एमपी के कर्मचारियों ने की 2% महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग, नहीं बढ़ा DA तो मनाएंगे काली दिवाली
वहीं मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत भत्ता मिल रहा है। संघ ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग की है। बढ़ोतरी के आदेश जनवरी 2026 से लागू करने की मांग भी की है।
केंद्र के समान महंगाई भत्ता कब?
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक पिछले 10 महीनों में कई त्योहार निकल गए। अब दिवाली आने वाली है।
राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार दिवाली से पहले भत्ता फिर बढ़ाने की तैयारी में है। कर्मचारी जनवरी 2026 से बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं।
दिवाली से पहले क्या है मांग?
संघ ने दिवाली से पहले 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारी केंद्र के समान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत चाहते हैं। संघ ने बढ़ोतरी के आदेश जनवरी 2026 से लागू करने की मांग की है। इसमें 10 महीने का एरियर यानी बकाया रकम भी शामिल है।
लाड़ली बहना योजना और कर्मचारी
तिवारी ने राज्य सरकार के खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक कर्मचारियों को 2 प्रतिशत बढ़ोतरी और 10 महीने का एरियर देना है। इससे सरकार पर करीब 700 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। दूसरी तरफ लाड़ली बहना योजना पर हर महीने 1834 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को राशि दी जा रही है।
भत्ता बराबर क्यों नहीं?
700 करोड़ रुपए की रकम लाड़ली बहना योजना के मासिक खर्च से कम है। तिवारी इसी तुलना के आधार पर सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेती है।
प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल रहा?
शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय के डाक भवन के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार का ध्यान कर्मचारियों की मांगों की ओर खींचना था। संघ के संरक्षक मोहन अय्यर और एलएन कैलाशिया मौजूद रहे। एसएस रजक भी प्रदर्शन में शामिल हुए। कोषाध्यक्ष एसएल पंजवानी और महामंत्री उमाशंकर तिवारी भी पहुंचे।
मध्यप्रदेश वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष साबिर खान भी शामिल हुए। विभागीय समिति अध्यक्ष डॉ. अतुल दुबे भी प्रदर्शन में मौजूद रहे। आशुतोष शुक्ला और जयविंद सोलंकी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मोहन कुशवाहा और आरिफ अली भी प्रदर्शन में शामिल हुए। अवतार सिंह और रहमान खान भी मौजूद रहे। ईश्वर बाथम और राजकुमार चौरसिया ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। महिला कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत तत्काल बढ़ाने की मांग की।
एमपी के कर्मचारी और अफसरों में अंतर?
संघ का दावा है कि 850 अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को 2 प्रतिशत बढ़ोतरी मिली है। यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार की निर्धारित तारीख से लागू की गई। इन अधिकारियों में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अफसर शामिल हैं। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को भी इसका लाभ मिला है। भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी भी इनमें शामिल हैं।
संघ पदाधिकारियों के मुताबिक बाकी कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी से वंचित रखा गया है। उनका कहना है कि इन अधिकारियों का वेतन सामान्य कर्मचारियों से ज्यादा है। अधिकारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का लाभ मिल चुका है। दूसरी तरफ राज्य के बाकी कर्मचारी अब भी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं।
गैस और दाल महंगी, बजट बिगड़ा
संघ पदाधिकारियों ने महंगाई बढ़ने का मुद्दा भी उठाया है। उनके मुताबिक मार्च से जून के बीच घरेलू गैस 100 रुपए महंगी हुई। मई में पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़े।
दूध और चावल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। शक्कर और दाल के दाम भी बढ़े हैं। लगातार बढ़ती कीमतों से कर्मचारियों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है।पदाधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों को अब पहले से ज्यादा आर्थिक राहत की जरूरत है।
FAQ
- मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को अभी कितना महंगाई भत्ता मिल रहा है?
मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को अभी 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। पेंशनर्स को भी 58 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत भत्ता मिल रहा है। दोनों के बीच 2 प्रतिशत का अंतर है। - कर्मचारी संघ की प्रमुख मांग क्या है?
संघ ने दिवाली से पहले महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग की है। यह बढ़ोतरी 2 प्रतिशत करने की मांग है। आदेश जनवरी 2026 से लागू करने की मांग भी की गई है। संघ के मुताबिक 10 महीने के एरियर सहित करीब 700 करोड़ रुपए खर्च होंगे।