एमपी में कॉलेजों में कमी के बीच प्राध्यापकों को प्रशासन अकादमी भेजने की तैयारी

Sanjay Sharma | Jan 09, 2026, 20:54 IST
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मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों के 8,000 से ज्यादा पद खाली हैं। प्रशासन अकादमी की मांग पर उच्च शिक्षा विभाग ने इनकी प्रतिनियुक्ति की तैयारी कर ली है।

BHOPAL. मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेज प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापकों की कमी झेल रहे हैं। 569 सरकारी कॉलेजों में 8 हजार पद खाली हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने अपने प्राध्यापक, सह और सहायक प्राध्यापकों को प्रतिनियुक्ति पर प्रशासन अकादमी भेजने की तैयारी की है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों को पत्र भेजकर ऐसे प्राध्यापकों का ब्यौरा मांगा है। इससे कॉलेजों में प्राध्यापकों की कमी और गहरी हो जाएगी।



अकादमी महानिदेशक ने लिखा पत्र

आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी ने अक्टूबर में उच्च शिक्षा विभाग से 24 रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति के लिए कर्मचारी मांगे हैं। अकादमी महानिदेशक सचिन सिन्हा ने एसीएस उच्च शिक्षा IAS अनुपम राजन को पत्र लिखा है। सरकारी कॉलेजों में पहले से ही प्राध्यापकों की कमी है। इससे कॉलेज प्रबंधन असमंजस में पड़ गए हैं।



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प्रतिनियुक्ति पर भेजने से मांगी सहमति

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रशासन अकादमी की मांग के आधार पर प्रतिनियुक्ति की तैयारी कर ली है। विभाग ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों को प्राध्यापक, सहायक और सह प्राध्यापकों की सहमति प्राप्त करने के लिए पत्र लिखा है। विभाग ने सहमति के साथ प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक शिक्षकों का ब्यौरा भी तीन दिन में उपलब्ध कराने निर्देशित किया है।



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प्राध्यापकों की कमी फिर भी प्रतिनियुक्ति

उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के 569 सरकारी कॉलेजों में एक दशक में शिक्षकों की कमी को दूर नहीं कर पाया है। सरकारी कॉलेजों में फिलहाल प्राध्यापकों के 76 फीसदी जबकि सहायक प्राध्यापकों के 56 फीसदी खाली हैं। ज्यादातर कॉलेजों के प्राचार्य के पद भी प्रभार पर हैं। कॉलेजों में प्राध्यापकों के 848 पदों के विरुद्ध केवल 206 ही भरे हैं। वहीं सहायक प्राध्यापक के 12,895 पदों में से 7,284 पद खाली हैं। इन खाली पदों पर गेस्ट फैकल्टी के सहारे पढ़ाई हो रही है।



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प्रशिक्षण में रुचि के आधार पर चयन

मप्र प्रशासन अकादमी महानिदेशक के पत्र के अनुसार क्षमता निर्माण नीति 2023 के अनुसार लोकसेवकों की कार्य क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके लिए कार्यस्थल पर ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने व्याख्यान रिकॉर्ड कर मिशन कर्मयोगी पर अपलोड किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले प्राध्यापकों एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारी उपलब्ध कराएं। इन कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति के लिए पांच साल के गोपनीय प्रतिवेदन एवं विभागीय जांच का ब्यौरा जीएडी भेजा जाएगा।







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