MP के 10 शहरों को दो साल में ग्रीन सिटी बनाने की योजना, होंगे कई बदलाव

Reena Sharma Vijayvargiya | May 14, 2025, 07:32 IST
The sootr
मध्यप्रदेश सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है, जिसके तहत अगले दो वर्षों में राज्य के 10 प्रमुख शहरों को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

MP News : मध्यप्रदेश सरकार ने दो वर्षों के भीतर राज्य के 10 शहरों को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, जिसमें हेरिटेज टाउन, पर्यटन स्थल और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय महत्व के शहरों को प्रमुखता दी जाएगी। ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किए जाने वाले इन नगरों में 75त्न नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।



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पायलट प्रोजेक्ट:- सांची और खजुराहो

इस परियोजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सांची और खजुराहो से की गई है। इन नगरों में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया गया है और सरकार जल्द ही अन्य नगरों में भी इस पहल को लागू करने की योजना बना रही है।



इन शहरों को शामिल करने की योजना

ग्रीन सिटी के लिए नगरों का चयन अभी भी जारी है, जिसमें महेश्वर, चंदेरी, मांडू, ओरछा, अमरकंटक, भीमबेटका, ओंकारेश्वर और चित्रकूट जैसे शहरों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। यह चयन नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025 की गाइडलाइन के आधार पर किया जा रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के एसीएस मनु श्रीवास्तव ने बताया कि इन नगरों में घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग की जाने वाली कुल बिजली का 75त्न हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से सप्लाई किया जाएगा।



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100% नवीकरणीय ऊर्जा

इन ग्रीन सिटीज में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर शत प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। सरकारी स्कूलों, आंगनवाडिय़ों, राशन दुकानों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी नवीकरणीय ऊर्जा की सप्लाई की जाएगी, खासकर उन स्थानों पर जहां सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक काम होता है।



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उपभोक्ताओं का शिफ्ट होना अनिवार्य

ग्रीन सिटीज में 6 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को नवीकरणीय ऊर्जा पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जाएगा और सहायता भी प्रदान की जाएगी। साथ ही, इन उपभोक्ताओं को अपनी छतों पर सोलर रूफ टॉप लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।



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ग्रीन सिटी में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे:-

  • -नए ग्रीन सबस्टेशन बनाए जाएंगे।
  • -हॉकर्स और वेंडर्स को सोलर लैंटर्न का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • -सभी स्ट्रीट लाइट्स सोलर से संचालित होंगी, जो ग्रीन स्ट्रीट्स का रूप लेंगी।
  • -बहुमंजिला भवनों और रहवासी समितियों में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
  • -इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों पर 50त्न बिजली नवीकरणीय स्रोतों से ली जाएगी।
  • -कम्युनिटी बेस्ड रीन्यूवेबल फार्मिंग और बायोगैस प्लांट को बढ़ावा दिया जाएगा, और इन्हें सरकार की तरफ से इंसेंटिव और सब्सिडी मिलेगी।

मध्यप्रदेश के ग्रीन सिटी पहल का उद्देश्य पर्यावरणीय दृष्टिकोण से प्रगति करना है और साथ ही राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और धार्मिक शहरों को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



राज्य योजना आयोग





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