मध्यप्रदेश सरकार ने अपनाया स्वदेशी मेल प्लेटफॉर्म जोहो, 45 दिन में ईमेल नहीं किया तो अकाउंट होगा इनएक्टिव
Aman Vaishnav | Oct 12, 2026, 07:32 IST
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए जोहो मेल अनिवार्य
मध्य प्रदेश सरकार ने साइबर सुरक्षा के तहत एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। सरकार ने अब सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए जोहो मेल अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम विदेशी क्लाउड स्टोरेज पर निर्भरता घटाने के लिए उठाया गया है। इससे सभी अधिकारियों का संवेदनशील सरकारी डेटा देश के भीतर ही सुरक्षित रहेगा। हर कर्मचारी को महीने में एक बार ईमेल लॉगिन करना जरूरी होगा।
मध्य प्रदेश सरकार का स्वदेशी मेल प्लेटफॉर्म
हाल ही में भोपाल में राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MP-SEDC) और NIC के अधिकारियों की अहम बैठक हुई थी। इसके बाद इस व्यवस्था को लेकर आधिकारिक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए।
45 दिन नहीं खुले तो खाता होगा बंद
- महीने में एक बार लॉगिन: हर सरकारी कर्मचारी और अधिकारी को 30 दिन के अंदर कम से कम एक बार अपनी ईमेल आईडी खोलकर देखनी होगी।
- 45 दिन का नियम: अगर कोई कर्मचारी लगातार 45 दिनों तक अपने इनबॉक्स में लॉगिन नहीं करता है, तो सुरक्षा कारणों से वह ईमेल खाता अपने आप बंद यानी इनएक्टिव हो जाएगा।
- सालाना खर्च: सरकार इस सुरक्षित ईमेल व्यवस्था के रख-रखाव के लिए प्रति यूजर 2 हजार रुपए सालाना सेवा शुल्क चुकाएगी।
- डोमेन में कोई बदलाव नहीं: कर्मचारियों का ईमेल पता पहले की तरह ही रहेगा। इसमें कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा।
ईमेल आईडी का पता नहीं बदलेगा
बदलाव केवल पर्दे के पीछे हुआ है। पहले इसका बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर विदेशी कंपनियों जैसे गूगल या माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर पर चलता था, लेकिन अब यह भारतीय प्लेटफॉर्म जोहो के सुरक्षित क्लाउड पर चलेगा।
खुद का सुरक्षित इनबॉक्स और स्टोरेज
नई व्यवस्था लागू होने के बाद हर अधिकारी को एक अलग इनबॉक्स और सुरक्षित क्लाउड स्पेस मिलेगा। इससे कोई भी जरूरी ईमेल गायब नहीं होगा। साथ ही डेटा लीक होने का खतरा भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
स्वदेशी कंपनी जोहो को ही क्यों चुना गया?
केंद्र सरकार ने खुली टेंडर प्रक्रिया और सुरक्षा जांच के बाद जोहो को सरकारी ईमेल सेवा देने के लिए चुना है।
इसके पीछे मुख्य वजहें ये हैं...
- देश के भीतर सर्वर: जोहो के सारे डेटा सर्वर भारत की सीमाओं के अंदर ही स्थित हैं।
- सरकारी नियंत्रण: यह पूरा सिस्टम एनआईसी (NIC) की सीधी निगरानी में काम करता है।
- सख्त सुरक्षा नियम: यह कंपनी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) के सुरक्षा नियमों और जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर के मानकों का पूरा पालन करती है।
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