पीएफ कटौती नियमों में बदलाव, संकट या आपदा के समय घट सकती है EPF कटौती
Aman Vaishnav | Sept 16, 2026, 13:56 IST
पीएफ कटौती नियमों में बदलाव
केंद्र सरकार ने नई EPF योजना-2026 में पीएफ कटौती कम करने या टालने का नया नियम जोड़ा गया है। यह राहत किसी आपदा, महामारी या इमरजेंसी की स्थिति में अधिकतम 3 महीने के लिए मिलेगी। पीएफ कम कटने से कर्मचारियों को हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी बढ़कर आएगी।
केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF योजना-2026 में एक बड़ा और अहम बदलाव किया है। नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी में कई बार अचानक ऐसे संकट आ जाते हैं जब हाथ में पैसों की भारी तंगी हो जाती है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून में एक खास अधिकार अपने पास रखा है। इसके तहत अगर देश में कोई महामारी, गंभीर बीमारी या प्राकृतिक आपदा आती है, तो सरकार कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ योगदान को एक बार में अधिकतम तीन महीने के लिए कम कर सकती है या फिर टाल सकती है।
यह राहत पूरे देश के लिए भी लागू हो सकती है या फिर जरूरत के हिसाब से किसी खास राज्य अथवा चुनिंदा इलाके तक भी सीमित रखी जा सकती है।
बता दें कि इस नियम को लेकर मन में किसी तरह का भ्रम रखने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। यह नियम बनते ही आपकी हर महीने कटने वाली सैलरी में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।
दरअसल यह सरकार के पास एक इमरजेंसी पावर की तरह रहेगा। जब तक देश या किसी राज्य में कोई बड़ा संकट नहीं आता और उसके लिए सरकार खुद कोई विशेष सरकारी आदेश यानी नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक पीएफ कटौती का सामान्य नियम ही लागू रहेगा।
इसका मतलब यह है कि आपकी बेसिक सैलरी से हर महीने तय 12 फीसदी (या कुछ विशेष संस्थानों में तय 10 फीसदी) हिस्सा पहले की तरह ही कटता रहेगा।
कर्मचारी या उनकी कंपनियां अपनी मर्जी से कभी भी इस कटौती को कम या बंद करने का फैसला नहीं ले सकती हैं।
अगर आपको याद हो, तो जब साल 2020 में कोरोना महामारी का दौर आया था, तब लोगों के सामने पैसों का बड़ा संकट खड़ा हो गया था। उस समय सरकार ने मई, जून और जुलाई के 3 महीनों के लिए पीएफ योगदान को 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया था।
उस कदम से लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे आ गए थे। उसी तजुर्बे को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने इसे कानून का एक स्थायी हिस्सा बना दिया है, ताकि भविष्य में कभी दोबारा ऐसा संकट आए तो बिना किसी देरी के लोगों को तुरंत आर्थिक मदद दी जा सके।
अगर किसी संकट के समय सरकार पीएफ की कटौती घटाती है, तो इसका सीधा असर आपकी हर महीने घर आने वाली टेक-होम सैलरी पर दिखेगा। इसे एक बहुत ही आसान उदाहरण से समझा जा सकता है:
आपके पीएफ खाते में जितने कम पैसे जमा होंगे, आपको मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज भी उसी अनुपात में थोड़ा कम हो जाएगा। इसलिए तात्कालिक फायदा लंबे समय की बचत को थोड़ा सा घटा देता है।
ईपीएफओ वेज सीलिंग लिमिट: अब 25 हजार तक की बेसिक सैलरी पर मिलेगी पेंशन
अब एटीएम और यूपीआई से निकलेगा पीएफ का पैसा, जानें क्या होंगे नए नियम
बैंक खाते से पैसे निकालने-ट्रांसफर करने पर लगेगी रोक? RBI ला रहा नया नियम
प्लास्टिक नोट छापने के लिए RBI ने बदले टेंडर के नियम, कंपनियों के सामने ने रखीं 2 शर्तें
इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून में एक खास अधिकार अपने पास रखा है। इसके तहत अगर देश में कोई महामारी, गंभीर बीमारी या प्राकृतिक आपदा आती है, तो सरकार कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ योगदान को एक बार में अधिकतम तीन महीने के लिए कम कर सकती है या फिर टाल सकती है।
यह राहत पूरे देश के लिए भी लागू हो सकती है या फिर जरूरत के हिसाब से किसी खास राज्य अथवा चुनिंदा इलाके तक भी सीमित रखी जा सकती है।
क्या कल से ही बदल जाएगी आपकी सैलरी?
दरअसल यह सरकार के पास एक इमरजेंसी पावर की तरह रहेगा। जब तक देश या किसी राज्य में कोई बड़ा संकट नहीं आता और उसके लिए सरकार खुद कोई विशेष सरकारी आदेश यानी नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक पीएफ कटौती का सामान्य नियम ही लागू रहेगा।
इसका मतलब यह है कि आपकी बेसिक सैलरी से हर महीने तय 12 फीसदी (या कुछ विशेष संस्थानों में तय 10 फीसदी) हिस्सा पहले की तरह ही कटता रहेगा।
कर्मचारी या उनकी कंपनियां अपनी मर्जी से कभी भी इस कटौती को कम या बंद करने का फैसला नहीं ले सकती हैं।
सरकार को यह नियम क्यों बनाना पड़ा?
उस कदम से लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे आ गए थे। उसी तजुर्बे को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने इसे कानून का एक स्थायी हिस्सा बना दिया है, ताकि भविष्य में कभी दोबारा ऐसा संकट आए तो बिना किसी देरी के लोगों को तुरंत आर्थिक मदद दी जा सके।
नफा और नुकसान दोनों समझें
- मान लीजिए कि हर महीने आपके वेतन से पीएफ के रूप में 6 हजार रुपए कटते हैं।
- अगर किसी आपदा के समय सरकार नियम लागू करके इसे तीन महीने के लिए घटाकर 5 हजार रुपए कर देती है।
- ऐसे में आपको हर महीने एक हजार रुपए ज्यादा सैलरी मिलेगी।
- तीन महीने के अंदर आपके हाथ में कुल 3 हजार रुपए की सीधी नकद बचत आ जाएगी।
आपके पीएफ खाते में जितने कम पैसे जमा होंगे, आपको मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज भी उसी अनुपात में थोड़ा कम हो जाएगा। इसलिए तात्कालिक फायदा लंबे समय की बचत को थोड़ा सा घटा देता है।
ये खबरें भी पढ़िए...
अब एटीएम और यूपीआई से निकलेगा पीएफ का पैसा, जानें क्या होंगे नए नियम
बैंक खाते से पैसे निकालने-ट्रांसफर करने पर लगेगी रोक? RBI ला रहा नया नियम
प्लास्टिक नोट छापने के लिए RBI ने बदले टेंडर के नियम, कंपनियों के सामने ने रखीं 2 शर्तें
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी
By Ramanand Tiwari
MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज
By Ramanand Tiwari
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
By Sandeep Kumar
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
By Umeshwari Baghel
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
By Sandeep Kumar
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
By VINAY VERMA
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...
By Sandeep Kumar