बाप-बेटे के रिश्ते का दायरा, हाईकोर्ट ने तय किया पिता कब मिलेगा और क्या खिलाएगा

Neel Tiwari | Jul 22, 2026, 13:47 IST
हाईकोर्ट ने तय किया बाप-बेटे के रिश्ते का दायरा
पति-पत्नी के विवाद के बाद जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो एक पिता के अपने बेटे से मिलने तक के नियम तय हो गए। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मुलाकात की तारीख, समय, जगह, बच्चे को क्या खिलाया जाएगा, फोटो कैसे ली जाएगी और कौन साथ जाएगा, सब स्पष्ट किया।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
  • पिता ने बेटे से मिलने का अधिकार मांगा था।
  • कोर्ट ने मुलाकात की तारीख और समय तय कर दिया है।
  • बच्चे को क्या खिलाया जाएगा, यह भी आदेश में लिखा गया है।
  • कोर्ट ने मुलाकात के दौरान सुरक्षा और निजता के नियम भी तय किए हैं।

जब परिवार कोर्ट पहुंचता है तो रिश्तों के भी बन जाते हैं नियम

पति-पत्नी के बीच झगड़े अक्सर घर की चारदीवारी तक रहते हैं। वहीं, कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि फैसला अदालत को करना पड़ता है। तब केवल कानूनी लड़ाई नहीं चलती, रिश्तों का हर पहलू भी नियमों में बंध जाता है।



मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का ताजा आदेश इसी सच्चाई को सामने लाता है। इस आदेश में पिता के बेटे से मिलने का पूरा तरीका तय किया गया है। यह मामला बताता है कि पारिवारिक विवाद का सबसे बड़ा असर बच्चों और माता-पिता के रिश्तों पर पड़ता है।



हाईकोर्ट ने तय की मुलाकात की पूरी समय-सारिणी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले की अंतिम सुनवाई फिलहाल टाल दी। अगली सुनवाई 09 सितंबर 2026 तय हुई है। तब तक कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था बनाई है। आदेश के अनुसार पिता विशाल अपने बेटे से 26 जुलाई, 02 अगस्त, 09 अगस्त, 16 अगस्त और 23 अगस्त 2026 को मिल सकेंगे। मुलाकात कानपुर में होगी। समय सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक तय किया गया। यह व्यवस्था दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर बनाई गई।





बच्चे को क्या खिलाएंगे, यह भी कोर्ट ने लिखा

इस आदेश का सबसे खास हिस्सा भोजन से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि पिता अपने बेटे को खाना खिला सकते हैं। वहीं, शुरुआत में केवल ब्रांडेड पैक्ड खाना ही दिया जाएगा, ऐसा इसलिए ताकि किसी तरह की शंका या विवाद की गुंजाइश न रहे। अदालत ने साफ किया कि यह व्यवस्था केवल अतिरिक्त सावधानी के लिए है। इससे बच्चे की सुरक्षा और दोनों पक्षों का भरोसा बना रहेगा।



फोटो लेने की छूट मिली, लेकिन कुछ शर्तों के साथ

कोर्ट ने पिता को बेटे के साथ तस्वीर लेने की अनुमति भी दी। वह मोबाइल से सेल्फी ले सकते हैं। इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति की मदद नहीं ली जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि मुलाकात घर के पास किसी सार्वजनिक स्थान पर हो सकती है। इसके लिए मॉल, पार्क या रेस्तरां जैसे स्थान चुने जा सकते हैं। मां से भी उम्मीद जताई गई कि वह पिता और बेटे को कुछ समय की निजता देंगी।



पुलिस, बाउंसर और सुरक्षा गार्ड साथ नहीं जाएंगे

अदालत ने इस मामले में एक और साफ निर्देश दिया है। पिता अपने साथ पुलिस, निजी सुरक्षा कर्मी या बाउंसर नहीं ले जाएंगे। कोर्ट का मानना था कि बच्चे के सामने सामान्य माहौल रहना चाहिए। मुलाकात किसी तनाव या डर का कारण नहीं बननी चाहिए। इससे बच्चा सहज महसूस करेगा और पिता के साथ समय बिता सकेगा।



एक पिता का अधिकार भी अदालत की शर्तों में बंध गया

आम दिनों में एक पिता अपने बच्चे के साथ बिना समय देखे खेलता है। वह उसे अपनी पसंद का खाना खिलाता है, तस्वीरें खींचता है और घूमने ले जाता है। लेकिन जब रिश्ता अदालत तक पहुंचता है, तब यही सामान्य बातें भी आदेश का हिस्सा बन जाती हैं। कौन मिलेगा, कब मिलेगा, कितनी देर मिलेगा और क्या करेगा, सब अदालत तय करती है। यह आदेश उसी बदली हुई हकीकत को दिखाता है।



बढ़ते तलाक और विवाद बच्चों पर छोड़ रहे गहरा असर

पिछले कुछ वर्षों में वैवाहिक विवाद और तलाक के मामले बढ़े हैं। हर मामला अलग होता है। हर विवाद के अपने कारण होते हैं। वहीं, सबसे कठिन स्थिति अक्सर बच्चों की होती है। उन्हें माता और पिता दोनों की जरूरत रहती है। अदालतें भी ऐसे मामलों में बच्चे के हित को सबसे ऊपर रखती हैं। इसलिए मुलाकात के अधिकार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाती है।



यह आदेश केवल कानून नहीं, एक सामाजिक संदेश भी है

हाईकोर्ट का यह आदेश बताता है कि परिवार टूटने का असर केवल पति और पत्नी तक सीमित नहीं रहता। इसका असर बच्चे और माता-पिता के रिश्ते पर भी पड़ता है। अदालत का प्रयास रहता है कि विवाद के बीच भी बच्चे का भावनात्मक रिश्ता दोनों माता-पिता से बना रहे। यही कारण है कि अदालत ने मुलाकात की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की। इससे भविष्य में किसी नए विवाद की संभावना भी कम होगी।



आदेश में क्या कहा गया

डिवीजन बेंच ने 9 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई तय की। तब तक पिता को तय तारीखों पर बेटे से मिलने की अनुमति दी गई। मुलाकात सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी। बच्चे को केवल ब्रांडेड पैक्ड भोजन दिया जाएगा। पिता मोबाइल से तस्वीर ले सकेंगे। मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर होगी। पिता अपने साथ पुलिस, निजी सुरक्षा या बाउंसर नहीं ले जाएंगे।



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