भागीरथपुरा कांड: दो सप्ताह से ज्यादा समय बीता, नहीं मिला लीक, अब नई नर्मदा लाइन ही आखिरी रास्ता

भागीरथपुरा कांड के दो हफ्ते बाद भी गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। नर्मदा जल आपूर्ति बंद है और नगर निगम को लीक का सुराग नहीं मिला। नई नर्मदा पाइपलाइन बिछाने की योजना और टैंकरों के जरिए पानी आपूर्ति की जा रही है।

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Rahul Dave
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News In Short

  • भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नर्मदा जल आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है।

  • नगर निगम ने नई नर्मदा पाइपलाइन बिछाने का फैसला लिया, जिसके लिए सड़कों की खुदाई की जा रही है।

  • पांच गलियों में एक साथ नर्मदा जल और ड्रेनेज लाइन का काम चल रहा, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।

  • दूषित पानी की घटना के बाद नर्मदा जल की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई, टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है।

  • नगर निगम ने ड्रेनेज चैंबरों की मरम्मत कर ली, लेकिन लीक का ठोस सुराग अब तक नहीं मिला है।

News In Detail

INDORE. भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों के बीमार पड़ने और मौतें होने की घटना को दो हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका है। क्षेत्र में नर्मदा जल आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है।

नगर निगम पानी की मुख्य लाइन में लीक तलाशने में जुटा है। वहीं, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गंदा पानी आखिर नर्मदा लाइन में कहां से मिल रहा है।

नई लाइन के लिए खोदी गई सड़कें

लीकेज का सुराग न मिलने के कारण नगर निगम ने इलाके में नई नर्मदा पाइपलाइन बिछाने का फैसला लिया है। इसके चलते भागीरथपुरा की कई गलियों में सड़कें खोदी गई हैं। पहले इमली वाली गली में खुदाई हुई और अब भागीरथपुरा चौकी के सामने नई लाइन डालने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

एक साथ काम से लोगों में नाराजगी

फिलहाल क्षेत्र की पांच गलियों में नर्मदा जल लाइन और ड्रेनेज लाइन का काम एक साथ चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम को एक-एक गली में चरणबद्ध तरीके से काम करना चाहिए था। एक साथ कई सड़कों के खोदे जाने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

IMP FACTS

पूरी तरह बंद है नर्मदा जल सप्लाई

दूषित पानी की घटना के बाद से नलों में नर्मदा जल की सप्लाई पूरी तरह बंद है। बीते पंद्रह दिनों से पूरा इलाका टैंकरों पर निर्भर है। निगम के जिरए करीब 35 टैंकरों से सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक पानी बांटा जा रहा है।

संकरी गलियों में जा नहीं पाते टैंकर

भागीरथपुरा की कई गलियां इतनी संकरी हैं कि टैंकर अंदर तक नहीं जा पाते। ऐसे में चौराहों पर टैंकर खड़े किए जाते हैं। रहवासियों को बाल्टियों से पानी ढोकर ले जाना पड़ता है। इसी व्यवस्था को लेकर कई बार टैंकर चालकों और लोगों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है।

नहीं मिला लीक

नगर निगम नर्मदा लाइन के ऊपर बने ड्रेनेज चैंबरों को तोड़कर उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण कर रहा है। अब तक एक दर्जन से अधिक नए ड्रेनेज चैंबर बनाए जा चुके हैं।

गलियों की ड्रेनेज लाइन की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दूषित पानी कहां से नर्मदा लाइन में प्रवेश कर रहा है। बावजूद इसके, लीक का ठोस सुराग अब तक हाथ नहीं लगा है।

Sootr Knowledge

जानें क्या है इंदौर का भागीरथपुरा कांड?

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में दूषित पानी की वजह से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया। दरअसल, नर्मदा जल की पाइपलाइन में सीवेज और ड्रेनेज लाइन का पानी मिल गया था।

इससे फीकल कोलिफॉर्म और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया फैल गए। इसके अलावा, इलाके के बोरवेल का गंदा पानी नर्मदा की पाइपलाइन में घुसकर पीने के पानी को जहरीला बना रहा था।

इस वजह से उल्टी और दस्त जैसी बीमारियां फैल गईं, और 3200 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए। इसे भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के मुख्य कारण के तौर पर बताया जा रहा है।

अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। एक 6 महीने का बच्चा भी इस संकट का शिकार हो गया। 414 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से ज्यादातर को छुट्टी मिल गई है।

वहीं, अभी भी करीब 40 से ज्यादा लोग इलाज करा रहे हैं। अब तक (जनवरी 2026 तक) भागीरथपुरा इलाके में नए मरीज निकल रहे हैं।

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