सरकार से नहीं आई योजना की राशि तो RDVV ने छात्रों का रोका एग्जाम, HC ने लगाई फटकार
समझें क्या है पूरा मामला
- छात्रों ने मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना से प्रवेश लिया था।
- योजना के तहत प्रवेश और परीक्षा फीस सरकार को देनी थी।
- फीस नहीं मिलने पर यूनिवर्सिटी ने छात्रों को परीक्षा से रोका।
- छात्रों को परीक्षा देने से रोका गया।
- हाई कोर्ट ने छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
सरकार और RDVV के बीच फीस को लेकर विवाद
जबलपुर हाई कोर्ट में छात्रों की याचिका पर सुनवाई हुई। मामला मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना से जुड़ा है। छात्रों ने इसी योजना के तहत यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया था। बाद में फीस भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद का असर छात्रों की परीक्षा पर पड़ने लगा।
यूनिवर्सिटी की ओर से कोर्ट में कहा गया कि छात्रों ने संस्थान को फीस नहीं दी। इसी कारण उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। यूनिवर्सिटी ने पाठ्यक्रमों को स्व-वित्तीय भी बताया। उसके अनुसार इन पाठ्यक्रमों में फीस देना जरूरी है।
योजना में छात्रों की फीस को लेकर क्या व्यवस्था है
सुनवाई में योजना के क्लॉज 11.2.3 का जिक्र हुआ।
इस प्रावधान के तहत पात्र पोस्टग्रेजुएट छात्रों को राहत है। ऐसे छात्रों को मेस फीस और कॉशन मनी देनी होती है।। प्रवेश और नामांकन फीस सरकार को देनी होती है। परीक्षा फीस भी सरकार द्वारा दी जानी होती है।
यानी फीस भुगतान को लेकर छात्रों की जिम्मेदारी सीमित थी। इसी वजह से विवाद सरकार और यूनिवर्सिटी के बीच था। छात्रों को इस विवाद का भुगतान नहीं करना था। इसके बावजूद विवाद का असर उनकी परीक्षा पर पड़ा।
फीस विवाद के कारण छात्रों की परीक्षा अटकी
याचिकाकर्ता कुछ छात्र पहले सेमेस्टर में पास थे। उन्हें दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होना था। उन्हें दो प्रश्नपत्रों में बैठने की अनुमति मिली थी। लेकिन तीसरे प्रश्नपत्र में उन्हें रोक दिया गया। यूनिवर्सिटी ने फीस जमा नहीं होने को कारण बताया।
अन्य याचिकाकर्ता छात्र पहले तीन सेमेस्टर की परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास कर चुके थे। उन्हें चौथे सेमेस्टर की परीक्षा देनी थी। उन्हें एक प्रश्नपत्र में बैठने की अनुमति मिली थी। लेकिन दूसरे प्रश्नपत्र से उन्हें रोक दिया गया।
हाई कोर्ट ने छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दी
मामले की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने तत्काल राहत दी। हाई कोर्ट ने छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी। उस दिन एक प्रश्नपत्र की परीक्षा भी तय थी। कोर्ट ने उसमें भी छात्रों को बैठने की अनुमति दी।
कोर्ट ने साफ किया कि यह अनुमति अंतिम नहीं है। यह अनुमति याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। यानी फीस विवाद पर अभी अंतिम फैसला बाकी है।
फिलहाल छात्रों की परीक्षा को रोकने की स्थिति नहीं रहेगी।
सरकार और यूनिवर्सिटी का विवाद छात्रों पर नहीं पड़ेगा
इस मामले में फीस को लेकर दो पक्ष सामने हैं। एक तरफ सरकार से फीस भुगतान का मुद्दा है। दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी को फीस मिलने का सवाल है। लेकिन इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा। हाई कोर्ट ने फिलहाल इस असर को रोक दिया। कोर्ट ने छात्रों को परीक्षा में शामिल होने दिया।
इससे फीस विवाद के बीच उनकी परीक्षा नहीं रुकेगी। अंतिम फैसला आगे की सुनवाई के बाद होगा।
हाई कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा
हाई कोर्ट ने सरकार सहित RDVV यूनिवर्सिटी और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। उन्हें आज से चार सप्ताह के भीतर जवाब देना होगा। विश्वविद्यालय के वकील को आदेश की प्रति भी दी गई।
उन्हें आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। कोर्ट ने प्रमाणित प्रति आज ही देने का निर्देश दिया। मामले की आगे की कार्रवाई जवाब मिलने के बाद होगी।
इसके बाद कोर्ट पूरे विवाद पर फैसला कर सकता है।
शिवांकी तिवारी समेत छात्रों की याचिका पर सुनवाई
मामला जबलपुर की शिवांकी तिवारी एवं अन्य की याचिका से जुड़ा है। याचिका में मध्य प्रदेश राज्य को पक्ष बनाया गया है। विश्वविद्यालय से जुड़े दो पक्ष भी मामले में शामिल हैं। छात्रों की ओर से देवेंद्र कुमार कुशवाहा उपस्थित हुए। उनके साथ अंजलि तिवारी ने भी पैरवी की। राज्य की ओर से विनीत सिंह उपस्थित हुए।
विश्वविद्यालय की ओर से श्रेयस पंडित कोर्ट में उपस्थित हुए। मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल मिश्रा ने की। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया।
अब फीस विवाद पर आगे की सुनवाई होगी
फिलहाल हाई कोर्ट ने परीक्षा को लेकर राहत दी है। सरकार और यूनिवर्सिटी को अपना जवाब देना होगा। जवाब से फीस भुगतान की स्थिति साफ हो सकती है। योजना के तहत जिम्मेदारी भी स्पष्ट हो सकती है।
अंतिम फैसला आने तक छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति है। इससे उनकी पढ़ाई फिलहाल फीस विवाद से अलग रहेगी। आगे की सुनवाई में पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
FAQ
- मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना का मामला क्या है?
यह मामला योजना के तहत फीस भुगतान से जुड़ा है। - RDVV ने छात्रों को परीक्षा से क्यों रोका?
यूनिवर्सिटी ने फीस जमा नहीं होने को कारण बताया। - RDVV परीक्षा मामले में हाई कोर्ट ने छात्रों के लिए क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने छात्रों को संबंधित परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी।
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