सीएस अनुराग जैन के इस किस्से ने खोली एमपी में भ्रष्टाचार की पोल

Sourabh Bhatnagar | Jan 22, 2026, 13:35 IST
CS anurag jain warns officials
कलेक्टर-एसपी की वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने भ्रष्टाचार और लंबित शिकायतों पर जमकर नाराजगी जताई है। उन्होंने एक किस्सा सुनाया, जिसने राज्य में हो रहे भ्रष्टाचार को बेनकाब कर दिया है।

News in Short

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों-एसपी के साथ बातचीत के दौरान भ्रष्टाचार पर तीखा हमला किया है।
  • उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों के भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताई और हर गतिविधि पर निगरानी की बात की है।
  • एक शिकायत पर नामांतरण के मामले में पैसों के लेन-देन की पुष्टि हुई, जिससे प्रशासन में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।
  • भिंड के कलेक्टर और एसपी को खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।
  • बैतूल कलेक्टर को वीडियो कांफ्रेंसिंग में लापरवाही के लिए फटकार लगाई गई है।

News in Detail

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों-एसपी की वीडियो कांफ्रेंसिंग (समीक्षा बैठक) में जिलों के प्रशासनिक कामकाज पर तीखा हमला बोला है।



सीएस ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता है।



उन्होंने कलेक्टरों से साफ कहा है कि कोई भी यह न सोचे कि सब कुछ छिपा रहता है, क्योंकि हमें सब कुछ पता चलता है। उन्होंने आगे कहा कि किसके यहां क्या हो रहा है, हम सब जानने में सक्षम हैं।



87656c9a-422


फिर जैन ने भ्रष्टाचार और पैसे के लेन-देन का एक ऐसा किस्सा सुनाया जिसने राज्य में हो रहे भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। अब, वो किस्सा क्या था...चलिए बताते हैं



इससे पहले आपको बता दें कि ये कांफ्रेंस दो बार टल चुकी थी और आखिरकार बुधवार, 21 जनवरी को हुई।



इस किस्से ने खोली एमपी में भ्रष्टाचार की पोल

सीएस जैन ने एक किस्सा सुनाया और बताया कि कैसे पैसों का लेन-देन हो रहा है। सीएस ने बताया कि एक शिकायत आई थी नामांतरण के बारे में, जिसमें लिखा था कि काम करने के पैसे मांगे जा रहे हैं।





सीएस ने इसे जांच के लिए कलेक्टर को भेजा, और कलेक्टर ने रिपोर्ट भेजी कि ऐसा कुछ नहीं है, शिकायत गलत है। फिर वो रिपोर्ट वैसी की वैसी शिकायतकर्ता को भेज दी गई।



ba859cd1-d34


लेकिन जब शिकायतकर्ता ने पलटकर जवाब दिया, तो उसने लिखा कि एसडीएम और पटवारी आए थे और 7.50 लाख रुपए में लेन-देन तय करके गए हैं।



ये सुनकर सीएस ने कलेक्टर को फिर से भेजा और जांच करने को कहा। कलेक्टर ने एडीएम को भेजा और इस बार शिकायतकर्ता की बात को सही पाया।



अब सीएस ने सवाल उठाया – ये सब क्या है?



आपके कामों पर पीएमओ तक की रहती है नजर

सीएस अनुराग जैन ने बताया (कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस) कि एमपी के हर प्रशासनिक काम पर पीएमओ की नजर रहती है। चाहे कलेक्टर किसी नए काम में लगे हों या फिर भ्रष्टाचार में, पीएमओ तक हर जानकारी पहुंचती है। और तो और, मुख्यमंत्री भी कलेक्टरों की हर एक गतिविधि पर नजर रखते हैं।



सीएस की यह बात सुनकर वीडियो कांफ्रेंसिंग में जुड़े कलेक्टर थोड़े घबराए हुए दिखे। यह कांफ्रेंस दो बार टल चुकी थी, और इस बार सुशासन की समीक्षा में यह सामने आया कि कई लोग अपनी शिकायतों का समाधान ही नहीं पा रहे हैं।



