फिर 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी में मोहन सरकार, RBI को लिखा पत्र

Sourabh Bhatnagar | Feb 28, 2025, 15:47 IST
THE SOOTR
मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। इस बार सरकार 6 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उठाने जा रही है, जिसे मार्च के पहले सप्ताह में आधिकारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी।

मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हासिल करने का दावा किया था, लेकिन अब वह अपने खर्चों को पूरा करने के लिए 6 हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने की तैयारी कर रही है। इस कर्ज से राज्य की वित्तीय स्थिति और जटिल हो जाएगी। सरकार ने कर्ज लेने की औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं और आरबीआई को 'लेटर ऑफ विलिंगनेस' भेजा जा चुका है, जो उधार लेने से पहले एक आवश्यक प्रक्रिया है। यह कर्ज 4 मार्च को लिया जाना प्रस्तावित है।



इस वित्तीय वर्ष में अब तक सरकार 41 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है और नए कर्ज के बाद यह आंकड़ा 47 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। राज्य सरकार को इस वर्ष कुल 64 हजार करोड़ रुपए तक का कर्ज लेने की अनुमति मिली थी, जिसमें से अब तक 41 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है। वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में सरकार के पास 23,000 करोड़ रुपए तक और कर्ज लेने की गुंजाइश बनी हुई है।



कर्ज का बढ़ता बोझ और सरकार की सफाई

सरकारी खर्च और महंगी खरीदारी

जहां एक ओर सरकार कर्ज लेने की जरूरत जता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी खर्चों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



1. पिछले साल 10 जुलाई को सरकार ने 230 करोड़ रुपए की लागत से नया जेट विमान खरीदने की मंजूरी दी थी।


2. मंत्रियों के बंगलों के नवीनीकरण पर 18 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए।


3. मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के लिए नई कारों की खरीद भी की गई, जिस पर भारी रकम खर्च हुई।



इन खर्चों को देखते हुए यह सवाल उठने लगे हैं कि जब राज्य सरकार बार-बार कर्ज लेने की स्थिति में है, तो ऐसे गैर-जरूरी खर्चों को कम क्यों नहीं किया जा रहा है।



मध्य प्रदेश की कुल देनदारी

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, मार्च 2024 तक भारत में सभी राज्य सरकारों की कुल देनदारी 93 लाख 93 हजार 317.5 करोड़ रुपए थी, जिसमें अकेले मध्य प्रदेश की देनदारी 4 लाख 80 हजार 976 करोड़ रुपए थी।



विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार को वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए। लगातार कर्ज लेने से भविष्य में विकास योजनाओं पर दबाव बढ़ सकता है और राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर हो सकती है।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • MP News
  • मोहन सरकार
  • RBI
  • मोहन यादव
  • एमपी सरकार कर्ज लेगी
  • मध्य प्रदेश
  • MP सरकार पर कर्ज
  • आर्थिक संकट
  • एमपी कर्ज
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
  • मध्य प्रदेश समाचार