MP सरकार फिर लेगी 1800 करोड़ का कर्ज, इस साल उधारी 11 हजार करोड़ पार

Amresh Kushwaha | Jun 09, 2026, 10:36 IST
मध्यप्रदेश सरकार का कर्ज
मध्यप्रदेश सरकार आज, 09 जून को 1800 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेगी। यह दो किस्तों में होगा। इस वित्त वर्ष में अब तक 11 हजार करोड़ की उधारी हो चुकी है। कुल कर्ज बढ़कर चार लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए हो जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश सरकार आज दो किस्तों में 1800 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी।
  • पहली किस्त 1200 करोड़, दूसरी किस्त 600 करोड़ रुपए की होगी।
  • इस वित्त वर्ष में अप्रैल से अब तक कुल 11 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है।
  • नए कर्ज के बाद राज्य पर कुल 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ का बोझ होगा।
  • यह रकम आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म से नीलामी के जरिए मिलेगी।

MP सरकार, फिर बाजार से उधार

मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने जा रही है। आज यानी 09 जून को सरकार दो अलग-अलग किस्तों में कुल 1800 करोड़ रुपए उधार लेगी। सरकार ने इसके लिए दो राज्य विकास ऋण के री-इश्यू का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।



यह कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर (E-Kuber) प्लेटफॉर्म के जरिए नीलामी से लिया जाएगा। सरकार को यह रकम 10 जून को मिलेगी।



कैसे बांटी गई है 1800 करोड़ की उधारी

पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए की होगी। इस पर 7.86 प्रतिशत सालाना ब्याज लगेगा। इसकी अवधि 16 साल है और भुगतान 15 अप्रैल 2042 तक हर छह महीने में होगा।



दूसरी किस्त 600 करोड़ रुपए की है। इस पर 7.90 प्रतिशत ब्याज लगेगा। यह कर्ज 30 साल के लिए है और इसका भुगतान 15 अप्रैल 2056 तक हर छह माह में किया जाएगा। यानी यह कर्ज अगली तीन पीढ़ियों तक चुकाया जाएगा।



इस साल 11 हजार करोड़ की उधारी

यह अकेले जून की उधारी नहीं है। इस वित्त वर्ष में सरकार अप्रैल से ही कर्ज उठाना शुरू कर चुकी है। अप्रैल में 4600 करोड़, मई में 1800 करोड़ और अब जून में फिर 1800 करोड़ रुपए लिए जा रहे हैं। इस तरह चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 11 हजार करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है।



ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले वर्षों में सरकार आमतौर पर मई से कर्ज लेना शुरू करती थी। वहीं, इस बार अप्रैल से ही उधारी शुरू हो गई थी। यह बदलाव बताता है कि राज्य की वित्तीय जरूरतें पहले से बढ़ी हैं।



5 लाख करोड़ के करीब पहुंचा कुल कर्ज

नए कर्ज के बाद मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज चार लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए हो जाएगा। यह आंकड़ा पांच लाख करोड़ की सीमा को छूने के करीब है। 31 मार्च 2026 तक राज्य पर चार लाख 88 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज दर्ज था। उसके बाद से अब तक इस वित्त वर्ष में 11 हजार करोड़ और जुड़ चुके हैं।



सरकार का पक्ष यह है कि यह कर्ज विकास कार्यों पर खर्च किया गया है। सिंचाई, ऊर्जा, सहकारी संस्थाओं और पूंजीगत परियोजनाओं में इसका उपयोग बताया गया है।



केंद्र की मंजूरी भी मिली

संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत राज्य सरकार को बाजार से कर्ज लेने के लिए केंद्र सरकार की सहमति जरूरी होती है। इस बार केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। तभी यह नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।



सरकार का पैसा कहां जाएगा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्ज से मिली राशि प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं में लगाई जाएगी। वहीं, यह भी सच है कि कर्ज का बोझ राज्य की अर्थव्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है। पांच लाख करोड़ के करीब पहुंचा यह आंकड़ा आने वाले वर्षों में राज्य के बजट पर दबाव डालता रहेगा।



FAQ

  1. मध्यप्रदेश सरकार पर अभी कुल कितना कर्ज है?
    नए 1800 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए हो जाएगा। 31 मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 4.88 लाख करोड़ था। चालू वित्त वर्ष में अब तक 11 हजार करोड़ रुपए की नई उधारी हो चुकी है। नए कर्ज के बाद मध्यप्रदेश पर कुल कर्ज 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए हो जाएगा।

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