शासन में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और कमिश्नर स्तर पर लाखों शिकायतें लंबित हैं।



सीएस की चेतावनी, समय रहते सुधर जाएं

मुख्य सचिव ने अफसरों को चेतावनी दी कि वे करप्शन से दूर रहें। साथ ही, सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के भले के लिए काम करें। उन्होंने बताया कि कुछ जिलों से शिकायतें उनके पास और मुख्यमंत्री के पास पहुंची हैं, इसलिए अब समय रहते सुधार कर लें।



और क्या-क्या हुआ समीक्षा बैठक में...

भिंड कलेक्टर और एसपी को दो टूक चेतावनी

मुख्य सचिव ने भिंड के कलेक्टर (आईएएस किरोड़ी लाल मीणा) और पुलिस अधीक्षक असित यादव को सीधे शब्दों में कहा कि आपके क्षेत्र में खनन माफिया बेकाबू हैं। आप लोग लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। प्रशासन का डर अपराधियों में दिखना चाहिए, लेकिन यहां हालात उलट नजर आ रहे हैं।



आपका खौफ होना चाहिए- सीएस का कड़ा संदेश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चेताया कि माफियाओं के मन में प्रशासन का डर पैदा होना जरूरी है। यदि अवैध खनन खुलेआम चल रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे जिला प्रशासन और पुलिस की है।



वीसी में लापरवाही पर बैतूल कलेक्टर को फटकार

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के मोबाइल देखने पर मुख्य सचिव ने सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब मुख्य सचिव मीटिंग ले रहे हों, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जिले में कोई बड़ी घटना होगी, तो सूचना आपको मिल ही जाएगी।



सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर मऊगंज कलेक्टर से सवाल

मऊगंज जिले में सीएम हेल्पलाइन की बढ़ती शिकायतों पर भी मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सीधे पूछा कि आप लोग आखिर कर क्या रहे हैं, जब जनता को बार-बार शिकायत करनी पड़ रही है।



दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के एजेंडों की सख्त समीक्षा

सात और आठ अक्टूबर को हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की गई है। इसमें टॉप थ्री और बॉटम थ्री जिलों की परफॉर्मेंस साझा करते हुए कमजोर जिलों को जल्द सुधार के निर्देश दिए गए हैं।



तारीख पर तारीख, चौथी बार हो सकी समीक्षा बैठक

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडे की समीक्षा के लिए पहले 31 दिसंबर की तारीख तय हुई थी। फिर इसे 5 जनवरी किया गया, बाद में 15 जनवरी तय हुई, लेकिन प्रशासनिक कारणों से बैठक टलती रही है। आखिरकार चौथी बार तय तारीख पर यह अहम समीक्षा बैठक हो सकी है।



माफिया पर कार्रवाई नहीं तो अफसरों पर गाज

मुख्य सचिव की सख्त भाषा और सीधे सवालों से साफ है कि अब लापरवाही और संरक्षण बर्दाश्त नहीं होगा। खनन माफिया हो या प्रशासनिक सुस्ती, दोनों पर सरकार की नजर है और अगला कदम कार्रवाई का हो सकता है।



ये खबरें भी पढ़ें...

कलेक्टरों को सीएस अनुराग जैन की दो-टूक चेतावनी: बोले- आपके इलाके में माफिया बेकाबू, खौफ पैदा कीजिए



भागीरथपुरा कांड पर हाईकोर्ट में सीएस अनुराग जैन, एजी सिंह ने वीसी से रखी बात, 15 मौत मानी



CM की प्राथमिकताओं पर अमल, सीएस अनुराग जैन करेंगे रिव्यू



अशोकनगर कलेक्टर के पक्ष में सोशल मीडिया पर सक्रिय हुए लोग





Tags:
  • मोहन यादव
  • भ्रष्टाचार
  • पीएमओ
  • बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी
  • आईएएस किरोड़ी लाल मीणा
  • सीएस अनुराग जैन
  • कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस