ESB ने बेरोजगारों से ली फीस, उन पैसों का क्या कर रही सरकार? क्या वन टाइम फीस फिर होगी लागू

Sanjay Gupta | Feb 24, 2026, 13:12 IST
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मध्य प्रदेश में ESB और MPPSC के जरिए बेरोजगारों से परीक्षा शुल्क के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए वसूले जा रहे हैं। वहीं, इसको लेकर एमपी विधानसभा में सवाल उठे हैं। जानें, इसको लेकर सरकार ने क्या जवाब दिया है...

INDORE. मध्यप्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल ( ESB ) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ( MPPSC) दो प्रमुख भर्ती एजेंसियां हैं। इनके जरिए उम्मीदवारों से परीक्षा शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपए हर साल लिए जाते हैं।



बेरोजगारों से वसूली जा रही इस राशि का क्या हो रहा है? क्या सरकार वन टाइम शुल्क फिर लागू करेगी? इन सवालों के जवाब विधानसभा में सामने आए हैं।



साल 2011-12 से 2020-21 के दौरान बेरोजगारों से परीक्षा शुल्क से ईएसबी ने एक हजार 47 करोड़ रुपए कमाए थे। वहीं खर्च मात्र 502 करोड़ रुपए हुए थे। यानी शुद्ध आय 545 करोड़ रुपए रही।



कांग्रेस विधायक ने लगाए तीखे सवाल

कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने एमपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बेरोजगारों से वसूले जा रहे शुल्क को लेकर तीखे सवाल लगाए। इसमें पूछा गया कि ईएसबी से स्कूल शिक्षा विभाग ने 297 करोड़ रुपए क्यों लिए?



यूथ महापंचायत की घोषणा के अनुसार वन टाइम फीस कब लागू की जाएगी? जब ईएसबी की आय एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है और खर्च आधे से भी कम हैं, तो फिर यह शुल्क कहां जा रहा है?



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मुख्यमंत्री ने यह दिए जवाब

इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ही जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा कि-



  • साल 2022 में 130 करोड़ रुपए और साल 2023 में 160 करोड़ रुपए विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना* के लिए ईएसबी से राशि ली गई थी। यह राशि लौटाने का सवाल ही नहीं उठता। यानी राशि ईएसबी को वापस नहीं की जाएगी।
  • वहीं वन टाइम परीक्षा शुल्क लागू करने की बात पर कहा गया कि अभी जानकारी एकत्र की जा रही है। यानी यह शुल्क लागू करने को लेकर कोई आश्वासन विधानसभा में नहीं दिया गया है।
  • वहीं ईएसबी की साल 2011-12 से 2020-21 तक बेरोजगारों से वसूले गए 1047 करोड़ रुपए और इस दौरान खर्च हुए 502 करोड़ रुपए का कोई हिसाब विधानसभा में नहीं दिया गया। इसमें भी कहा गया कि जानकारी एकत्र की जा रही है।

पुलिस सिपाही भर्ती में इसलिए दूर दिए सेंटर

वहीं पुलिस सिपाही और अन्य परीक्षाओं में उम्मीदवारों को दूर दिए जा रहे परीक्षा केंद्रों को लेकर भी सवाल था। इसमें भी जवाब दिया गया कि परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा के हिसाब से ही परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाते हैं।



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