मध्य प्रदेश में नई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति से 37 हजार नौकरियां मिलेंगी
मध्यप्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (Global Capability Center) नीति के तहत, 37 हजार से अधिक नौकरियां देने की योजना बनाई गई है।
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मल्टीनेशनल कंपनियों का एमपी में निवेश
अमेज़न (Amazon), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), और वॉलमार्ट (Walmart) जैसी कंपनियां राज्य में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। इन कंपनियों के साथ सरकार लगातार संपर्क में है। उन्हें 30 करोड़ (crore) तक की सब्सिडी दी जाएगी।
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जीसीसी (GCC) के तहत रोजगार की संभावनाएं
इस नीति के तहत, एमपी में अगले एक साल में 50 से अधिक जीसीसी खोले जाएंगे। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में IT सेक्टर को बढ़ावा देगी।
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तकनीकी क्षेत्र में एमपी की स्थिति
मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। यहां हर साल 50 हजार से अधिक इंजीनियर (Engineer) कॉलेजों से पास होते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवाओं को यहीं रोजगार मिले और उन्हें बाहर न जाना पड़े।
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उद्योगों को दी जाने वाली छूटें
जीसीसी नीति के तहत पूंजी निवेश पर कंपनियों को 40% सब्सिडी दी जाएगी। लेवल वन जीसीसी में 15 करोड़ का निवेश और 100 लोगों को रोजगार अनिवार्य है। वहीं, एडवांस्ड जीसीसी में 50 करोड़ का निवेश और 250 से अधिक लोगों को नौकरी देनी होगी।
रोजगार और वेतन में बढ़ोतरी
आईटी सेक्टर से जुड़े पेशेवरों को जीसीसी में आईटी सेक्टर के मुकाबले 20% अधिक वेतन मिलेगा। साथ ही, क्लाउड (Cloud), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics) जैसी आधुनिक तकनीकों में विशेषज्ञता विकसित की जाएगी।
FAQ
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) क्या है?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर एक ऐसा केंद्र होता है, जहां कंपनियां IT सेवाएं, रिसर्च और डेवलपमेंट कार्य करती हैं। इसमें अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और वॉलमार्ट जैसी प्रमुख कंपनियां मध्यप्रदेश में निवेश करने की योजना बना रही हैं।