कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए हेल्थ कार्ड की तैयारी, 3 ACS की कमेटी बनाएगी कैशलेस इलाज का खाका
Bhopal. मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी सौगात देने की तैयारी पूरी कर ली है। सरकार इसी वित्तीय वर्ष (Financial Year) में समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी में है।
इसका सबसे ज्यादा फायदा यह होगा कि अब इलाज के भारी-भरकम बिलों के भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि एक हेल्थ कार्ड के जरिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
तीन अफसरों की पावर कमेटी करेगी खाका तैयार
इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए मंगलवार, 10 मार्च को राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। इस कमेटी में तीन अपर मुख्य सचिव (ACS) स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
यह समिति योजना के हर तकनीकी और आर्थिक पहलू का बारीकी से अध्ययन करेगी। समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इलाज का गणित: 10 लाख तक की मिलेगी सुरक्षा
प्रस्तावित योजना के तहत कर्मचारियों को कुल 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुरक्षा मिलेगी। इसमें व्यवस्था को दो चरणों में बांटा गया है-
- पहले 5 लाख रुपए: यह राशि स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार सीधे कवर होगी।
- अगले 5 लाख रुपए (5 से 10 लाख तक): यदि इलाज का खर्च 5 लाख से ऊपर जाता है, तो स्वास्थ्य, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अफसरों की एक विशेष कमेटी इसकी सिफारिश करेगी। इस प्रक्रिया के नियम और शर्तें ACS कमेटी के जरिए ही तय की जाएंगी।
सरकार हर साल खर्च करती है करोड़ों रुपए
वर्तमान में सरकार कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर हर साल लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च करती है। अभी तीन हजार रुपए तक का सामान्य इलाज प्रतिपूर्ति के जरिए आसानी से मिल जाता है, लेकिन इससे अधिक खर्च होने पर ओपीडी और सीएमएचओ (CMHO) के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, फील्ड में तैनात कर्मचारियों के लिए मेडिकल बिल पास कराना एक बड़ी चुनौती रहती है। नई कैशलेस व्यवस्था इस जटिल कागजी कार्रवाई को खत्म कर देगी।
प्रीमियम के आधार पर मिलेंगी सुविधाएं
योजना में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर कर्मचारी के वेतन से कटने वाले प्रीमियम पर निर्भर करेगा। चर्चा है कि यदि अधिकारियों से एक हजार या 750 रुपए का प्रीमियम लिया जाता है, तो उन्हें अस्पताल में एसी रूम जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
वहीं, 500 और 250 रुपए प्रीमियम देने वाले कर्मचारियों को उसी के अनुरूप वार्ड और सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस पूरी योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की होगी।
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