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News in Short
- भागीरथपुरा में दूषित पानी के चलते 23 की जान जा चुकी है।
- इस घटना के बाद कई जनहित याचिकाएं लगी है। जिस पर सुनवाई की जा रही है।
- इसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन और एजी प्रशांत सिंह वीसी के जरिए पेश हुए और जवाब दिया।
- हाईकोर्ट ने सीधे मौत पर ही सवाल किया कि आप कितनी मौत मान रहे हैं।
News in Detail
भागीरथपुरा कांड को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में लगी कई जनहित याचिकाओं को लेकर एक बार फिर 15 जनवरी गुरुवार को सुनवाई हुई। इसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन और एजी प्रशांत सिंह दोनों ही वीसी के जरिए अपनी बात रखी। इसमें मौतों का आंकड़ा 15 माना गया। अगली सुनवाई 19 जनवरी को फिर ढाई बजे होगी।
भागीरथपुरा कांड में 23 की मौत
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुए कांड के चलते 23 की मौत हो चुकी है। हाईकोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच में गुरुवार को सुनवाई हुई। इसमें हाईकोर्ट में सीएस अनुराग जैन और एजी प्रशांत सिंह ने वीसी के जरिए बात रखी। लेकिन हाईकोर्ट ने सीधा सवाल पूछा कि आखिर आप कितनी मौत मान रहे हैं।
इस पर सीएस ने कहा कि 15 मौत को माना गया है कि दूषित पानी के कारण हुई है। बाकी जो मौत हुई है वह कोमार्बिलिटी (अन्य बीमारियां) के चलते हुए हुई है। लेकिन शासन ने उस एरिया में सभी प्रभावितों को राहत देने के लिए काम किया। इसलिए राहत राशि सभी मौत पर दी जा रही है और अभी तक 21 को दी जा चुकी है।
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रिपोर्ट क्यों जारी नहीं की गई
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया, मनीष यादव, विभोर खंडलेवाल और अन्य ने जनहित याचिकाओं पर बहस के दौरान यह मुद्दा उठाया कि रिपोर्ट अब तक नहीं दी गई है। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि सभी याचिकाकर्ताओं को इस रिपोर्ट की कापी दी जाए। ताकि मौत और मेडिकल स्थिति को लेकर स्पष्टता हो सके। इस पर सोमवार, 19 जनवरी को ढाई बजे फिर से चर्चा होगी।
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सीएस ने बताया कि आईएएस को हटाया
सीएस जैन ने कहा कि इस केस में हाईकोर्ट द्वारा जो भी आदेश दिए गए, उन पर काम किया गया है। सुरक्षित पेयजल के लिए सबसे पहले काम हुआ और साथ ही इलाज के लिए व्यवस्था की गई। दूषित पानी के सप्लाय, उपयोग को रोका गया और टैंकर से पानी दे रहे हैं। टेंडर हो चुके हैं और लाइन बदली जा रही है। इसमें आईएएस अपर आयुक्त, कार्यपालन इंजीनियर, जोन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया। साथ ही निगमायुक्त को भी हटाया गया है। उनकी जगह सीनियर एफिसिएंट आईएएस अधिकारी को निगमायुक्त बनाया गया है। आगे भी जो आदेश होंगे उसका पालन किया जाएगा।
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अरविंदों में नहीं हो रहा ढंग का इलाज
वहीं एक अधिवक्ता ने कहा कि अभी भी प्रभावितों को अच्छा इलाज नहीं मिल रहा है। इन्हें निजी बड़े अस्पतालों में किया जाए। अरविंदो अस्पताल में हालत खराब है। इलाज नहीं मिल रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि अस्पताल का चयन नहीं किया जा सकता। हालांकि, इलाज सही और अच्छा होना चाहिए।
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सीएस ने यह भी कहा अमृत 2 पर काम हो रहा
सीएस ने कहा कि अभी सीएम ने इंदौर में 800 करोड़ से अमृत योजना का शुभारंभ किया है। यह काम भी शुरू हो गया है। मुख्य बात सीवेरज व पेयजल लाइन का है कि यह साथ में नहीं हो। इस पर हम गंभीर है और काम किया जा रहा है। रोबोटिक्स मैकेनिज्म से भी काम किया जा रहा है। जिससे लीकेज आदि की जानकारी लग सके।
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