MP के 500 सरकारी स्कूलों में शुरू होगी AI लर्निंग, दस हजार शिक्षकों की होगी भर्ती

Kaushiki | Aug 05, 2026, 13:20 IST
Mohan Cabinet Decision
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मिशन बुनियादी के तहत 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में AI लर्निंग प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 10 हजार शिक्षकों की भर्ती और 32 हजार 70 करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP सरकार 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में AI पढ़ाई शुरू करेगी।
  • यह स्पेशल प्रोग्राम कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए होगा।
  • स्कूल शिक्षा विभाग में दस हजार नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
  • मोहन कैबिनेट ने कुल 32 हजार 70 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मंजूर किए हैं।
  • पीड़ित पांच हजार किसानों के लिए 75 करोड़ की कवच योजना शुरू होगी।

एमपी का स्कूल एजुकेशन सिस्टम

MP cabinet decision:मध्यप्रदेश के स्कूल एजुकेशन सिस्टम में अब एक हिस्टोरिकल चेंज देखने को मिलने वाला है। अगर आप भी स्टेट के एजुकेशन मॉडल और गवर्नमेंट के नए इनिशिएटिव्स को लेकर क्यूरियस रहते हैं। तो मोहन कैबिनेट का यह लेटेस्ट फैसला आपके लिए काफी इंट्रेस्टिंग होगा। राज्य सरकार अब सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को ट्रेडिशनल स्टडीज के साथ-साथ फ्यूचरिस्टिक स्किल्स और एआई की टेक-सैवी दुनिया से जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।



इसके तहत एमपी के आठ चुनिंदा जिलों के 500 गवर्नमेंट स्कूलों में AI-बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। मिशन बुनियाद के अंडर शुरू हो रही इस पहल का मेन ऑब्जेक्टिव क्लास 8th से 12th तक के बच्चों को अर्ली एज में ही इमरजिंग टेक्नोलॉजीज से इंट्रोड्यूस कराना है। इससे हायर एजुकेशन में जाने से पहले ही स्टूडेंट्स की डिजिटल लिटरेसी, प्रॉब्लम सॉल्विंग और कोडिंग स्किल्स काफी स्ट्रॉन्ग हो सकेंगी।



इतना ही नहीं, एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के लिए 10 हजार टीचर्स की रिक्रूटमेंट को भी हरी झंडी दी गई है। साथ ही, कैबिनेट ने हेल्थ, स्पोर्ट्स और फार्मर वेलफेयर के लिए करोड़ों रुपए का मेगा बजट पास किया है। आइए, मोहन कैबिनेट के इन एजुकेशनल और डेवलपमेंटल फैसलों को डिटेल्स से जानें।



cabinet mp


मॉडर्नाइज होगा एजुकेशन सिस्टम

मध्य प्रदेश सरकार ने स्टेट के एजुकेशन सिस्टम को मॉडर्नाइज करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मिशन बुनियादी के तहत राज्य के आठ जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में एआई (Artificial Intelligence) बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में लिए गए इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य हायर एजुकेशन में जाने से पहले ही स्टूडेंट्स की डिजिटल स्किल्स और कोडिंग नॉलेज को मजबूत बनाना है।



8वीं से 12वीं तक का नया एआई सिलेबस

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक, यह एआई मॉड्यूल कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए फेज-वाइज लागू किया जाएगा। इसके लिए नया एआई करिकुलम तैयार किया जा रहा है।



कंटेंट को इंफॉर्मेटिव और अपडेटेड बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और लीडिंग एजुकेशनल इंस्टीटूशन्स के साथ पार्टनरशिप की जाएगी। इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चे फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी से शुरुआत से ही जुड़ सकेंगे।



10 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती

स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी कमी दूर होगी। सरकार जल्द 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती करेगी। लगातार 3 साल 100% रिजल्ट देने पर इनाम मिलेगा। ऐसे स्कूल के प्रिंसिपल को एक लाख रुपए दिए जाएंगे। स्कूल के विकास के लिए पांच लाख रुपए (एमपी शिक्षक भर्ती) अलग मिलेंगे।



इंफ्रास्ट्रक्चर और वेलफेयर को नया बूस्ट

मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और वेलफेयर को एक नया बूस्ट देने के लिए मोहन कैबिनेट ने एक बड़ा फाइनेंसियल डिसिशन लिया है। राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट को ध्यान में रखते हुए कुल 32 हजार 70 करोड़ रुपए के मेगा बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। यह विशाल अमाउंट मेनली हेल्थ सेक्टर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने पर खर्च की जाएगी।



बजट एलोकेशन की मुख्य बातें:

