले कर्मचारियों को CPCT यानी कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेशन टेस्ट से राहत मिलेगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगी राहत?
जिन कर्मचारियों की उम्र पदोन्नति (Promotion) की तारीख तक 45 साल पूरी हो चुकी है, उन्हें CPCT स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। यानी ऐसे कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए CPCT पास करना जरूरी नहीं होगा।
हालांकि कंप्यूटर की निर्धारित योग्यता पूरी करना अनिवार्य रहेगा। यह राहत केवल विभागीय पदोन्नति के लिए है। दूसरे माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में इसका लाभ नहीं मिलेगा।
दो साल में पूरी करनी होगी योग्यता
सहायक ग्रेड-3 के पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो साल की परिवीक्षा अवधि पर पदोन्नति दी जा सकेगी। इस दौरान उन्हें CPCT परीक्षा पास करनी होगी। साथ ही मान्यता प्राप्त संस्थान से एक साल का कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट भी हासिल करना होगा।
हालांकि 45 साल की उम्र पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड से छूट रहेगी। उन्हें केवल कंप्यूटर की निर्धारित योग्यता पूरी करनी होगी।
इस व्यवस्था से उन कर्मचारियों को पदोन्नति का मौका मिलेगा, जिनके पास फिलहाल जरूरी कंप्यूटर योग्यता नहीं है।
पांच साल में योग्यता नहीं मिली तो क्या होगा?
जिन कर्मचारियों को पदोन्नति मिलेगी, उन्हें तय समय में जरूरी योग्यता हासिल करनी होगी। अगर कोई कर्मचारी शुरुआती दो साल में यह योग्यता पूरी नहीं कर पाता है, तो उसकी परिवीक्षा अवधि बढ़ाई जा सकेगी। यह अवधि अधिकतम तीन साल और बढ़ सकती है।
इस तरह कर्मचारी को कुल पांच साल तक का समय मिल सकता है। हालांकि यह अतिरिक्त समय अपने आप नहीं मिलेगा। इसके लिए परिवीक्षा अवधि बढ़ाने की व्यवस्था लागू होगी।
अगर पांच साल में भी कर्मचारी निर्धारित योग्यता पूरी नहीं कर पाता है, तो उसे सहायक ग्रेड-3 के पद से वापस भेज दिया जाएगा। ऐसे कर्मचारी को दोबारा उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर पदस्थ किया जाएगा।
कौन-कौन से कंप्यूटर कोर्स मान्य होंगे?
सहायक ग्रेड-3 पर पदोन्नति के लिए केवल CPCT ही पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों के पास निर्धारित कंप्यूटर योग्यता भी होनी चाहिए।
इसके लिए यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या मुक्त विश्वविद्यालय से हासिल कंप्यूटर डिप्लोमा मान्य होगा। इसके अलावा DOEACC की डिप्लोमा स्तर की परीक्षा भी स्वीकार की जाएगी।
सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज से किया गया मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स भी मान्य होगा। NCVT या SCVT से मिला एक साल का कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) प्रमाणपत्र भी स्वीकार किया जाएगा।
इसके अलावा कंप्यूटर साइंस या आईटी से संबंधित बीई, बीटेक, एमसीए, बीसीए, एमएससी, एमटेक और एमई जैसी निर्धारित योग्यताएं भी मान्य होंगी। AICTE से अनुमोदित पॉलिटेक्निक संस्थानों से कंप्यूटर साइंस या आईटी में किया गया डिप्लोमा भी स्वीकार किया जाएगा।
सिर्फ कंप्यूटर विषय पढ़ना काफी नहीं
बीएससी या बीकॉम की पढ़ाई के दौरान केवल एक विषय के रूप में कंप्यूटर पढ़ने वाले कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी डिग्री को कंप्यूटर डिप्लोमा के बराबर नहीं माना जाएगा।
हालांकि बीएससी की पढ़ाई में आईटी या कंप्यूटर साइंस विषय की निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था है।
अगर विश्वविद्यालय की अंकसूची से संबंधित विषय में निर्धारित अध्ययन और परीक्षा की पुष्टि होती है, तो उनकी योग्यता को बीएससी आईटी या कंप्यूटर साइंस के समकक्ष माना जा सकेगा।
CPCT स्कोर कार्ड कितने साल मान्य?
CPCT स्कोर कार्ड की वैधता सात साल तय है। यानी जिन कर्मचारियों के लिए CPCT अनिवार्य है, उनका स्कोर कार्ड निर्धारित सात साल की अवधि के भीतर मान्य होना चाहिए। कर्मचारियों को कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट की शर्त भी पूरी करनी होगी।
वहीं पदोन्नति की तारीख तक 45 साल की उम्र पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड प्रस्तुत करने से छूट मिलेगी।
सीधी भर्ती में नहीं मिलेगी छूट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि CPCT से जुड़ी यह राहत केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में मिलेगी। सहायक ग्रेड-3 के पद पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
सीधी भर्ती या दूसरे माध्यमों से होने वाली नियुक्तियों में CPCT और कंप्यूटर डिप्लोमा की निर्धारित शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।
सभी विभागों को जारी हुए निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना ने 14 अक्टूबर 2026 को निर्देश जारी किए हैं। इन्हें प्रदेश के सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को भेजा गया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए पहले जारी निर्देशों को संशोधित कर स्थिति स्पष्ट की गई है।
इससे सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति की पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को राहत मिल सकेगी। हालांकि कंप्यूटर की निर्धारित योग्यता पूरी करना जरूरी रहेगा।