एमपी के 29 जिलों में बदलाव, सरकार ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन
मध्यप्रदेश सरकार ने 29 जिलों में वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बदलाव से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा में जोड़ने का रास्ता आसान होगा।
महत्वपूर्ण कदम
इतिहास और पहल
इस बदलाव की नींव 20 साल पहले रखी गई थी। 2002-2004 के बीच राज्य सरकार ने वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 22 अप्रैल 2022 को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में वन समितियों के सम्मेलन में इस निर्णय की घोषणा की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री की बैठकें
सीएम डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम और पेसा अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
आदिवासियों के लिए फायदे
- जंगल कानून से राहत।
- बुनियादी सुविधाओं का विकास।
- कानूनी अधिकारों तक आसान पहुंच।
- मुख्यधारा में शामिल होने का मौका।
FAQ
- वनग्राम और राजस्व ग्राम में क्या अंतर है?
वनग्राम जंगल के अधीन होते हैं, जबकि राजस्व ग्राम कानूनी अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं से लैस होते हैं। - मध्यप्रदेश में कितने वनग्राम राजस्व ग्राम में बदले जा रहे हैं?
कुल 827 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में बदला जा रहा है। - इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आदिवासियों को कानूनी अधिकार और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना। - गजट नोटिफिकेशन का मतलब क्या है?
यह सरकारी दस्तावेज है जो किसी बदलाव को आधिकारिक रूप से मान्यता देता है। - क्या यह बदलाव सभी जिलों में लागू होगा?
हां, यह बदलाव मध्यप्रदेश के 29 जिलों में लागू किया जा रहा है।
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