  • जिला और सिविल अस्पताल: अस्पतालों के मॉडर्नाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपए का बड़ा हिस्सा अलॉट किया गया है।
  • प्राइमरी हेल्थकेयर: गांव और कस्बों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रदेश में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए दो हजार 460.57 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
  • इस बजट आवंटन का सीधा फायदा राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाओं के रूप में मिलेगा।

किसानों के लिए खास कवच योजना

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए 75 करोड़ रुपए की कवच योजना को मंजूरी दी है। यह योजना उन किसानों के लिए एक जीवनदायिनी साबित होगी जो लंबे समय से बैंकिंग और लोन से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे। इससे-



  • पांच हजार किसानों को सीधी राहत: इस स्कीम से राज्य के लगभग पांंच हजार पीड़ित किसानों को सीधा फायदा और राहत मिलेगी।
  • नया लोन मिलने का रास्ता साफ: जिन किसानों के कोऑपरेटिव लोन एकाउंट्स (Cooperative Loan Accounts) किसी जांच के चलते ब्लॉक या फंसे हुए थे, वे अब खेती के लिए फ्रेश क्रेडिट या नया लोन ले सकेंगे।
  • जांच के कारण रुकी परेशानी का समाधान: कई बार प्रशासनिक जांच के चलते किसानों के खाते फ्रीज हो जाते थे, जिससे उन्हें नई फसल के लिए खाद और बीज खरीदने में दिक्कत होती थी। यह योजना इस समस्या को पूरी तरह खत्म कर देगी।
  • खेती के लिए दोबारा वित्तीय मदद: इस योजना का सबसे बड़ा मकसद किसानों को फिर से फाइनेंशियली मजबूत बनाना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के अपनी खेती का काम दोबारा शुरू कर सकें।

जमीनी स्तर पर स्कूलों का अपग्रेड

मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए ग्राउंड लेवल पर भी काफी तेजी से काम कर रही है। ग्रामीण इलाकों में बच्चों की स्कूलिंग और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए स्कूल अपग्रेडेशन का एक अहम फैसला लिया गया है। इस फैसले से-



  • मिडिल स्कूल बना हाई स्कूल: किरमिची बांधेरा के मिडिल स्कूल को अब अपग्रेड करके हाई स्कूल की मान्यता दे दी गई है।
  • काकराुआ के बच्चों को राहत: इस फैसले से काकराुआ गांव के बच्चों को अब आगे की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
  • टीचर्स की तुरंत नियुक्ति: स्कूल का स्टेटस बढ़ते ही प्रशासन ने बिना देरी किए नए टीचर्स की पोस्टिंग भी कर दी है।
  • खतरे का सफर हुआ खत्म: पहले छात्रों को स्कूल जाने के लिए खतरनाक रास्ते पार करने पड़ते थे। अब लोकल में ही पढ़ाई शुरू होने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
  • पेरेंट्स में खुशी की लहर: स्थानीय अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन के इस क्विक डिसीजन का दिल से स्वागत किया है।

हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत

डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने का काम तेजी से होगा। स्टेट डेटा सेंटर के लिए 1,099.58 करोड़ रुपए मिलेंगे। डेटा सेंटर को पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा। सरकारी सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी बहुत आसान हो जाएगी। साइबर सुरक्षा को भी पहले से बेहतर बनाया जाएगा।



प्रदेश में 9 से 17 अगस्त तक अभियान चलेगा। हर घर तिरंगा अभियान धूमधाम से मनाया जाएगा। यह आयोजन वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर होगा। पूरे राज्य में देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिक भी इस अभियान में हिस्सा ले सकेंगे। तो ये थे मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले। एमपी कैबिनेट के फैसले



FAQ

  1. MP के किन स्कूलों में AI की पढ़ाई शुरू होगी?
    मध्य प्रदेश सरकार मिशन बुनियादी के तहत 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में एआई (AI) आधारित शिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। यह कार्यक्रम कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू किया जाएगा।
  2. मोहन कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या बड़े फैसले लिए हैं?
    मोहन कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी है। इसके अलावा 3 साल लगातार 100% बोर्ड रिजल्ट देने वाले स्कूल प्रिंसिपलों को एक लाख और स्कूल विकास के लिए 5 लाख रुपए देने का निर्णय लिया है।
  3. किसानों के लिए स्वीकृत कवच योजना क्या है?
    कवच योजना मध्य प्रदेश सरकार की 75 करोड़ रुपए की राहत पहल है। इसके तहत उन पांच हजार किसानों को संस्थागत क्रेडिट (नया लोन) लेने की सुविधा मिलेगी, जिनके सहकारी ऋण खाते वर्तमान में जांच के अधीन हैं।

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