एमपी सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा, जल्द होगी डिलीवरी

Sandeep Kumar | Mar 21, 2026, 16:10 IST
Challenger 3500
मध्यप्रदेश सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा है, जो जल्द ही सरकार के पास होगा। यह विमान 3500 किमी तक उड़ान भर सकता है और तकनीकी जांच के बाद जून 2026 तक डिलीवर होगा।

News in Short

  • मध्यप्रदेश सरकार ने 250 करोड़ रुपए में चैलेंजर 3500 विमान खरीदा।
  • विमान का निर्माण बाम्बार्डियर कंपनी कर रही है, जो कनाडा में तैयार हो रहा है।
  • नया विमान राज्य को किराए के विमानों से मुक्ति दिलाएगा।
  • विमान की उड़ान क्षमता 3500 किमी और अधिकतम गति 870 किमी/घंटा है।
  • विमान की तकनीकी जांच के लिए 50 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

News in Detail

मध्यप्रदेश सरकार ने 250 करोड़ रुपए की लागत से नया जेट विमान खरीदने का निर्णय लिया है। विमान का नाम चैलेंजर 3500 रखा गया है। इसे बाम्बार्डियर कंपनी बना रही है। विमान वर्तमान में कनाडा में तैयार हो रहा है। जून 2026 के अंत तक यह सरकार को सौंपा जाएगा।



एमपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए बदला नियम, ई-मेल पर आया नोटिस होगा मान्य



क्यों जरूरी था नया विमान?

एमपी सरकार के पास वर्तमान में अपना कोई विमान नहीं है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य मंत्रियों और अधिकारियों को हवाई यात्रा के लिए किराए पर विमान लेना पड़ता है। इससे हर महीने लाखों रुपए खर्च होते हैं। नया विमान अब किराए से मुक्ति दिलाएगा। यह राज्य के लिए बड़ी राहत साबित होगा।



जंगल खत्म करने में एमपी अव्वल, CSE रिपोर्ट में खुलासा, 23 हजार हेक्टेयर जंगल सिर्फ 5 साल में गायब



विमान की प्रमुख विशेषताएं

यह चैलेंजर 3500 विमान अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसकी उड़ान क्षमता बहुत ही प्रभावशाली है, क्योंकि यह एक बार में लगभग 3500 किमी की दूरी तय कर सकता है। इसका अधिकतम गति 870 किमी प्रति घंटा है, जो इसे तेज और सुरक्षित बनाता है। इस विमान में 8 से 10 यात्री यात्रा कर सकते हैं और इसमें दो कैबिन क्रू की सुविधा होगी।



मोनालिसा के पिता बोले- बेटी नाबालिग, धोखे से की शादी, एमपी पुलिस ने शुरू की जांच



मध्यप्रदेश के कथावाचक मोहित नागर कांग्रेस में शामिल, सरकार पर साधा निशाना



विमान की जांच के लिए विशेष टीम

विमान की तकनीकी जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। इस टीम में पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं। जांच के लिए 50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जांच के बाद ही विमान को भोपाल लाने के लिए तैयार किया जाएगा।



विमानन विभाग और तकनीकी टीम के विशेषज्ञों के अनुसार, यह विमान मध्यप्रदेश सरकार की सेवाओं के लिए मील का पत्थर होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के हवाई दौरों के लिए यह विमान अत्यधिक उपयोगी होगा।



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • एमपी सरकार
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • विमान