इंदौर भागीरथपुरा पर दो ACS आए, लेकिन मौतों के आंकड़े सब एक-दूसरे पर डाल रहे

इंदौर के भागीरथपुरा हादसे को 12 दिन हो चुके हैं। मौतों की संख्या का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।

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Sanjay Gupta
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Indore. इंदौर भागीरथपुरा हादसे को सामने आए 12 दिन हो चुके हैं, लेकिन आखिर इस गंदे पानी के चलते कितनी मौत हुई है। इस सवाल का जवाब शासन से लेकर प्रशासन तक किसी के पास नहीं है। इंदौर में भागीरथपुरा मुद्दे की समीक्षा के लिए भोपाल से दो एसीएस स्तर के सीनियर आईएएस नीरज मंडलोई और अनुपम राजन इंदौर आए। लेकिन मौतों के आंकड़ों पर उन्होंने भी पल्ला झाड़ लिया। 

क्या बोले दोनों सीनियर आईएएस

भागीरथपुरा मामले में अभी तक 20 मौतों की बात सामने आ चुकी है। जब मंडलोई और राजन से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, मरने वालों की संख्या क्लियर है। इस संबंध में कलेक्टर साहब से पूछिए, कितनों को मुआवजा दिया है।

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संभागायुक्त, कलेक्टर क्या बोल रहे हैं

संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी खाड़े भी कह रहे हैं कि इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा बताएंगे। वहीं कलेक्टर का कहना है कि इसके लिए डैथ एनालिस हो रहा है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। 

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मुआवजा 18 परिजन को दिया

उधर प्रशासन द्वारा 18 मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि दो-दो लाख रुपए दी गई है, जिसे प्रशासन द्वारा राहत राशि का नाम दिया गया है। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि यह राहत राशि दुखद घटना के लिए मदद के रूप में दी जाती है। 

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सीएम क्या बोल चुके

वहीं सीएम मोहन यादव इस मामले में कह चुके हैं कि यह कष्टप्रद घटना है। इस मामले में सरकार आंकड़ों में नहीं पड़ रही है। सरकार सभी के साथ है।

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बोरवेल के मैन लाइन से कनेक्शन काटेंगे

वहीं जैसा द सूत्र ने खुलासा किया था कि बोरवेल का पानी दूषित पाए गए। इसमें घातक फीकल कोलीफार्म बैक्टिरिया पाया गया है। यह बोरवेल नर्मदा की मुख्य लाइन में जुड़े पाए गए, जिससे यह दूषित पानी सभी जगह चला गया। इस मुद्दे पर राजन ने कहा कि इन बोरवेल के मैन लाइन से कनेक्शन काट रहे हैं। इनके चलते पानी दूषित हुआ है। वहीं जो भी लीकेज है उन्हें ठीक किया जा रहा है। सभी लोग टीम में काम कर रहे हैं। 

साफ जल के लिए अभियान शुरू कर रहे सीएम

राजन ने कहा कि साफ पानी के लिए सीएम शुद्ध पेयजल को लेकर राज्य शासन अभियान शुरू कर रहे हैं। इसमें कई गतिविधियां होगी।  इंदौर शहर की वाटर सप्लाय की मानीटर करने पर भी काम होगा। वाटर क्वालिटी का रियल टाइम जांच और मानीटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। सभी मुद्दों पर बात की है। 

मैन लाइन में जुड़ने वाले बोरवेल को सील करेंगे। टंकियों का पानी ठीक मिला है, 12-13 से इसकी सप्लाय शुरू कर देंगे। लेकिन सलाह रहेगी कि पानी को उबालकर पिएं। महामारी जैसी स्थिति थी, उस पर नियंत्रण रहे। संख्या लगातार मरीजों की कम हो रही है। सभी टीम लगी है। डायरिया केस में कमी आई है। पूरा अमला लगा हुआ है। 

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मेडिकल बुलेटिन में यह दी जानकारी

वहीं स्वास्थय विभाग से जारी मेडिकल बुलेटिन से सामने आया है कि शुक्रवार को 20 नए मरीज आए जिसमें से दो को अस्पताल रैफर किया गया। वहीं अभी तक 414 मरीज सामने आ चुके हैं जिसमें से 325 स्वस्थ हो चुके हैं और 45 अभी भी अस्पताल में है। आईसीयू में 11 मरीज है।

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