नीट-यूजी 2026 रिजल्ट में 241 अंकों का अंतर, NTA की कार्यप्रणाली को हाईकोर्ट में चुनौती

Kaushiki | Jul 22, 2026, 09:21 IST
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neet ug 2026
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नीट यूजी 2026 में झाबुआ के छात्र को ओएमआर शीट के अनुसार 305 अंक बनते थे, पर रिजल्ट में सिर्फ 64 अंक ही मिले हैं। मामला इंदौर हाईकोर्ट पहुंचा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • झाबुआ के एक छात्र ने नीट रिजल्ट में गड़बड़ी का दावा किया है।
  • OMR शीट के हिसाब से छात्र के 305 नंबर बनते हैं।
  • NTA ने फाइनल रिजल्ट में छात्र को केवल 64 नंबर दिए हैं।
  • दो अलग OMR शीट दिखने से ऑनलाइन सिस्टम पर सवाल उठे हैं।
  • छात्र की याचिका पर हाईकोर्ट ने NTA से जवाब मांगा है।

नंबर के अंतर पर हाईकोर्ट में याचिका

Indore. मध्यप्रदेश के झाबुआ के छात्र लोकेन्द्र सिंह खड़िया ने नीट यूजी 2026 परीक्षा के रिजल्ट को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका दावा है कि ओएमआर शीट और आंसर की के हिसाब से उनके 305 नंबर बनते थे। लेकिन फाइनल रिजल्ट में उन्हें सिर्फ 64 नंबर ही मिले। ये अंतर पूरे 241 नंबरों का है। मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में है। आइए जानें क्या है पूरा मामला।

Petition
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क्या है पूरा विवाद

नीट-यूजी (NEET UG) 2026 की पहली परीक्षा कैंसिल होने के बाद छात्रों ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा दी थी। झाबुआ के छात्र लोकेन्द्र सिंह खड़िया ने साल 2024 में बारहवीं पास की थी। इसके बाद वह करीब दो साल से इंदौर में नीट की तैयारी कर रहा था। परीक्षा के बाद उसे उम्मीद थी कि उसका स्कोर अच्छा रहेगा।

ओएमआर शीट में गड़बड़ी

14 जुलाई को एनटीए (NTA) ने ओएमआर शीट जारी की। छात्र ने पहली बार लॉगिन किया तो उसके फिजिक्स और केमिस्ट्री के सारे आंसर खाली दिखे।

कुछ देर बाद दोबारा लॉगिन करने पर एक दूसरी ओएमआर शीट दिखाई दी। इस बार उसमें आंसर एंटर किए गए थे। याचिका में इसे एनटीए के सिस्टम की गंभीर टेक्निकल गलीच बताया गया है।

241 नंबरों का अंतर

इस याचिका के मुताबिक, दूसरी ओएमआर शीट को ऑफिसियल आंसर की से मिलाने पर फिजिक्स में 104, केमिस्ट्री में 125 और बायोलॉजी में 76 नंबर बनते हैं। यानी कुल 305 नंबर। लेकिन 16 जुलाई 2026 को जब रिजल्ट आया, तो उसमें सिर्फ 64 नंबर दिखाए गए। छात्र लोकेन्द्र सिंह का कहना है कि ये गड़बड़ी डेटा प्रोसेसिंग या अप्रैजल सिस्टम में हुई है।

शिकायत का कोई असर नहीं

रिजल्ट आने के बाद छात्र ने ईमेल से एनटीए को शिकायत भेजी थी। याचिका के मुताबिक, इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण छात्र एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS), बीयूएमएस (BUMS), बीवीएससी (BVSc) और बीएससी नर्सिंग जैसे कोर्स की काउंसलिंग से डिनाइ हो रहा है।

रिवैल्यूएशन नहीं, सुधार की मांग

याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया है कि वह दोबारा इवैल्यूएशन नहीं चाहता। उसकी मांग है कि एनटीए अपने ही रिकॉर्ड में मौजूद इनकंसिस्टेंसी को ठीक करे।

कोर्ट से मांग की गई है कि ओएमआर शीट, इवैल्यूएशन प्रोसेस और नुमेरोलॉजिकल कैलकुलेशन का इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन कराया जाए।

एनटीए की वैलिडिटी पर सवाल

याचिका में एक और बड़ा मुद्दा उठाया गया है। इसमें कहा गया है कि एनटीए संसद से बनी संस्था नहीं है। यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत बनी एक सोसायटी है। ऐसे में देश की बड़ी प्रवेश परीक्षाएं कराने का उसका अधिकार भी न्यायिक समीक्षा के दायरे में आना चाहिए।

हाईकोर्ट में सुनवाई

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और आलोक अवस्थी की बेंच में हुई। कोर्ट ने प्रतिवादियों को छात्र की ओएमआर शीट से जुड़ी जानकारी लेकर कोर्ट को अवगत कराने को कहा है। अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। छात्र की तरफ से अधिवक्ता अभिनव पी. धनोडकर ने पैरवी की।

आगे क्या हो सकता है

अगर कोर्ट में यह विसंगति साबित होती है, तो इसका असर सिर्फ इस छात्र तक सीमित नहीं रहेगा। इससे नीट-यूजी 2026 की पूरी इवैल्यूएशन प्रोसेस पर सवाल उठ सकते हैं। मेडिकल काउंसलिंग की समय-सीमा को देखते हुए ये मामला अब बेहद संवेदनशील बन गया है।

FAQ

  1. छात्र लोकेन्द्र सिंह खड़िया का दावा क्या है?
    छात्र लोकेन्द्र सिंह खड़िया का कहना है कि ओएमआर शीट के अनुसार उसके 305 नंबर बनते थे। लेकिन रिजल्ट में सिर्फ 64 नंबर दिए गए। यह 241 नंबरों का अंतर है।
  2. लोकेन्द्र सिंह खड़िया ने क्या मांग की है?
    लोकेन्द्र सिंह ने रिवैल्यूएशन नहीं मांगा है। उसने ओएमआर शीट और इवैल्यूएशन प्रोसेस के इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन की मांग की है।
  3. अब इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की गई है। कोर्ट ने एनटीए से जवाब मांगा है।
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